Friday, 29 April 2016

कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह की बेटी कर्णिका सिंह की कैंसर से मौत

नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की छोटी बेटी कर्णिका का कैंसर की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। कर्णिका ने आज सुबह 5:15 पर दिल्ली स्थित साकेत में मैक्स अस्पताल में आखरी सांसेंं ली।

बेटी कर्णिका सिंह की मौत पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया है, 'असमय निधन अत्यंत दु:खदायी है। ईश्वर परिवार को संबल दें और दिवंगत आत्मा को शांति।'

यहां पर बता दें कि कर्णिका सिंह फिलहाल दिल्ली के साकेत में स्थित नामी अस्पताल मैक्स में भर्ती थीं, जहां पर उनका इलाज चल रहा था। कर्णिका का इलाज अमेरिका में भी चला। पिछले साल दिग्विजय सिंह कैंसर से पीड़ित अपनी बेटी को देखने अमेरिका भी गए थे।

यहां पर याद दिला दें कि दिग्विजय सिंह एक बेटा व चार बेटियां थी। उनकी पहली पत्नी की आशा की मौत 2013 में हो गई थी। पत्नी की मौत भी कैंसर से ही हुई थी।

पिछले साल ही टीवी एंकर अमृता से शादी की बात दिग्विजय सिंह ने अमरीका से एक निजी चैनल से बातचीत में कबूली थी।

रियो ओलंपिक में पहली बार होंगे हॉकी क्वार्टर फाइनल

रियो ओलंपिक में पहली बार होंगे हॉकी क्वार्टर फाइनल

ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरो के डियोदोरो ओलंपिक पार्क में छह से 19 अगस्त तक चलने वाले हॉकी मुकाबलों में विश्व हॉकी लीग तथा कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप के माध्यम से क्वालीफाई करने वाली 12 पुरुष तथा 12 महिला टीमें भिड़ेंगीं।

प्रत्‍येक पूल से शीर्ष चार-चार टीमें नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी, जहां क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे और इसमें विजेता टीमें सेमीफाइनल में भिड़ेंगी। सेमीफाइनल की विजेता टीमों के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला होगा, जबकि खिताबी दौड़ से बाहर हुईं दोनों टीमों के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला होगा। 

उल्लेखनीय है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम छह अगस्त को क्वालीफायर टीम आयरलैंड के खिलाफ तथा महिला टीम सात अगस्त को जापान के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेंगी।

सीएम से मिलने का जिद कर रही तृप्ति देसाई को पुलिस ने हिरासत में लिया

सीएम से मिलने का जिद कर रही तृप्ति देसाई को पुलिस ने हिरासत में लिया

नयी दिल्ली :  भूमाता ब्रिगेड की मुखिया तृप्ति देसाई को हाजी अली में प्रवेश से रोक दिया गया. तृप्ति ने कहा कि हम यहां से सीधे मुख्यमंत्री आवास जा रहे हैं. उन्होने पहले  उम्मीद जतायी थी  कि आज उन्हें हाजी अली जाकर दर्शक का मौका मिलेगा. तृप्ति ने कहा था कि चुकि  यह हमारे अभियान का पहला दिन है और हम चाहते है कि हमें जाने दिया जाए और प्रार्थना करने दिया जाएगा. हाजी  अली में प्रवेश पर रोक लगने के बाद तृप्ति देसाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवन्द्र फडणवीस से मिलने का जिद कर रही थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा कि बिना समय लिये आप सीएम से मिल नहीं सकती लेकिन इसके बाद भी वो अड़ी रहीं. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.  


एक तरफ तृप्ति हाजी अली जाने के लिए तैयार हैं तो दूसरी तरफ उनका जोरदार विरोध शुरू हो गया है. पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. तृप्ति ने पहले ही कहा है कि हम पहले दिन ही आंदोलन का उग्र नहीं करना चाहते है इसलिए हम आज शांतिप्रदर्शन करेंगे. 

महाराष्ट्र के शनि शिगनापुर मंदिर के बाद  अब तृप्ति देसाई  हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश के लिए आंदोलन कर रहीं हैं. तृप्ति देसाई का कहना है कि हाजी अली दरगाह में 2011 तक महिलाओं का मजार तक प्रवेश था लेकिन उसके बाद इसपर प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह सही नहीं है. आपको बता दें कि हाजी अली में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की जा चुकी है.
 

गौरतलब है कि बाबा हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह का निर्माण 1631 में हुआ था और यह आस्था के केंद्र के तौर पर दुनिया भर में मशहूर है. महाराष्ट्र के दो बड़े मंदिरों शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की सफल कोशिश के बाद अब हाजी अली दरगाह के अंदर महिलाओं के प्रवेश को लेकर चर्चा छिड़ गई है. तृप्ति देसाई के हाजी अली दरगाह में जाकर चादर चढ़ाने की बात की जिसकी शिवसेना नेता हाजी अराफात ने कड़ी निंदा की है. तृप्ति देसाई के इस बयान के बाद हाजी ने उन्हें चप्पल से मारने की धमकी दी है.

तृप्ति महिलाओं के बराबरी की मांग कर रही है उन्होंने आरएसस में भी महिलाओं की बराबरी की मांग करते हुए मोहन भागवत से अपील की थी कि तृप्ति ने आरएसएस में महिलाओं को बराबरी का अवसर देने की मांग को लेकर आएसएस प्रमुख मोहन भागवत को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान को हमारा समर्थन करना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि उनके प्रशंसक हमें जॉइन करेंगे और समानता के लिए हमारी लड़ाई में समर्थन करेंगे.

नशे में हो लड़की तो कर सकते हैं ‘रेप

नशे में हो लड़की तो कर सकते हैं ‘रेप’

ओकहोमा। अमेरिका में अब अगर कोई लड़की नशे के हालत में है और उसके साथ ओरल सेक्स हो तो वह रेप नहीं होगा। ऐसा ही एक फैसला अमेरिका के ओकहोमा कोर्ट ने दिया। जिसके बाद सब हैरान रह गए। ओकहोमा कोर्ट ने कहा कि स्टेट लॉ में ओरल सेक्स रेप नहीं है, जब पीड़िता होश में न हो।

ओरल सेक्स रेप मामले में कोर्ट की हो रही है आलोचना

ओरल सेक्स रेप नहीं मामले में कोर्ट की कड़ी आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि जूडिशल सिस्टम पीड़िता को ही ब्लेम करने में लगा है। कोर्ट के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा जा रहा है कि रेप के बारे में पुरातनपंथी सोच को मान्यता दी जा रही है।

पीड़िता के वकील का कहना है कि कोर्ट के इस फैसले का वह व्यापक पैमाने पर समीक्षा कर रहे हैं। इनका कहना है कि यह रेप और सहमति में चीजों को घालमेल करने जैसा है।

यह मामला 17 साल के उस लड़के का है जिसने 16 साल की एक लड़की को नशे की हालत में शिकार बनाया। उसने लड़की को घर पहुंचाने के लिए लिफ्ट दी। एक पार्क में इसके बाद दोनों ने दोस्तों के साथ शराब पी। वहीं साफ हो गया था कि लड़की बिल्कुल होश में नहीं है। पार्क में बैठे लोगों ने बताया कि  लड़की फिर उसी कार में गई। एक दूसरे लड़के का कहना है कि लड़की पूरी तरह से बेहोश थी।

उस लड़के ने लड़की को उसकी नानी के घर पहुंचाया। वह तब भी बेहोश थी। लड़की को फिर हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां टेस्ट से पता चला कि लड़की के ब्लड में 34 प्रतिशत से भी ऊपर ऐल्कॉहॉल लेबल पाया गया।

लड़की की फिर यौन हमले की जांच की गई। टेस्ट से इस बात की पुष्टि हुई कि उस लड़के का डीएनए लड़की के शरीर पर था। खास कर उसकी पीठ और मुंह के चारों तरफ ज्यादा था। लड़के का दावा है कि लड़की ने सहमति से ओरल सेक्स कराया। लड़की का कहना है पार्क के बाद उसे कुछ भी पता नहीं है कि उसके साथ क्या हुआ।

लडकी के वकील ने आरोप लगाया है कि लड़के ने जबरन ओरल सेक्स किया है। लेकिन ट्रायल जज ने इस केस को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब लड़की होश में ही नहीं थी तब प्रॉसिक्युटर इस पर रेप का नियम नहीं लगा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि जब लड़की बुरी तरह से नशे की हालत में हो तब जबरन एनल या ओरल सेक्स नहीं किया जा सकता है।

अब रूस की लेडी पुलिस अफसर की न्यूड तस्वीरें वायरल

अब रूस की लेडी पुलिस अफसर की न्यूड तस्वीरें वायरल
रूस की एक लेडी पुलिस अफसर की न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। इन तस्वीरों में लेडी अफसर वर्दी के सारे बटन खोलते हुए दिख रही है। लेकिन अब इस मामले में दो नए मोड़ आए हैं।

न्यूड फोटो का नया मामला

लेडी अफसर का कहना है कि उसके एक्स ब्वायफ्रेंड ने इस तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। कुछ महीनों पहले दोनों में अपने रिश्ते खत्म कर लिए थे। लेडी पुलिस अफसर ने एक बार ब्वायफ्रेंड को अपनी तस्वीरें लोकल मीडिया को बेचते हुए भी पकड़ा था।

इन तस्वीरों में लेडी अफसर वर्दी के बटन खोलते दिख रही है। कुछ तस्वीरों में उसने अपनी पूरी वर्दी उतार दी है तो कुछ में वह सिर्फ टॉवल लपेटे हुए है।

वहीं, पुलिस को इस मामले में एक हैकर की भूमिका भी दिख रही है। इस हैकर ने अपना नाम नीतजेन 111 बताया है और अपना अपराध भी माना है।

इस हैकर का कहना है कि उसके पास कई और महिला अफसरों और नेताओं की न्यूड तस्वीरें हैं। उसने धमकी दी है कि अगर उसे मोटी रकम नहीं मिली तो वह इन तस्वीरों को भी सोशल मीडिया पर शेयर कर देगा।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं लेडी पुलिस अफसर का ब्वायफ्रेंड और हैकर एक ही तो नहीं। इससे पहले मैक्सिको की एक लेडी अफसर ने अपनी न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इसके बाद उसे फोर्स से निकाल दिया गया था।

ऐतिहासिक विरासत कालका-शिमला रेलखंड के नायक 'बाबा भलकू' को भुला दिया गया

ऐतिहासिक विरासत कालका-शिमला रेलखंड के नायक 'बाबा भलकू' को भुला दिया गया

दीपक बहल, शिमला । कालका-शिमला ऐतिहासिक रेल खंड बाबा भलकू की ही देन है। कालका शिमला रेल खंड के निर्माण के समय सुरंग संख्या 33 बनाते वक्त अंग्रेजी इंजीनियर सुरंग के छोर मिलाने में असफल हो गए थे। जिसके चलते अंग्रेजी हकूमत ने उस पर एक रुपया जुर्माना लगाया था। जिसकी शर्मिंदगी के चलते इंजीनियर बरोग ने खुदकुशी कर ली थी। इसी बीच गांव झाजा के बाबा भलकू ने अपनी छड़ी के साथ अंग्रेजी इंजीनियर को राह दिखाई जिसके चलते सुरंग के दो छोर मिले और कालका-शिमला रेलमार्ग का निर्माण पूरा हो सका।

अंग्रेजी हकूमत ने अपने इंजीनियर के नाम से बरोग स्टेशन का नाम तो रख दिया, लेकिन देश आजाद होने के बाद भी रेल मंत्रालय ने कालका-शिमला खंड में अहम योगदान करने वाले बाबा भलकू के काम को तवज्जो नहीं दी।

कालका से शिमला के बीच 18 स्टेशन हैं, लेकिन बाबा भलकू के नाम से कोई स्टेशन नहीं है। हालांकि, बाबा भलकू के योगदान से वाकिफ होने पर रेल मंत्रालय ने 13 जुलाई 2011 को भलकू रेल म्यूजियम शिमला में बनाया। भले ही रेल म्यूजियम भलकू की याद में बना दिया, लेकिन आज भी उनकी प्रतिमा के अलावा न तो उसमें फोटो हैं और न अंग्रेज हुकूमत द्वारा उनकी तारीफ में लिखे दस्तावेज। सोलन में गांव झाजा में रह रही बाबा भलकू की सातवीं पीढ़ी से भी कोई संपर्क साध दस्तावेज हासिल नहीं किए गए। सातवीं पीढ़ी परपौत्री पूनम व परिवार के अन्य सदस्यों ने रेलवे और हिमाचल सरकार द्वारा अनदेखी की दास्तां दैनिक जागरण को बताई। मांग की कि कालका-शिमला रेल खंड में 18 स्टेशनों में से किसी एक स्टेशन का नाम तो बाबा भलकू के नाम से होना चाहिए था। बाबा भलकू द्वारा बनाया लकड़ी का मकान आज भी ऐतिहासिक है। जिसमें कई पीढिय़ां रह चुकी हैं। उन्होंने इस मकान को भी हेरीटेज घोषित करने की मांग उठाई।

स्पेशल रेल चलाकर स्टेशनों से सामान जुटाकर बनाया संग्रहालय

कालका-शिमला रेल खंड का निर्माण 1898 में शुरू हुआ जो कि 9 नवंबर 1903 को पूर्ण हो गया था। 2008 में कालका शिमला रेल ट्रैक को यूनेस्को ने विश्व धरोहर की सूची में डाला। लंबे समय के बाद रेल मंत्रालय को बाबा भलकू के योगदान के बारे में पता चला जिसके बाद सन 2011 में एक स्पेशल ट्रेन चलाकर कालका से शिमला के बीच स्टेशनों से एतिहासिक सामान को जुटाया गया। संग्रहालय का नाम बाबा भलकू रखा गया।

भलकू की मृत्यु पर आज भी रहस्य

भलकू की याद में उनके गांव में मेला लगाया जाता है। बकायदा मार्केट में बाबा भलकू की प्रतिमा लगी हुई है जिसका शिलान्यास नवंबर 2003 में मुख्यमंत्री वीरभद्र ने किया था। इसी प्रतिमा के नीचे दर्शाया गया है कि वह 19वीं सदी के महान संत एवं कुशल इंजीनियर थे। जिन्होंने दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं को चीरते हुए सड़क निर्माण कर अद्भुत कीर्तिमान स्थापित किया था। कालका-शिमला रेलवे मार्ग के अलावा हिंदुस्तान-तिब्बत के निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। बकायदा इसकी पुष्टि अंग्रेजी हकूमत के दौरान लिखे गए दस्तावेजों में मौजूद है। अंग्रेज अधिकारी सी बैचलर और जेजी क्लार्सन ने भी अपनी किताबों में बाबा भलकू के योगदानसंबंधी किस्से लिखे हैं। जो कि परिवार के पास मौजूद हैं.

हमारी सीमा में नजर आए तो कुत्ते की मौत मारे जाएंगे अमेरिकी सैनिक: उ.कोरिया

सियोल। उत्तर कोरिया ने अमेरिकी सैनिकों पर दक्षिण कोरिया के सैनिकों को भड़काकर उनपर हमला करवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

उत्तर कोरियाई सेना ने शुक्रावार को बयान जारी कर अमेरिकी सैनिकों को धमकी भरे लहजे में कहा है कि अगर उन्होंने कोरिया की सीमा पर बसे पनमुनजोम गांव के आसपास अपनी गुंडागर्दी बंद नहीं की तो उन्हें किसी भी वक्त और किसी भी समय कुत्ते की मौत मारा जा सकता है।

उत्तर कोरिया की सेट्रल न्यूज एजेंसी प्योंग्यांग के मुताबिक उत्तर कोरिया के जवानों ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सैनिक उत्तर कोरियाई सैनिकों की तरफ उंगली करके अजीब तरीके की आवाज निकालते हैं और अजीब चेहरे बनाते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया और अमेरिका पर पहले भी कई बार बॉर्डर पर हिंसा भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है। आपको बता दें कि अमेरिका के 28 हजार सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं।

7वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों को जून-जुलाई तक मिल सकती है बढ़ी हुई सैलरी

नई दिल्‍ली : एक जनवरी 2016 से लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग का लाभ केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने का इंतजार जल्‍द खत्‍म हो सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सातवें वेतन आयोग के तहत अगले दो महीनों में केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ मिल सकता है। एक न्‍यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी जून या जुलाई महीने तक मिल सकती है।

इस रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सचिवों की अधिकार प्राप्त समूह सैलरी और पेंशन देने को लेकर वेतन आयोग की सिफारिशों पर जल्‍द सहमति प्रदान कर सकती है।

बता दें कि सरकार ने इसके लिए जनवरी में ही हाई पावर्ड पैनल बना दिया था, जिसे कैबिनेट सेक्रेट्री पीके सिन्‍हा हेड कर रहे हैं। इस पैनल को 7वें वेतन आयोग के सुझावों को लागू करवाना है। अगर 7वां वेतन आयोग लागू होता है तो इससे 47 लाख कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। नए पे स्‍केल लागू होने के बाद एक अनुमान के तौर पर सरकार के ऊपर 1.02 लाख करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।
7वें वेतन आयोग को 2016-17 में लागू किया जाना है। 7वें वेतन आयोग को लागू करने से खजाने पर पड़ने वाले बोझ संबंधी रिपोर्ट तैयार हो रही है।

गौर हो कि केंद्र सरकार से सातवें वेतन आयोग ने सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कर्मचारियों के वेतन और भत्ते 23.55 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की थी और सैनिकों की तर्ज पर असैन्य कर्मचारियों के लिए भी ‘वन रैंक - वन पेंशन’ की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की थी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपी गई वेतन आयोग की रिपोर्ट में मौजूदा कमर्चारियों के मूल वेतन में 16%, भत्तों में 63% और पेंशन में 24% इजाफे की सिफारिश की गई थी। न्यायमूर्ति एके माथुर की अगुवाई वाले इस सातवें वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार और अधिकतम 2.25 लाख रुपये तय करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वृद्धि की भी सिफारिश की है। छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 से लागू हुआ था और माना जा रहा है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू हो जाएंगी। यानी कर्मचारियों को एरियर एक जनवरी 2016 से मिलेगा। आमतौर पर राज्यों द्वारा भी कुछ संशोधनों के साथ इन्हें अपनाया जाता है। एक महत्वपूर्ण सिफारिश में आयोग ने ग्रैच्युटी निर्धारण में अधिकतम वेतन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है और जब कभी महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक बढ़ेगा, तो वेतन की अधिकतम सीमा में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।

आर्चरी विश्व कपः दीपिका क्वार्टर फाइनल में हारीं

शंघाई, प्रेट्र। विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के एक दिन बाद दीपिका कुमारी गुरुवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई। अन्य भारतीयों का भी पहले चरण की व्यक्तिगत स्पर्धा में प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

क्वालीफिकेशन दौर में 686 अंक के विश्व रिकॉर्ड के साथ बाई हासिल करने वाली शीर्ष वरीय दीपिका ने दो आसान जीतों के साथ शुरुआत की, लेकिन उन्हें डेनमार्क की माजा जागेर के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे महिला रिकर्व स्पर्धा में उनका अभियान समाप्त हो गया।

दीपिका के अलावा लक्ष्मीरानी माझी और जयंत तालुकदार भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए। जिससे कोई भी भारतीय अब व्यक्तिगत स्पर्धा में मेडल की दौड़ में नहीं बचा है। भारतीयों की नजरें अब टीम स्पर्धा और मिक्स्ड पेयर स्पर्धा पर टिकी हैं।

दीपिका ने जर्मनी की वेरोनिका हेडन को आसानी से 6-0 से हराकर अपनी शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने चीन की कुई युआनयुआन को 7-1 से हराया, लेकिन डेनिस खिलाड़ी जागेर के खिलाफ उनका मुकाबला मुश्किल रहा। 2-2 से बराबरी के बाद उन्हें 4-6 से हार का मुंह देखना पड़ा।

दीपिका की टीम साथी माझी को ताइपे की टैन या टिंग के खिलाफ 2-6 से शिकस्त मिली, जबकि रिमिल बुरुली को पहले दौर में कोरिया की किम चाइयुन ने 7-1 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया। तालुकदार को क्वार्टर फाइनल में ताइपे के वेई चुन हेंग के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि अतानु दास चुन हेंग से 2-6 से हार गए। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा को विश्व रिकार्डधारी और शीर्ष वरीय नीदरलैंड्स के माइक स्क्लोसेर के खिलाफ 148-149 से हार का मुंह देखना पड़ा।

PM मोदी ने कराया अपने सांसदों का सोशल मीडिया टेस्ट, सुषमा स्वराज अव्वल

अब तक ये समझा जाता था कि लोगों से जुड़ने वाले जमीनी हकीकत को समझने वाले लोगों के लिए राजनीति बनी है. लेकिन मोदी सरकार ने इसे गलत साबित कर दिखाया है. बीजेपी ने सांसदों का प्रभाव नापने के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट को खंगालना शुरू किया है. सोशल मीडिया पर सांसद कितने एक्टिव हैं इससे उनकी लोकप्रियता मापी जा रही है.

बीजेपी के डिजिटल सेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर एक डिजिटल एमआईएस बनाई है. जिसमें उन्होंने सभी 282 सांसदों के सोशल मीडिया अकाउंट को ट्रैक किया है. इस 6 पन्ने की रिपोर्ट में हर सांसद के ट्विटर और फेसबुक पर फॉलोअर की संख्या, ट्वीट्स की संख्या और रिट्वीट का हिसाब रखा गया है. इस रिपोर्ट का सबसे अहम पैमाना है कि क्या सांसद सरकार के काम का प्रचार करते हैं या नहीं. आखिर में उनके प्रोफाइल और स्टेटस पर फोकस किया गया है.

सोशल मीडिया पर सबसे आगे सुषमा
इस डिजिटल रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के स्टार परफॉर्मर रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, जिनके ट्विटर पर 50 लाख फॉलोअर हैं. तकरीबन साढ़े आठ लाख फॉलोअर के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी दूसरे स्थान पर रहे. इनके अलावा जनरल वीके सिंह, एमओएस एक्सटरनल अफेयर, कलराज मिश्र, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और डॉक्टर महेश शर्मा की भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के लिए पीठ थपथपाई गई है.

सोशल मीडिया पर मेनका की परफॉर्मेंस खराब
सरकार का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो खुद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं. ट्विटर पर एक करोड़ 96 लाख फॉलोवर्स वाले पीएम मोदी के सांसदों को सोशल मीडिया पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है. इस डिजिटल रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार के उन मंत्रियों का नाम भी उजागर हुआ है जो सोशल मीडिया पर सबसे कम सक्रिय रहते हैं. इनमें मेनका गांधी. संतोष गंगवार, डॉक्टर राम शंकर कठेरिया, संजीव बाल्यान, निरंजन ज्योति, निहाल चंद, हरिभाई चौधरी और हंसराज अहिर का नाम शामिल है.

गुजरात और यूपी के सांसदों ने किया निराश
प्रधानमंत्री के लिए सबसे शर्मनाक बात ये है कि सोशल मीडिया पर फिसड्डी सांसद उनके गृहनगर गुजरात और निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं. गुजरात मके 26 में से 15 सांसद तो ट्विटर और फेसबुक पर हैं ही नहीं या हैं भी तो उनकी मौजूदगी लगभग जीरो है. उत्तर प्रदेश में भी 71 में से 43 सांसद सोशल मीडिया पर इनएक्टिव हैं.

इंडिया रेटिंग्स ने वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 7.7 प्रतिशत किया

मुंबई : रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7.7 प्रतिशत कर दिया है। कमजोर औद्योगिक वृद्धि की वजह से वृद्धि दर का अनुमान घटाया है। इससे पहले इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य से बेहतर मानसून की भविष्यवाणी से कृषि क्षेत्र के लिए अनुकूल स्थिति है, लेकिन औद्योगिक वृद्धि जीडीपी की वृद्धि दर के रास्ते में अड़चन है।

इसमें कहा गया है कि सुधार की रफ्तार काफी सुस्त है और इसका पता औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के मासिक इंडेक्स से चलता है। 2015-16 के वित्त वर्ष में फरवरी तक औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर सिर्फ 2.6 प्रतिशत रही है।

इसमें कहा गया है कि सरकार की मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया तथा कारोबार सुगमता की पहल काफी चर्चा में हैं और इसकी वजह से भारत को विनिर्माण गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण गंतव्य माना जा रहा है, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर नतीजे देने में समय लगेगा।

सीबीआइ विशेष अदालत ने मधु कोड़ा, नवीन जिंदल सहित 15 पर आरोप तय करने का आदेश दिया

सीबीआइ विशेष अदालत ने मधु कोड़ा, नवीन जिंदल सहित 15 पर आरोप तय करने का आदेश दिया


नयी दिल्ली : कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले के एक मामले में एक विशेष अदालत ने उद्योगपति नवीन जिंदल, पूर्व कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव तथा 13 अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश में आरोप निर्धारण का आदेश दिया है. विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (आपराधिक साजिश) साथ में 409 और 420 और भ्रष्टाचार निवारक कानून की धारा (13:1सी, 13:1:डी) के तहत आरोप तय किए जाएं। अदालत ने हालांकि कहा कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप बाद में तय किए जाएंगे. जिंदल और राव के अलावा अदालत ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा, पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता तथा 11 अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है. 

सीबीआई ने 2008 में अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला ब्लाक के जिंदल स्टील एंड पावर लि. तथा गगन स्पॉन्ज आयरल इंडिया प्राइवेट लि. को आवंटन में कथित अनियमितता के लिए आरोपपत्र दायर किया था. इनके अलावा अन्य आरोपी हैं.जिंदल रीयल्टी प्राइवेट लि. के निदेशक राजीव जैन, जीएसआईपीएल के निदेशक गिरीश कुमार सुनेजा तथा राधा कृष्ण सर्राफ, न्यू दिल्ली एक्जिम प्राइवेट लि. के निदेशक सुरेश सिंघल, सौभाग्य मीडिया लि. के प्रबंध निदेशक के रामकृष्ण प्रसाद तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट ज्ञान स्वरुप गर्ग। ये आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं. 

साथ ही पांच कंपनियां जेएसपीएल, जिंदल रीयल्टी प्राइवेट लि. गगन इन्फ्राएनर्जी लि., सौभाग्य मीडिया लि. तथा न्यू दिल्ली एक्जिम प्राइवेट लि. भी इस मामले में आरोपी हैं. इस बीच, अदालत ने सुरेश सिंघल की माफी तथा वादामाफ गवाह बनने की याचिका पर सीबीआई तथा 14 आरोपियों को नोटिस जारी किया है. 

शेयर बाजार में मामूली सुधार

शेयर बाजार में मामूली सुधार

मुंबई, प्रेट्र। दलाल स्ट्रीट में शुक्रवार को मामूली सुधार आया। निवेशकों ने अंतिम कारोबारी घंटों में चुनिंदा शेयरों में लिवाली की। इससे बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 3.52 अंक सुधरकर 25606.62 अंक पर पहुंच गया। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 2.55 अंक बढ़कर 7849.80 अंक पर बंद हुआ।

हालांकि, साप्ताहिक आधार पर दोनों सूचकांक तीन हफ्तों में पहली बार गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान सेंसेक्स 231.52 अंक और निफ्टी 49.50 अंक टूटा।

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स इस दिन 25612.91 अंक पर मजबूत खुला। इसका निचला स्तर 25424.03 अंक रहा। निवेशकों की लिवाली के झोंके में इसने 25755.43 अंक का ऊंचा स्तर छूआ।

बीएसई के सूचकांकों में रीयल एस्टेट, पावर, हेल्थकेयर, मेटल, तेल एवं गैस और बैंकिंग बढ़े। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 17 के शेयर चढ़े, जबकि 12 में गिरावट दर्ज की गई। हीरो मोटोकॉर्प का शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

रुपया 19 पैसे सुधरा 
मुंबई : रुपये की कीमत में शुक्रवार को तेजी आई। डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 19 पैसे चढ़कर 66.34 के स्तर पर बंद हुई। बैंकों और निर्यातकों की ओर से अमेरिकी मुद्रा की बिकवाली ने रुपये को बल दिया।

हाई कोर्ट ने शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण को ठहराया वैध

हाई कोर्ट ने शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण को ठहराया वैध

इलाहाबाद। प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों को दूरस्थ माध्यम से बीटीसी प्रशिक्षण दिए जाने को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वैध ठहराया है। कोर्ट ने फिलहाल इसके खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है और कहा है कि चूंकि मामला खंडपीठ से तय हो चुका है इसलिए हस्तक्षेप का औचित्य नहीं है। छह माह के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्रों ने राहत की सांस ली है।

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षा मित्रों को दूरस्थ पद्धति से दो साल का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके खिलाफ बीटीसी अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से दूरस्थ विधि से दिया गया प्रशिक्षण नियमों के अनुसार नहीं है। इस मामले की न्यायमूर्ति बी. अमित स्थालेकर ने सुनवाई की। शिक्षा मित्रों की ओर से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। तर्क दिया गया कि हाई कोर्ट की खंडपीठ में यह मामला पहले आ चुका है जिसमें बीटीसी अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली थी। कोर्ट ने तर्कों से सहमति जताते हुए हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर को शिक्षामित्रों का समायोजन रद करते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ ने दूरस्थ शिक्षा से प्रशिक्षण देने के मामले की वैधता एनसीटीई पर छोड़ दी थी। उस समय हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रशिक्षण के मामले में एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन) का निर्णय ही मान्य होगा। बाद में खंडपीठ के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया। कुछ दिन पूर्व बरेली के एक अभ्यर्थी की ओर से मांगी गई जनसूचना का जवाब देते हुए एनसीटीई ने बीटीसी के दूरस्थ प्रशिक्षण को वैध माना था। उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि हाई कोर्ट के इस फैसले से शिक्षा मित्रों का मनोबल बढ़ा है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ और आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने भी कोर्ट से फैसले का स्वागत किया और सुभाष चौराहे पर मिठाइयां बांटी।