बीजिंग, आइएएनएस : चीन के पहले चंद्र अभियान को लेकर अभी स्थिति भले स्पष्ट न हो, लेकिन उसने वहां रहने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए वैज्ञानिकों ने चांद जैसे वातावरण में रहने को लेकर परीक्षण शुरू किया है। कुल आठ लोगों पर सालभर यह अध्ययन किया जाएगा।
चीनी वैज्ञानिकों ने इस परीक्षण को यूगोंग-365 नाम दिया है। बुधवार से इस प्रयोग की शुरुआत की गई। पहले चरण में दो महिला और दो पुरुष 60 दिन तक इसमें रहेंगे। इसके बाद दो-दो महिलाओं और पुरुषों का दूसरा समूह इसमें 200 दिन बिताएगा। अंत में पहले समूह को फिर 105 दिन इसमें बिताना होगा।
चीन का चांद जैसे वातावरण में बायोरीजेनेरेटिव लाइफ सपोर्ट सिस्टम (बीएलएसएस) के काम के तरीके को परखने के लिए यह दूसरा प्रयास है। पहले 105 दिन का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। बीएलएसएस वह व्यवस्था है, जिसमें जीव, पौधे और सूक्ष्मजीव साथ रहते हैं। इस व्यवस्था में भोजन और पानी को रिसाइकिल करते हुए धरती जैसा वातावरण बनाया जाता है।
Source:jagran.com
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