Monday, 12 June 2017

60000 करोड़ के पनडुब्बी कार्यक्रम की प्रक्रिया शुरू होगी

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में रक्षा उत्पादन के लिए एक प्रमुख नीति जारी करने के बाद सरकार 60 हजार करोड़ रुपये के पनडुब्बी कार्यक्रम की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। महत्वाकांक्षी रणनीतिक साझेदारी मॉडल के तहत शुरू की जाने वाली यह पहली परियोजना होगी। पिछले महीने इस मॉडल को अंतिम रूप दिया गया था। इसका उद्देश्य रक्षा उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र के अग्रणी निर्माताओं को जोड़ना है। इसे चीन के बढ़ते प्रभाव के जवाब और ¨हद महासागर क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने के रूप में भी देखा जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय जल्द ही परियोजना के लिए एक्सप्रेसन ऑफ इंट्रेस्ट (रुचि-प्रकटन) जारी कर सकता है ताकि प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। एक अन्य सूत्र ने बताया कि इंजीनियरिंग कंपनियां लार्सन एंड टूब्रो और रिलायंस डिफेंस ही पी-75 (आइ) कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सक्षम रक्षा उत्पादन प्रतिष्ठान हैं।

रणनीतिक साझेदारी के मॉडल में निर्दिष्ट नियमों पर केंद्रित परियोजना के लिए सरकार बाद में विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के चयन की प्रक्रिया शुरू करेगी। भारतीय नौसेना की परियोजना-75 के तहत फिलहाल स्कॉर्पीन श्रेणी की छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। फ्रांसीसी नौसेना की रक्षा और ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस ने पनडुब्बियों को डिजाइन किया है। इनका निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड में किया जा रहा है।

परियोजना पी-75 (आइ) परियोजना-75 के आगे के क्रम की परियोजना है। परियोजना पी-75 (आइ) के तहत कुल छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।

Source:jagran.com

No comments:

Post a Comment