नई दिल्ली
दुनिया भर के साथ-साथ देश में भी 5जी इंटरनेट के पूरी तरह से आने में अभी तकरीबन 5 साल का वक्त लगेगा। इसका सबसे बड़ा कारण सरकारी एजेंसियों की तैयारियों में ढिलाई और भारी इन्वेस्टमेंट का चैलेंज साबित हो सकता है।
हालांकि इसके बावजूद भी 2022 तक तकरीबन 30 लाख लोगों तक 5जी पहुंच चुका होगा। दुनिया भर में इस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने में अमेरिका के सबसे आगे रहने की संभावना है। एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट 2017 में इस तरह के रुझान की तरफ इशारा किया गया।
रिपोर्ट बताती है कि 2022 तक देश में इंटरनेट का तकरीबन 97 फीसदी इस्तेमाल मोबाइल डिवाइसेज के जरिए होगा। हालांकि, अभी भी यह 90 फीसदी के आसपास है। इसके अलावा हर महीने देश में डाटा यूसेज भी 5 साल में बढ़ कर तकरीबन 10 गुना हो जाएगा।
मतलब अभी जहां इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर महीने 1 जीबी डाटा खर्च करता है वह बढ़ कर हर महीने में 11 जीबी हो जाएगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेक्ट्रम में वॉयस की खपत घटती जा रही है।
Source:indiatimes.com
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