संसद में ऐसे स्कूलों की एक रिपोर्ट पेश की गयी जहां स्कूल केवल एक शिक्षक से चल रहा है।
देहरादून। पूरे देश में एक टीचर के बदौलत चलने वाले स्कूलों के रिपोर्ट को संसद में पेश किया गया। इस रिपोर्ट में और भी कई ऐसे आंकड़े हैं जो देश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बताने लिए काफी हैं।
देश में करीब 1,05,630 प्राथमिक और माध्यमिक सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक टीचर ही स्कूल चला रहा है। इस मामले में सबसे खराब स्थिति मध्य प्रदेश की है जहां ऐसे स्कूलों की संख्या 17,874 है। यह सरकारी आंकड़े हैं असल स्थिति इस से भी बदतर हो सकती है।
एक टीचर की बदौलत चल रहे स्कूलों में दूसरे नंबर पर है उत्तर प्रदेश जहां ऐसे 17,602 स्कूल हैं। इसके बाद एक शिक्षक पर 13,575 स्कूल वाला राजस्थान है। संसद में यह रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने रखी। पूरे देश में ऐसा कोई भी राज्य नहीं है जहां ऐसी हालत न हो। हालांकि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुदुचेरी में ऐसा कोई भी स्कूल नहीं है जो केवल एक टीचर से चल रहा हो। वहीं दिल्ली में ऐसे स्कूलों की संख्या 13 है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, बिहार में 3708 ऐसे स्कूल हैं। केंद्र में काबिज रही सभी सरकारों ने शिक्षा के अधिकार पर बल दिया है लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। शिक्षा के अधिकार (RTE) की गाइडलाइन्स के अनुसार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 30 से 35 बच्चों के लिए एक शिक्षक होगा।
Courtesy: jagran. Com
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