नई दिल्ली, प्रेट्र। सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) और बेनामी लेन-देन और केंद्र सरकार की योजना के बारे में सवाल पूछे गए। प्रतियोगियों से नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ), विद्यांजलि योजना और स्मार्ट इंडिया हैकाथन समेत राजग सरकार की विभिन्न योजनाओं पर सवाल पूछे गए।
देश भर में रविवार को लाखों प्रतियोगियों ने सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिमनेरी एक्जाम) दिया। इस परीक्षा के पहले प्रश्न पत्र में एक सवाल पूछा गया-: जीएसटी को लागू करने का क्या लाभ है। इस प्रश्न के उत्तर के विकल्प थे- 1.) इससे देश की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा। निकट भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था चीन को भी पीछे छोड़ देगी। 2.) इससे भारत का वित्तीय घाटा घटेगा और विदेशी पूंजी में इजाफा होगा। 3.) इससे विभिन्न प्राधिकारों के विभिन्न स्तर के करों की जगह भारत में एक बाजार बनेगा। इसके अलावा, प्रतियोगियों से बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 में संशोधन के बारे में सवाल पूछे गए।
परीक्षार्थी आशीष ने बताया कि जीएसटी और बेनामी पर सवाल पूछे गए थे। चूंकि उन्हें इन मुद्दों की जानकारी है। इसलिए उनका मानना है कि उन्होंने सही जवाब दिए हैं। यूपीएससी प्रतियोगियों की कुल संख्या और परीक्षा में बैठने वाले प्रतिभागियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता।
उल्लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित इस सालाना परीक्षा के तीन चरण होते हैं। प्रारंभिक, मेन और इंटरव्यू के जरिए प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस), भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) और अन्य के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी चुने जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं। पहला पेपर सुबह 9.30 बजे से शुरू हुआ और दूसरा दोपहर 2.30 बजे से शुरु हुआ था।
Source:jagran.com
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