आईआईटी ने 31 कंपनियों को काली सूची में डालते हुए एक साल तक इनके कैंपस भर्ती में शामिल होने पर पाबंदी लगा दी है। ऑल आईआईटीज प्लेसमेंट कमिटी (एआईपीसी) ने 14 अगस्त को यह कार्रवाई की, लेकिन इसका खुलासा गुरुवार को किया गया।
एआईपीसी के संयोजक प्रो. कौस्तुभा मोहंती ने कहा, यह फैसला देश के 23 आईआईटी छात्रों के हित में लिया गया है। कैंपस भर्ती में शामिल होने वाली कंपनियों से उनके धन के स्रोत, खातों का ब्योरा, बैलेंस शीट और कर्मचारियों की संख्या जैसे विवरण लिए जाएंगे।
अधिकांश स्टार्टअप कंपनियां
आईआईटी बांबे ने गुरुवार को विज्ञप्ति जारी कर नौ कंपनियों के नाम बताए। इनमें अधिकतर स्टार्टअप कंपनियां हैं।इनमें दिल्ली-एनसीआर की कंपनी पेपरटैप भी शामिल है।
इसलिए हुई कार्रवाई
कंपनियों पर संस्थान के छात्रों को वादे के मुताबिक नौकरी नहीं देने या इसमें देरी करने का आरोप है। कई बड़ी स्टार्टअप कंपनियों पर ऑफर लेटर देने के बाद भी नौकरी नहीं देने जैसे आरोप हैं। इससे आईआईटी बांबे के करीब 25 छात्र प्रभावित हुए। काली सूची में डाली गई कंपनियों को एक साल बाद कड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
Courtesy: livehindusthan. Com
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