स्वतंत्रता दिवस की 70वीं सालगिरह के मौके पर सरकार पूर्वोत्तर के दस स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करेगी।
नई दिल्ली, प्रेट्र : पूर्वोत्तर के दस स्वतंत्रता सेनानियों को केंद्र सरकार 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित करेगी। इनमें तीन महिला स्वतंत्रता सेनानी भी शामिल हैं। राजग सरकार ने 'भुला दिए गए नायकों' को सम्मानित करने के लिए उनके जन्मस्थलों और आजादी के संघर्ष स्थलों में केंद्रीय मंत्रियों को भेजने की योजना बनाई है।
सम्मानित होने वालों में असम की कनकलता बरुआ का नाम अहम है। गांधी जी के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के समर्थन में असम के वर्तमान बिस्वनाथ जिले गोहपुर पुलिस थाने पर राष्ट्रध्वज फहराने की कोशिश करते समय ब्रिटिश जवानों ने 17 साल की कनकलता को गोली मार दी थी। असम के ही नौगांव जिले में ब्रिटिश पुलिसकर्मियों की गोली का शिकार बनीं 57 वर्षीय भोगेश्वरी फुकाननी का नाम भी इन नायकों में शामिल है। बीती सदी के चौथे दशक में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली मणिपुर की नगा नेता रानी गिडिनलियु उर्फ रानीमां को भी सम्मानित किया जाएगा।
असम के कुशल कुंवर और अरुणाचल प्रदेश के मोजे रिबा भी सम्मानित होने वाले नायकों में शामिल हैं। कुशल को 1942 में सेना की ट्रेन पटरी से उतारने के आरोप में फांसी दी गई थी। वहीं, रिबा 15 अगस्त, 1947 को अरुणाचल प्रदेश के दीपा गांव में तिरंगा फहराने वाले पहले व्यक्ति थे। सरकार असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई को भी सम्मानित करेगी। उनके सतत संघर्ष से ही असम भारत का हिस्सा बना रह सका था।
Courtesy: jagran. Com
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