देहरादून। आपको बल्ब जलाना हो तो बिजली या फिर बैटरी की जरुरत पड़ती है। अगर हम आपसे कहें कि अब बिना बिजली और बैटरी के भी बल्ब जल सकता है। तो आपको शायद हैरानी होगी लेकिन इस तरह का बल्ब बन चुका है। जिसका नाम जुगाड़ बल्ब।
जुगाड़ बल्ब बनाने का तरीका
ये जुगाड़ बल्ब बनाने के लिए एक खाली बोतल में पानी और ब्लीच पाउडर की जरुरत पड़ती है। बोतल में भरा पानी सूरज के प्रकाश को रिफलेक्ट कर कमरे को पूरी तरह रोशन करता है। यह आइडिया पर्यावरण संरक्षण की राह भी आसान करता है।
देहरादून स्कूल के 12वीं कक्षा के एक छात्र तेजित पबारी ने इस अध्ययन से अपनी सृजनशीलता का लोहा मनवाया है। विद्यालय के छात्र तेजित पबारी का ‘ए स्टडी ऑन द सोलर एल्यूमिनेशन प्रोवाइडेड बाय ए वाटर बॉटल्स’आधारित शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
जिसे उन्होंने कृषि संस्कृति पब्लिकेशन द्वारा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘नैचुरल/एप्लाइड साइंसेज, इन्वाइरन्मेंटल इंजीनियरिंग एंड सस्टेनबल डेवलपमेंट के लिए क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी’ (सिनर्जी-2016) में प्रस्तुत किया।
इस सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले वह एकमात्र स्कूली छात्र थे। बाकी आईआईटी दिल्ली व दिल्ली विवि के एमटेक के छात्र थे। जिसके बाद वह गूगल साइंस फेयर 2016 में रीजनल फाइनलिस्ट बनने के साथ ही दुनिया में टॉप 100 की सूची में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सभी स्कूलों से इस तरह के बच्चों को बढ़ावा देने की बात कही है।
Courtesy: puriduniya. Com
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