धरती के अलावा यूनिवर्स में कहीं जीवन है या नहीं ये अभी तक एक बेहद जटिल लेकिन ज़रूरी सवाल बना हुआ है। आपको बता दें कि इस बार अंतरिक्ष से एक ऐसी रहस्यमयी आवाज आई है जिसे लेकर दुनियाभर की ऑब्जर्वेटरिज़ बेहद परेशान हैं। यह सिग्नल एक रूसी प्रयोगशाला के एक रेडियो टेलीस्कोप ने 15 मई, 2015 को रिसीव किया था, जो धरती से करीब 95 प्रकाशवर्ष दूर एक तारे HD 16495 से यहां तक पहुंचा है।
वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि इतनी दूर से इस तरह का सपष्ट सिग्नल सिर्फ कोई उन्नत सभ्यता ही भेज सकती हैं। अभी तक धरती पर भी ऐसा कोई यंत्र नहीं बनाया जा सका है जो इतना मजबूत सिग्नल भेज सके। इस नई रिपोर्ट से अमेरिका की संस्था SETI ने उस तारे पर नज़र रखना शुरू किया लेकिन कुछ हासिल नहीं कर सके, हालांकि उनकी नजर अभी भी बनी हुई है।
गौरतलब है कि 2015 में रूस के टेलिस्कोप 'रतन-600' ने ये सिग्नल स्पेस से डिटेक्ट किया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये सिग्नल इस बात का तो सबूत है कि कहीं से इसे पृथ्वी के लिए भेजा गया है। वैज्ञानिकों ने फिलहाल इसे लेकर तलाश और शोध जारी रखी है।
Courtesy: livehindusthan. Com
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