रोजगार की कमी की भयावहता का एहसास नगर निगम में सफाईकर्मियों के भर्ती आवेदकों की सूची देखकर सहज लगाया जा सकता है। यहां सफाईकर्मी के लिए एमएससी में डिस्टिंक्शन हासिल कर चुके और फर्स्ट डिवीजन पास युवा भी लाइन में हैं। जबकि आवेदन में योग्यता सिर्फ साक्षर होना है।
इतना ही नहीं बीएड करके किसी उच्चशिक्षण संस्थान में अध्यापक बनने का ख्वाब देखने वाले भी इस सूची में शामिल हैं। डबल एमए, एमए और बीएससी, सामान्य बीए वाले आवेदकों की संख्या काफी है। हालांकि आवेदकों में कॉमर्स के छात्र नहीं शामिल हैं। आवेदन पत्रों की छंटनी, डाटा इंट्री कार्य से जुड़े लोग भी हतप्रभ हैं। आवेदकों में सर्वाधिक संख्या ओबीसी और एसटी की है।
शासन की संस्तुति पर वाराणसी नगर निगम ने सफाईकर्मियों के स्वीकृत 915 पद के लिए आवेदन प्रक्रिया की थी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम प्रशासन आवेदन पत्रों की छटनी करवा रहा है। इसके लिए सात कंप्यूटर लगाए गए हैं। अब तक पांच हजार से अधिक आवेदन पत्रों की इंट्री हुई है।
आवेदन फार्म की इंट्री के लिए दो शिफ्ट में लड़के लगाए गए हैं। प्रतिदिन पांच हजार आवेदन फार्मों की इंट्री का लक्ष्य रखा गया है। फार्म को चेक करने वालों की संख्या कम होने से डाटा इंट्री में दिक्कत आ रही है। निगम सूत्रों के अनुसार पूर्व में संविदा पर रखे गए और काम कर रहे कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी। वर्तमान में इनकी संख्या लगभग 400 है।
1.60 लाख हुए आवेदन
नगर निगम प्रशासन के अनुसार 915 पदों के लिए एक लाख 60 हजार आवेदन निगम में रिसीव किए जा चुके हैं। आवेदन डाकघर के माध्यम से रिसीव किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया चल रही है।
पड़ोसी जिलों से भी आवेदन
आवेदकों में बड़ी संख्या पड़ोसी जिलों के युवाओं की है। अब तक आए आवेदनों में गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर के युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। इनकी अपेक्षा बनारस से आवेदन करने वालों की संख्या काफी कम है।
Courtesy: livehindusthan. Com
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