Saturday, 27 August 2016

CAG रिपोर्ट को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा, जानें- किसने क्या कहा?

मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को भी कैग (नियंत्रक महालेखा परीक्षक) की विशेष जांच रिपोर्ट को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को भी कैग (नियंत्रक महालेखा परीक्षक) की विशेष जांच रिपोर्ट को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। गत 24 अगस्त को सदन की कार्यवाही के दौरान नेता विपक्ष विजेंंद्र गुप्ता ने सरकार पर कैग की रिपोर्ट सदन मेंं पेश करने मेंं देरी करने का आरोप लगाया था जिसे लेकर हंगामा मचा रहा।

शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नेता विपक्ष पर कैग की रिपोर्ट सरकार द्वारा जारी करने से पहले गोपनीय सूचना को सार्वजनिक करने का गंभीर आरोप लगाया। इस बाबत सत्ता पक्ष के विधायकोंं ने नेता विपक्ष के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल से कार्रवाई की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष ने पहले नेता विपक्ष से पूछा कि वह बताएं कि कैग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखे जाने से पूर्व उन्होंंने कैसे मीडिया मेंं इसे सार्वजनिक कर दिया। इस पर विजेंंद्र गुप्ता ने जवाब देने से इन्कार कर दिया और साथी विधायक जगदीश प्रधान के साथ सदन से वाकआउट कर गए। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले की जांच विशेषाधिकार समिति को सौंप दी।

शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू हुई। प्रश्नकाल खत्म होने के बाद आप विधायक राजेंंद्र पाल गौतम ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के रूप मेंं कैग की रिपोर्ट का मुद्दा उठाया। इसके बाद सरकार और विपक्ष मेंं जोरदार बहस शुरू हो गई। तनातनी यहांं तक पहुच गई कि उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा मेंं विपक्ष को ललकारते हुए कह दिया कि 'मैंं चेतावनी देता हू कि जब कभी सदन मेंं कैग रिपोर्ट पर चर्चा हो तो विजेंंद्र गुप्ता बहस छोड़कर भागेंं नहींं।'

सिसोदिया ने सदन को बताया कि कैग की विशेष जांच रिपोर्ट गत 24 अगस्त की शाम 5.30 बजे उन्हेंं मिली थी। जिसे वह आने वाले समय मेंं विधानसभा मेंं पटल पर रखेंंगे। इस रिपोर्ट की एक गरिमा है। लेकिन बुधवार को नेता विपक्ष ने जिस तरह अपने दफ्तर मेंं प्रेस कांफ्रेंस कर कैग रिपोर्ट की जानकारी सार्वजनिक की, यह सदन का अपमान है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

सिसोदिया ने आगे कहा कि इस रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि देश को दिल्ली सरकार के 526 करोड़ रुपये के विज्ञापन बजट के नाम पर गुमराह किया जा रहा था जबकि इस मद मेंं सरकार द्वारा कुल खर्च करीब 74 करोड़ ही है। अब तक एक भी पैसे का घपला सामने नहींं आया है।

उपमुख्यमंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि जब यह कैग रिपोर्ट 24 अगस्त की शाम उनको मिली तो उससे पहले नेता विपक्ष के पास कैसे आ गई? यह रिपोर्ट सदन मेंं गरिमा के साथ आनी चाहिए थी। इसके जवाब मेंं विजेंंद्र गुप्ता ने कहा कि 'मैंंने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कैग रिपोर्ट सदन मेंं रखने की मांंग की थी।' यह रिपोर्ट मैंंने नहींं खुद सरकार ने लीक की और हम पर आरोप लगा रही है।

Courtesy: jagran. Com

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