Tuesday, 9 May 2017

एक्ट में संशोधन की तैयारी, चेक बाउंस के मामलों में नहीं होगा विलंब

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। चेक बाउंस के मामलों को जल्द सुलझाने के इरादे से सरकार नेगोशिएबल इंस्ट्रमेंट एक्ट में संशोधन की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में एक संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार किया है। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में सरकार यह विधेयक पेश कर सकती है।

वित्त मंत्रालय के बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंत्रालय को इसे मानसून सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। अधिकारी ने हालांकि यह बताने से इंकार कर दिया कि सरकार इस कानून में किस तरह के संशोधन करना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2017-18 के बजट भाषण में नेगोशिएल इंस्ट्रूमेंट एक्ट में संशोधन करने का इरादा प्रकट किया था। उन्होंने कहा था, ''हम जैसे जैसे डिजीटल लेनदेन और चैक भुगतान के पथ पर तेजी से बढ़ रहे हैं, हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि बाउंस्ड चैक को भुगतान प्राप्तकर्ता भुगतान लेने में समर्थ हो सकें, इसलिए सरकार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट कानून में संशोधन करने के विकल्प पर विचार कर रही है।''

इससे पहले भी सरकार 2015 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट में संशोधन कर चुकी है। उस समय सरकार ने इसमें यह प्रावधान किया था कि चैक जिस जगह बैंक में जमा किया जाता है, वहीं पर चैक बाउंस का मामला दायर किया जा सकेगा। इससे पहले यह प्रावधान था कि जिस जगह से चैक जारी किया जाता था, वहीं पर यह मामला दर्ज हो सकता था।

यह बदलाव इसलिए अहम था क्योंकि देशभर में चैक बाउंस के 18 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इस तरह बाउंस चैक के मामलों में फैसले आने में काफी वक्त लग जाता है। ऐसे में कारोबारियों को बाउंस चैक के मामले में अपनी धनराशि प्राप्त करने को लंबी कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। कुछ इस तरह के भी सुझाव आए हैं कि चैक बाउंस कराने के आरोपी व्यक्ति को अदालत में अपना पक्ष रखने से पहले उसे निर्धारित धनराशि जमा करने को कहा जाए।

Source:jagran.com

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