Thursday, 29 June 2017

'9/11 और 26/11 आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान और UAE के बैंकों से भेजी गई फंडिंग'

वॉशिंगटन
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नेतृत्व में कई अरब देशों द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर कतर की नाकेबंदी करने के मामले में एक दिलचस्प मोड़ आया है। ग्लोबल लीक्स नाम के एक विसल-ब्लोअर संगठन का कहना है कि पाकिस्तान और UAE के कुछ बैंकों से आतंकवादी संगठनों के लिए फंड भेजा गया और इस फंड का इस्तेमाल 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले और 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी अटैक्स के लिए किया गया। UAE के जिन बैंकों से इन हमलों के लिए फंड भेजा गया, वह बैंक वहां के शाही परिवार का है। डेली बीस्ट, द टेलिग्राफ, अल-जजीरा और हफिंगटन पोस्ट जैसे अखबारों ने ग्लोबल लीक्स के हवाले से यह खबर छापी है। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो सऊदी और UAE पर आतंकवाद को मदद देने का जो आरोप लगता आया है, वह काफी गंभीर हो जाएगा। 

इन सभी मीडिया संस्थानों का कहना है कि ग्लोबल लीक्स ने उनके पास इन आरोपों के समर्थन में कागजात और दस्तावेज भी भेजे हैं। खबर के मुताबिक, UAE के दुबई इस्लामिक बैंक, अल फलाह बैंक और पाकिस्तान के यूनाइटेड बैंक लिमिटेड का इस्तेमाल कर 9/11 और 26/11 हमलों के लिए फंडिंग भेजी गई। संगठन का दावा है कि ये बैंक अबू धावी के शाही परिवार के हैं। इन बैंकों ने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठनों को भेजी जाने वाली फंडिंग को मंजूरी दी। इन दोनों आतंकी संगठनों पर भारत में हुए 26/11 हमलों की साजिश रचने और इसे अंजाम देने का आरोप है। इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 

ग्लोबल लीक्स का कहना है कि वह जानकारियां जमाकर लोगों को उसके बारे में बताता है। संगठन का कहना है कि खाड़ी देशों और पाकिस्तान के कुछ बैंक 9/11 के आतंकी हमलों की फंडिंग में भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि कई अमेरिकी नागरिक अपनी अदालतों में कुछ खाड़ी देशों के खिलाफ केस दर्ज कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि 9/11 और 26/11 आतंकी हमलों में इन देशों की भूमिका से जुड़े सबूत भी उनके पास हैं। इससे पहले जून में ही UAE ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर उसने 9/11 और मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों द्वारा सऊदी अरब और UAE पर मुआवजे का दावा करने संबंधी कानून नहीं रोका, तो उनके बीच के द्विपक्षीय संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है।

Source:indiatimes.com

No comments:

Post a Comment