आरएसएस प्रचारक समेत चार पर सौलत पब्लिक लाइब्रेरी में जबरन घुसकर झंडा फहराने और सूर्यास्त के बाद भी उसे न उतारने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है।
रामपुर (जेएनएन)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक रामशंकर समेत चार लोग राष्ट्रध्वज का अपमान करने के आरोप में फंस गए हैं। उन पर सौलत पब्लिक लाइब्रेरी में जबरन घुसकर झंडा फहराने और सूर्यास्त के बाद भी उसे न उतारने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है।
लाइब्रेरी के अध्यक्ष सीनशीन आलम ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि स्वतंत्रता दिवस की सुबह जिला प्रचारक और उनके साथी लाइब्रेरी प्रशासन की अनुमति के बिना वहां आए और ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम के अंत में सभी चले गए और सूर्यास्त के बाद भी राष्ट्रध्वज को नहीं उतारा गया, जो उसका अपमान है। यह गलत परंपरा डालने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे जैसा है। उनकी तहरीर पर पुलिस ने संघ जिला प्रचारक समेत ऋषभ रस्तोगी, मुकेश आर्य और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उधर, जिला प्रचारक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। साथ ही राजनीतिक द्वेष के चलते मुकदमा होने की बात कही। पुरानी तहसील की छत पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम हुआ था, जिसमें उन्हें आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के बाद वह वापस आ गए थे। वहां लाइब्रेरी होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सूर्यास्त से पहले राष्ट्रध्वज उतारे जाने की जिम्मेदारी कार्यक्रम आयोजकों की है।
Courtesy: jagran. Com
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