Thursday, 15 June 2017

DRDO का परीक्षण कार्यक्रम शुरू, नाग मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण


नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा निर्मित उन्नत मिसाइलों एवं आयुधों का राजस्थान के पोखरण में चार दिवसीय परीक्षण कार्यक्रम आज से शुरू हो गया है। इस कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को डीआरडीओ ने टैंक भेदी मिसाइल ‘नाग‘ का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों के अनुसार मिसाइल अपने टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट करने में कामयाब रही। कार्यक्रम की शुरुआत डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार जी. सतीश रेड्डी भी मौजूद रहे। सतीश रेड्डी ने कहा कि इस सफल परीक्षण से देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिली है।
लक्ष्य का पीछा कर नष्ट करने में सक्षम 
डीआडीओ द्वारा बनाई गई नाग मिसाइल लक्ष्य का पीछा करके उसे नष्ट करने में सक्षम है। यह तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक मिसाइल है। नाग मिसाइल तीन किलोमीटर तक के टारगेट को आसानी से बर्बाद कर सकती है। सैन्य सूत्रों से के अनुसार, इस मिसाइल प्रोजेक्ट की लागत 350 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें उच्च क्षमता के उपकरण लगाए गए है। ज्यादा तापमान में भी मिसाइल दिशा नहीं भटकेगी।
पिछले साल फेल हो गया था परीक्षण
पिछले साल डीआरडीओ ने अपने परीक्षण कार्यक्रम को बीकानेर में आयोजित किया था। उस कार्यक्रम में नाग अपने टारगेट को भेद पाने में सफल नहीं हो पाया था। उस दौरान इसमें कुछ तकनीकी खामियां सामने आई थी। जिसको इस बार दूर कर लिया गया। पिछले वर्ष नाग का रेंज चार किलोमीटर रखा गया था, जबकि इस बार मिसाइल की रेंज तीन किलोमीटर थी।
नाग की खासियत
- नाग फायर एडं फोरगेट श्रेणी की मिसाइल है। 
-इसके दागे जाने के बाद रोक पाना संभव नहीं है।
-नाग मिसाइल का वजन 42 किलोग्राम है। 
-यह अपने साथ आठ किलोग्राम विस्फोटक के कर चल सकती है। 
-इसकी मारक क्षमता चार से पांच किमी तक है। 
-नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकेंड है।

Source:patrika.com

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