Tuesday, 23 May 2017

बच्चों के लिए फलों के स्वाद वाला टीबी का टैबलेट

नई दिल्ली, प्रेट्र। टीबीग्रस्त बच्चों को अब कड़वे टैबलेट खाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने इसकी जगह स्ट्राबेरी और संतरे के स्वाद वाले टैबलेट पेश किया है। यह पहल अभी पांच राज्यों में की गई है। इस साल के अंत तक 17 और राज्यों को इसमें शामिल किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. जगदीश प्रसाद ने कहा कि फलों के फ्लेवर वाली टीबी की दवा देश के सभी पीडि़त बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। टीबी के इलाज और बच्चों के जीवित रहने की दर को सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है। आसानी से घुलने और फ्लेवर वाली दवा अभी बिहार, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम और केरल में उतारी गई है। मौजूदा समय में टीबी से पीडि़त बच्चे को वयस्कों वाली कड़वी दवा दिन में चार बार दी जाती है। कड़वी होने के चलते कई बच्चे दवा का पूरा डोज नहीं लेते और उनका इलाज पूरा नहीं हो पाता। इसके बाद फिर बीमार होने पर उनमें दवा प्रतिरोधक टीबी विकसित हो जाता है जिसका इलाज मुश्किल होता है।

नई फ्लेवर वाली दवा का डोज बच्चों के वजन के हिसाब से तय किया जाएगा। इसे छह श्रेणियों- चार से सात किलो, आठ से 11 किलो, 12 से 15 किलो, 16 से 24 किलो, 25 से 30 किलो और 30 से 35 किलो में बांटा गया है। डॉ. प्रसाद ने कहा कि आने वाले दिनों में आसानी से घुलने और फ्लेवर वाली टीबी की दवा वयस्कों के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक, भारत में करीब 25 लाख टीबी के मरीज हैं जिनमें पांच से छह फीसद बच्चे हैं।

Source:jagran com

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