केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को इस केंद्र शासित प्रदेश की जिम्मेदारी सौंप दी है।
तिरुअनंतपुरम, आइएएनएस। केरल के पूर्व नौकरशाह और भाजपा नेता केजे अल्फोंस को चंडीगढ़ का प्रशासक बनाए जाने के एलान के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को इस केंद्र शासित प्रदेश की जिम्मेदारी सौंप दी है। दरअसल पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अल्फोंस की नियुक्ति का शिअद और कांग्रेस जैसी पार्टियां विरोध कर रही थीं।
इसे देखते हुए सरकार ने चंडीगढ़ में पिछले 32 सालों से चली आ रही परंपरा पर ही चलते हुए पंजाब के राज्यपाल को यह जिम्मेदारी सौंपी। बदनौर को बुधवार को ही राज्यपाल पद के लिए चुना गया था।अल्फोंस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में उनकी नियुक्ति नहीं होने जा रही है। पंजाब में बहुत जल्द चुनाव का समय शुरू होने जा रहा है। इसलिए राजनीतिक दलों ने उन्हें लेकर विरोध जताया है। चूंकि उन्हें नियुक्ति आदेश मिला नहीं इसलिए आदेश रद किए जाने का सवाल ही नहीं उठता।
13 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें यह सूचित करने के लिए फोन किया कि उनकी नियुक्ति की स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन पंजाब के राजनीतिक दलों के चिंता जताने के बाद उन्होंने बुधवार रात फिर फोन कर बताया कि यह नियुक्ति नहीं होने जा रही। अल्फोंस भारतीय प्रशासनिक सेवा के बहुत लोकप्रिय अफसर थे। उन्होंने वर्ष 2006 में नौकरी से इस्तीफा देकर वामदल समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में केरल में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता भी।
बाद में वह केरल की राजनीति छोड़कर दिल्ली आ गए और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हो गए। तब से वह केरल में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा के लिए सक्रिय रहे हैं। अल्फोंस तब चर्चा में आए थे जब दिल्ली विकास प्राधिकरण के आयुक्त के रूप में उन्होंने 14 हजार अवैध निर्माण ढहा दिए थे।
Courtesy: jagran. Com
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