कहते हैं न कि जज्बा हो तो हर काम संभव है। किसी ने ठीक ही कहा है, कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारो। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है विश्व रिकॉर्डधारी अमेरिकी धाविका केंद्रा उर्फ केनी हैरिसन ने। वह आईएएएफ दोहा डायमंड लीग में 100 मीटर बाधा दौड़ के पहले बायें हाथ की हड्डी तुड़वा बैठीं। इसके बावजूद 12.59 सेकेंड में दौड़ पूरी की और इसमें अव्वल भी रहीं।
No comments:
Post a Comment