Sunday, 18 June 2017

बुजुर्गो को बोझ मानने वालों को डॉ. प्रसून चटर्जी ने दिखाया आइना

भारतीय समाज में बुजुर्गो को हमेशा सम्मान की नजरों से देखा गया है. उनसे एक मार्गदर्शक और परिवार के मुखिया के तौर पर हर तरह की सलाह ली जाती रही है, लेकिन आधुनिक समाज में ये परंपराएं धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं और इसका असर बुजुर्गो के साथ ही समाज पर भी पड़ रहा है. यह कहना है गैर-सरकारी संगठन हेल्दी एजिंग इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रसून चटर्जी का. डॉ. चटर्जी अपनी संस्था के माध्यम से ऐसे उपेक्षित बुजुर्गो के बचे जीवन में खुशियां डालने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

Source:indianletter.com

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