सऊदी अरब में कंपनियों की तरफ से नौकरी से निकाले जाने के बाद मुसीबत में पड़े 26 भारतीय कामगारों का पहला बैच नई दिल्ली पहुंच चुका है।
नई दिल्ली, प्रेट्र/आइएएनएस: सऊदी अरब में नौकरी छूटने के बाद अनिश्चित भविष्य और परेशानियों का सामना कर रहे भारतीय कामगारों की स्वदेश वापसी शुरू हो गई। ऐसे 26 कामगारों का पहला बैच गुरुवार को जेद्दा से नई दिल्ली पहुंचा। सऊदी अरब में फंसे भारतीय कामगारों की मदद के लिए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह को पिछले सप्ताह सऊदी अरब भेजा गया था।
सऊदी अरब के शाह सलमान ने भी पासपोर्ट विभाग को कामगारों की वापसी के लिए एग्जिट वीजा आसान बनाने का निर्देश दिया है। सऊदी सरकार ने उनकी मुफ्त घर वापसी की भी घोषणा की। स्वदेश लौटे ये 26 कामगार सऊदी ओगर कंस्ट्रक्शन कंपनी के अनुमानित 7,700 कर्मचारियों में शामिल थे। वित्तीय संकट के चलते कंपनी ने कर्मचारियों को हटा दिया था। इसके बाद शिविरों में इनके रहने और खाने का इंतजाम किया गया था।
भारत ने भारतीय कामगारों की मदद और शीघ्र कार्रवाई करने पर सऊदी सरकार की प्रशंसा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि सिंह और सऊदी क्षम मंत्री की मुलाकात के बाद वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई। इससे पहले सुबह में जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास की बस से 25 भारतीय कामगारों को हवाई अड्डा पहुंचाया गया। उन्हें विदा करने के लिए महावाणिज्य दूत नूर रहमान शेख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
वाणिज्य दूतावास ने लौटने वाले कामगारों को आश्वस्त किया कि वे कंपनी में उनके वेतन और अन्य बकाया के मामले को देखेंगे। राजस्थान के चुरू के रहने वाले प्लंबर राम निवास ने कहा कि उसने कुछ पैसे कमाए लेकिन अब उसके मिलने की उम्मीद कम है। बिहार के गया निवासी नासिर रजा ने कहा कि वेतन नहीं मिलने के बाद वहां काम करने का कोई मतलब नहीं रह गया था।
ड्राइवर का काम करने वाले मेरठ निवासी मुशर्रफ अली ने कहा कि लंबित वेतन और बकाया दिलाने को लेकर भारत और सऊदी अरब सरकार पर भरोसा है। पटना निवासी शाकिर अहमद ने कहा कि नई नौकरी मिलने का विकल्प था लेकिन घर लौटना पसंद किया।
Courtesy: jagran. Com
No comments:
Post a Comment