Sunday, 12 June 2016

IMF की चेतावनी, चीन को लगानी होगी बढ़ते कॉर्पोरेट ऋण पर लगाम


शेनजेन
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी चीन को जल्द से जल्द अपने लगातार बढ़ते कॉर्पोरेट ऋण पर काबू पाना होगा। डेविड लिप्टन (IMF के पहले एमडी) ने अर्थशास्त्रियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि चीनी कंपनियों का ऋण में डूबा होना, चाइनीज इकनॉमी की सबसे बड़ी खामी है।

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21 वीं सदी के एक-चौथाई हिस्से में चीन की इकनॉमी 2015 में सबसे धीमी गति से आगे बढ़ी, जिसका सबसे प्रमुख कारण कॉर्पोरेट ऋण ही था। पिछले हफ्ते पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपनी मिड इयर रिपोर्ट में कहा कि सरकार के कर्ज कम करने के प्रयासों के चलते बॉन्ड डिफॉल्ट रिस्क बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं कंपनियों के लिए फंड बढ़ाना भी मुश्किल हो जाएगा।

लिप्टन ने कहा कि चीन का कॉर्पोरेट ऋण उनकी GDP का 145 प्रतिशत है। अन्य देशों के हवाले से उन्होंने बताया कि चीन को कर्ज लेने और देने वालों, दोनों ही से डील करने की जरूरत है। साथ ही कॉर्पोरेट और बैंकिंग दोनों ही क्षेत्रों में शासन संबंधी दिक्कतों की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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