रियो ओलंपिक में बेटियों ने देश का नाम रोशन किया तो कानपुर की बेटी श्रद्धा शुक्ला एक नया रिकार्ड बनाने के सफर पर रविवार को रवाना हो गई। गंगा की लहरों की परवाह किए बगैर जलपरी के नाम से चर्चित 12 वर्ष की जलपरी 570 किलोमीटर का जल सफर पूरा करेगी। रविवार को मैस्कर घाट से बनारस के जल सफर के लिए रवाना हुई।
जलपरी श्रद्धा शुक्ला को मैस्कर घाट से पूर्व मंत्री राजपाल कश्यप तिरंगा दिखाकर रवाना किया। इस दौरान घाट पर मेले का माहौल दिखते ही बन रहा था। हर किसी की जुबान पर श्रद्धा का नाम और गंगा मां की जयकार दिखी।
पहले दिन किया 80 किलोमीटर का सफर
मैस्कर घाट से 570 किमी. के तैराकी सफर पर निकली श्रद्धा ने पहले दिन बक्सर पहुंचकर 80 किलोमीटर का सफर तय किया। पिता ललित शुक्ला ने बताया कि इस बीच कुछ स्थानों पर श्रद्धा को पानी के बहाव से काफी परेशानी हुई। कई मुश्किलें आईं लेकिन उसने अपना संघर्ष जारी रखा। बक्सर पहुंचने पर पूर्व शिक्षामंत्री अमरजीत सिंह ‘जनसेवक’ ने स्वागत किया।
जलपरी को दी गई सुरक्षा
बारिश के कारण उफनाई गंगा में तैराकी कर रही जलपरी को सुरक्षा भी दी गई है। गंगा में दो नावें उसके पीछे चल रही हैं। इसमें चार नाव चालक, छह लाइफ गार्ड और खाने-पीने का सामान है। किसी भी खतरे के समय श्रद्धा को पूरी मदद की जाएगी।
पहले भी बनाए कई रिकार्ड
जलपरी श्रद्धा ने इससे पहले भी तैराकी में कई रिकार्ड बनाए हैं। इसमें 2010 में 6 वर्ष की उम्र के दौरान शुक्लागंज से अग्रसेन व्यायामशाला तक 6 किमी. गंगा में तैराकी की। 2011 में शुक्लागंज से जाजमऊ तक 7 किमी. तैराकी की। 2012 में गंगाबैराज से मैस्कर घाट तक 10 किमी. का सफर तय किया। 2013 में सरसैय्या घाट से सिद्धनाथ घाट तक 16 किमी. तैरी। 25 मार्च 2014 को कानपुर से इलाहाबाद तक 280 किमी. का रिकार्ड बनाया था।
Courtesy: livehindusthan. Com
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