साधारण शब्दों में कहा जाएं तो भारतीय संविधान किताब भारत की सर्वोच्च शासक है। भारतीय संविधान के निर्देश ही भारत के शासक के पीछे से शासन कर रहे है। भारत के स्वतंत्र होने से पहले भारत पर अंग्रेजों के नियम और कानून लागू थे। पिछले एक इंडिया एक्ट 1935 के अनुसार सरकार भारतीय नागरिकों से पक्षपात कर उनको कई बुनियादी अधिकारों से वंचित कर दिया था लेकिन 1946 में गठन भारतीय संविधान सभा बहस और विचार विमर्श कर संविधान का जो अंतिम मसौदा तैयार किया जिसमें सभी भारतीयों को बराबरी और न्याय का अधिकार दिया है।
हमारा संविधान कानूनी तौर पर 1950 के जनवरी महीने में लागू हुआ था जिसे आज हम 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनातें है। आज हम भारत की सर्वोच्च आदरणीय किताब भारतीय संविधान से जुड़े कुछ फैक्ट्स के बारें में बताने जा रहे है जिनको जानकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे।
1. भारत के मूल संविधान को हारी नारायण रायजादा द्वारा सुंदर सुलेख इटैलिक शैली में हस्तलिखित किया गया था और इसके प्रत्येक पन्ने पर आर्टिस्ट शांति निकेतन द्वारा सजाया गया था।
2. भारतीय संविधान की असली कापी हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गयी है और उनकी मूल प्रतियों को संसद के पुस्तकालय में विशेष हीलियम केसेस में रखा जाता है।
3. भारतीय संविधान दुनिया में किसी भी अन्य देश से सबसे बड़ा लिखित संविधान है। हमारे संविधान के कुल 25 पार्ट है जिसमें 448 आर्टिकल 12 अनुसूचियां शामिल है।
4. 9 दिसंबर, 1946 संविधान सभा भारत के सामने आई थी और ठीक 2 साल, 11 महीने और 18 दिन बाद अंतिम ड्राफ्ट भी तैयार हो गया था।
5. संविधान का फाइनल ड्राफ्ट जब तैयार हुआ उसके बाद बहस और चर्चा करके इसमें 2000 से अधिक संशोधन करके इसे अंतिम रूप दिया गया था।
6.संविधान का अंतिम मसौदा 26 नवम्बर, 1949 को पूरा हो गया था लेकिन कानूनी तौर पर इसे मान्यता 2 महीने बाद 26 जनवरी 1950 को मिली थी। आज इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में देशभर में मनाया जाता है।
7. हस्तलिखित संविधान पर 24 जनवरी, 1950 को हस्ताक्षर किए गए थे, संविधान सभा के 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किए गए थे जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थी। यह दो दिन बाद 26 जनवरी को अस्तित्व में आया।
8. हमारें संविधान निर्माताओं ने अपने देश के लिए फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विभिन्न देशों के अन्य संविधानों से प्रेरणा ली है। यही वजह है की भारतीय संविधान अक्सर उधारी का एक बैग कहा जाता है।
9.पंचवर्षीय योजनाओं का विचार सोवियत संघ से और सामाजिक-आर्थिक अधिकार आयरलैंड से लिया गया है।
10. स्वतंत्रता, समानता और हमारे प्रस्तावना में भाईचारे के आदर्शों फ्रांसीसी क्रांति से लिया गया है और यह सभी फ्रेंच आदर्श वाक्य है।
11. हमारे संविधान की प्रस्तावना संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की प्रस्तावना से प्रेरित था जो 'हम लोग' टैगलाइन के साथ शुरू होता है।
12. हमारे संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त मौलिक अधिकारों को अमेरिकी संविधान से लिया गया है। हमारा भारतीय संविधान सभी नागरिकों के बुनियादी मानव अधिकार के रूप में नौ मौलिक अधिकारों को मान्यता देता हैं।
13. संविधान की दिलचस्प बात यह थी की शुरुआत में, संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकारों में से एक था जिसे 1978 में 44वें संशोधन करके इसे नष्ट कर दिया गया था।
14. दुनिया भर के सबसे अच्छा संविधान में से भारतीय संविधान का स्वागत किया गया है क्योकि आज संविधान लागू होने के 62 वर्षों में केवल 94 बार संशोधन किया गया और धीरे-धीरे हमारा संविधान 100 संशोधन के करीब है।
Courtesy: local address. Com
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