बेंगलुरु, एएनआई। कृषि प्रधान देश भारत में आज किसानों की हालत क्या है ये बात किसी से छिपी नहीं है। करोड़ों की आबादी का पेट भरने वाले अन्नदाता को आज अपने ही परिवार का पेट पालने के लाले पड़ रहे हैं। ऐसे में सरकारों की तरफ से फसल खराब होने पर दिये जाने वाला नाम मात्र का मुआवजा किसानों के जख्मों को और हरा कर देता है।
मामला कर्नाटक का है जहां सूखे से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के नाम पर मजाक हुआ है। दरअसल, तीन साल पहले कर्नाटक में जबरदस्त गर्मी के कारण किसानों की फसल खराब हो गई थी। शुक्रवार को हुबली जिले के किसानों को खराब फसल के मुआवजे का चेक मिला तो सब दंग रह गए। किसानों की चेक पर राशि मात्र एक रुपये से लेकर तीन हजार रुपये थी। मुआवजे के नाम पर मामूली राशि मिलने के बाद किसानों में काफी नाराजगी है। वहीं सरकारी एजेंसियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह राशि सिर्फ परीक्षण लेनदेन के लिए जारी की गई थी।
Source:jagran.com
No comments:
Post a Comment