Sunday, 14 May 2017

UK में भारतीय मूल के डॉक्टर ने दो दिन पहले ही दी थी साइबर अटैक की वॉर्निंग

लंदन. ब्रिटिश हॉस्पिटल्स में साइबर अटैक से दो दिन पहले ही एक भारतीय मूल के डॉक्टर ने यहां की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) को वॉर्निंग दी थी। डॉक्टर कृष्णा चिंतापल्ली ने कहा था कि हॉस्पिटल्स की बढ़ती हुई तादाद के चलते फिरौती के लिए रैनसमवेयर अटैक हो सकता है। डॉ. चिंतापल्ली लंदन के न्यूरोलॉजी एंड न्यूरो सर्जरी हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजी के रजिस्ट्रार हैं। उन्होंने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में बुधवार को पब्लिश आर्टिकल में ये वॉर्निंग दी थी। पहले भी एक हॉस्पिटल हुआ था वायरस का शिकार...

- आर्टिकल में डॉ. चिंतापल्ली ने एक हॉस्पिटल का जिक्र करते हुए कहा था, "कैम्ब्रिज के पास पेपवर्थ हॉस्पिटल में एक नर्स ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। ऐसा करते ही वायरस ने उसके कम्प्यूटर को इन्फेक्टेड कर दिया और सेंसेटिव फाइल्स को हैक कर लिया। शुक्र ये रहा कि हॉस्पिटल का डेली डाटा बैकअप कम्प्लीट हो गया था। आईटी डायरेक्टर ने कहा कि हम लकी थे कि इस मामले में टाइमिंग ने हमारा साथ दिया।"

रैनसमवेयर के लिए ज्यादा तैयार रहना चाहिए
- डॉ. चिंतापल्ली ने लिखा, "इस साल रैनसमवेयर अटैक के चलते ज्यादा हॉस्पिटल्स अचानक शटडाउन हुए हैं। हमें इस तरह के खतरे के लिए पहले से कहीं ज्यादा तैयार रहना चाहिए।"

अब तक का सबसे बड़ा साइबर अटैक
- बता दें कि भारत समेत दुनियाभर के 100 देशों में इतिहास का सबसे बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस से हुई। यूके के कई हॉस्पिटल्स में कम्प्यूटर्स और फोन बंद हो गए। 
- इसके बाद कई देशों में अस्पतालों, बड़ी कंपनियों और सरकारी दफ्तरों की वेबसाइट्स पर अटैक हुआ। इसे रैनसमवेयर अटैक कहा जा रहा है। यह ऐसा वायरस है जिससे डाटा लॉक हो जाता है। उसे अनलॉक करने के लिए हैकर्स बिटकॉइंस या डॉलर्स में रकम मांगते हैं। 
- भारत में इस वायरस का असर आंध्र प्रदेश के पुलिस नेटवर्क पर पड़ा है। आंध्र पुलिस का 25% इंटरनेट नेटवर्क शनिवार सुबह ठप्प पड़ गया। 

भारत पर कितना असर?
भारत में आंध्र प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट के सिस्टम्स पर रैनसमवेयर अटैक का मामला सामने आया। चित्तूर, कृष्णा, गुंटूर, विशाखापट्टनम और श्रीकाकुलम जिलों में 18 पुलिस डिपार्टमेंट्स के कम्प्यूटर ठप्प पड़ गए। 25% सिस्टम्स पर काम नहीं हो सका। डीजीपी एन संबाशिव राव ने कहा कि विंडोज से चलने वाले स्टैंडअलोन कम्प्यूटर्स पर असर पड़ा। उन्हें एहतियात के लिए लॉग ऑफ कर दिया गया। Apple iOS पर चलने वाले सिस्टम सेफ हैं। 

Source:bhaskar.com

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