एनजीटी ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रेजिडेंट आयुक्तों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं।
नई दिल्ली, प्रेट्र। राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थानीय (रेजिडेंट) आयुक्तों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। जैव विविधता के संरक्षण पर सुनवाई के दौरान अधिकारियों के हाजिर नहीं होने को एनजीटी ने कड़ाई से लिया है।
याचिका पर अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।पुणे के चंद्र बहल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश देश की अनोखी जैव विविधता पर ध्यान देने में विफल हैं। याचिका में जैव विविधता अधिनियम 2002 और जैव विविधता नियम 2004 के प्रावधानों को लागू करने की मांग की गई है।एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुजरात, कर्नाटक, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब और त्रिपुरा के स्थानीय आयुक्तों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए।
अधिकारियों को हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया था। इन राज्यों के अधिकारियों के अलावा पीठ ने चंडीगढ़, अंडमान एवं निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी के अधिकारियों के खिलाफ भी वारंट जारी किए गए हैं। इस पीठ में जस्टिस एमएस नांबियार भी शामिल हैं।
Courtesy: jagran. Com
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