Sunday, 28 August 2016

नालंदा विवि का दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति ने छात्रों को दी डिग्रियां

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी नालंदा विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह मे भाग लेने राजगीर पहुंचे । राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह की विधिवत शुरुआत करते हुए छात्रों को सम्मानित किया।

पटना [वेब डेस्क]। नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय के पहले सत्र के कुल बारह छात्रों को सम्मानित किया जिनमें से दो छात्रों, शशि अहलावत और साना सालाह को राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल से नवाजा, साथ ही अन्य दस छात्रों को सम्मानित किया गया। सभी छात्रों को सर्टिफिकेट भी दिए गए। राष्ट्रपति कार्यक्रम के बाद पटना होते हुए बंगलूरू रवाना हो गए हैं।

राजगीर से पटना आने के बाद बंगलूरू रवाना होने के वक्त राज्यपाल रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें विदाई दी। इससे पूर्व नालंदा विवि के पहले दीक्षा समारोह के लिए राजगीर पहुंचने पर राष्ट्रपति ने नालंदा विश्वविद्यालय के पहले बैच के विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक महत्व के विश्वविद्यालय रहे हैं जो हमारे लिए गर्व की बात है।

राज्यपाल ने कहा - बिहार सरकार ने की मदद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने राज्य सरकार की जमकर तारीफ की और कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से खड़ा करा बहुत बड़ी चुनौती थी लेकिन यह संभव हो गया और आज का दिन काफी स्मरणीय है। इस विश्वविद्यालय के लिए नीतीश कुमार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

नीतीश ने हा - बिहार सरकार करेगी पूरी मदद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि '2006 में इस विवि की हुई शुरूआत और नालंदा विवि को बिहार सरकार मदद कर रही है। विवि के लिए 70 एकड़ जमीन इनडाउनमेन्ट के लिये उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से खुश हूं। मैं चाहता तो यह जल्द से जल्द इसे अपनी बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाता।

मैं चाहता हूं कि विश्वविद्यालय राज्य और केंद्र सरकार पर आश्रित ना होकर खुद पर आश्रित हो जाए। नीतीश कुमार ने नालंदा को विश्व धरोहर में शामिल होने पर खुशी जताई और कहा कि अब तेल्हाड़ा और विक्रमशिला को भी विकसित करना है।

नालंदा विवि की वीसी ने कहा - एेतिहासिक क्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समारोह में राष्ट्रपति के साथ मंच पर मौजूद हैं। साथ ही अन्य गणमान्य लोग भी राष्ट्रपति के साथ मंच पर हैं मौजूद, राष्ट्रगान के बाद वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने महामहिम का स्वागत भाषण पढा। स्वागत भाषण के बाद वीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 800 साल के बाद आया है।

दो छात्रों को राष्ट्रपति ने दिया गोल्ड मेडल

कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने छात्रों को सम्मानित किया जिसमें कोलकाता की साना सालाह को गोल्ड मेडल मिला। कोलकाता की साना ने प्राणी विज्ञान में कोलकाता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। ये पशुओं की समर्थन के लिए समर्पित है।

वहीं गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा शशि अहलावत, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्नातक शशि हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाली हैं। कला का इतिहास दक्षिण एशियाई बौध कला पर इन्होंने शोध किया है।

राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर आज सुबह 10.43 में राजगीर पहुंचा। राष्ट्रपति का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर जॉर्ज यीओ और वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने किया।

राष्ट्रपति ने किया नालंदा विवि के नये भवन का शिलान्यास

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने नालंदा विवि के नये भवन का शिलान्यास किया। उसके बाद उन्होंने दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी सम्मानित होने वाले छात्रों के साथ राष्ट्रपति ने फोटोग्राफ भी खिंचवाई। उनके साथ नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन भी मौजूद रहे।

राजगीर पहुंचकर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कार्यक्रम में बने पंडाल के बाहर लगे तस्वीरों को देखा I विवि के प्रथम दीक्षांत समारोह में आठ देशों के प्रतिनिधिमंडल और राजदूत भी शामिल हुए।

कई गणमान्य लोगों ने भी की शिरकत

राष्ट्रपति के साथ ही राज्यपाल रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई मंत्री और गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। जिसमें नालंदा विश्वविधालय के प्रबंध समिति के सदस्य लार्ड मेघनाथ देसाई, राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, भाजपा नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार, आद्री के अध्यक्ष शैबाल गुप्ता के साथ ही मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, जदयू नेता श्रवण कुमार और नालंदा के सांसद सहित स्थानीय विधायक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उनके साथ हीके साथ ही विश्विद्यालय के वाइस चांसलर गोपाल सभरवाल भी पहुंचे।

छात्रों ने पहनी खादी

नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का यह पहला दीक्षांत समारोह है। समारोह में खादी को प्रोमोट करने के लिए सभी सम्मानित होने वाले छात्रों ने खादी का गाउन पहना। राष्ट्रपति के नालंदा आगमन पर नालंदा के लोगों में काफी उत्साह दिखा। लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे।

इन 12 छात्रों को मिली उपाधि

मेकेन डैनियल इसाक

मैसूर कर्नाटक के रहने वाले डैनियल बीकॉम एमबीए और एमए डिग्री धारी हैं। इन्होंने प्रबंधन और प्रशासन के अध्यापक के रूप में मैसूर विश्वविद्यालय में काम किया है। इन्होंने जलवायु विज्ञान और नीति, दीप, पारिस्थितिकी, पर्यावरण प्रभाव, आकलन और मॉडलिंग, पर्यावरण जोखिम और आपदा युद्ध पारिस्थितिकी और पर्यावरण क्षेत्र, सतत विकास और शांति के बीच जटिल संबंधों पर शोध किया है।

गणेश दीक्षित सरगाम

तिरुपति आंध्रप्रदेश के रहने वाले हैं। पटना आईआईटी से बीटेक में डिग्री ली है। अक्षय, उर्जा और पानी की उपलब्धता पर इन्होंने शेध किया है। सपना माइक्रोग्रिड बनाने की है।

अरुण गांधी

फरीदाबाद हरियाणा के अरूण गांधी ने वेंकटेश्वर कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में ऑनर्स किया है। जल संसाधन प्रबंधन, अक्षय उर्जा और विज्ञान नीति व वकालत पर शोध किया है।

ज्योर्तिमय कंडुला

आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा की ज्योर्तिमय ने पर्यावरण अध्ययन और शिक्षा पर शोध किया है।

लुबना खान

पटना की लुबना खान ने पर्यावरण अर्थशास्त्र और सतत विकास पर काम किया है।

रंजीत कुमार

झारखंड धनबाद के सतह और भूमिगत जल मॉडलिंग पर शोध किया है। ये जमशेदपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं।

साना सालाह

कोलकाता की साना ने प्राणी विज्ञान में कोलकाता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। ये पशुओं की समर्थन के लिए समर्पित है।

अंशुमन शेखर

अंशुमन सूक्ष्म जी विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली है और जैव सूचना विज्ञान में स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स व क्लिनिकल डाटा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा कोर्स किया है। ये पटना के रहने वाले हैं।

शशि अहलावत

सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्नातक शशि हरियाणा के बहादुरगढ़ की रहने वाली हैं। कला का इतिहास दक्षिण एशियाई बौध कला पर इन्होंने शोध किया है।

गवांग जैमथ्सो

ये भूटान के रहने वाले हैं। इन्होंने ऐतिहासिक अध्ययन के स्कूल में मास्टर डिग्री ली है।

अकीरो नाकामुरा

जापान के टोकियो शहर के रहने वाले अकीरों ने भारतीय दर्शन, बौद्ध अध्ययन और भारतीय साहित्य में गहन अध्ययन किया है और मास्टर डिग्री ली है।

पवनी साई राम

आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा की रहने वाली पवनी साई राम ने इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड इंस्ट्रूमेंटेशन में स्नातक की डिग्री ली है। मानविकी के अध्ययन के लिए उसके प्राकृतिक झुकाव ने उन्हें ऐतिहासिक अध्ययन की ओर खिंचा है।

शुक्रवार की शाम पटना पहुंचे थे राष्ट्रपति

बिहार के दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार की शाम 7:20 बजे पटना पहुंचे। हवाई अड्‌डे पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद और सीएम नीतीश कुमार ने गुलदस्ता देकर राष्ट्रपति का स्वागत किया। हवाई अड्डे से राष्ट्रपति राजभवन पहुंचे। वे आज हेलीकॉप्टर से सुबह 10.45 बजे राजगीर जाएंगे।

इससे पहले राष्ट्रपति अक्टूबर 2012 में कृषि रोड मैप शुरू करने, अक्टूबर 2013 में आईआईटी पटना के दीक्षांत समारोह और अप्रैल 2015 में हाईकोर्ट के शताब्दी समारोह में आए थे। राष्ट्रपति राजभवन में रात के खाने के बाद बिहार के बारे में पढ़ते रहे। उनके शयन कक्ष में बिहार से जुड़ी कई पुस्तकें रखी गई थीं। उन्होंने अपने कक्ष में शाकाहारी भोजन किया।

इससे पहले उनसे बिहार के कई कांग्रेसी नेता मिले। ये शिष्टाचार मुलाकात थी। राष्ट्रपति ने इनसे राज्य के बारे में बात की। राष्ट्रपति, राज्यपाल रामनाथ कोविंद के साथ राजभवन आए। राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ.ईएलएसएन बाला प्रसाद की अगुवाई में राजभवन के अधिकारी व कर्मियों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। लेडी गर्वनर सविता कोविंद ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया।

इसके बाद राष्ट्रपति दूसरे तल्ले पर स्थित अपने शयन कक्ष में गए। शनिवार को राजभवन में उनके साथ राज्यपाल व राजभवन के स्टाफ के साथ सामूहिक फोटोग्राफी हुई।

Courtesy: jagran. Com

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