Wednesday, 10 August 2016

तिरंगे के बारे में पता हैं कुछ खास नियम? हो सकती है तीन साल की सजा

राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक हमारा तिरंगा झंडा, लेकिन इसके लिए कुछ नियम-कानून निर्धारित किए गए हैं जिसका उल्लंघन होता है। हमें इसके बारे में जरूर जानना चाहिए कि क्या हैं इसके नियम?

पटना [वेब डेस्क]। हमारा तिरंगा झंडा, हमारी आन है, हमारी शान है और हमारा राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। इस तिरंगे से हम सभी भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। 15 अगस्त हो या 26 जनवरी, सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक में तिरंगे की बाढ़ आ जाती है।

मगर क्या आप जानते हैं तिरंगे से जुड़े नियम-कानून भी हैं, जिनकी जानकारी से बहुत लोग अनजान हैं। इसी अनजाने में हम तिरंगे का अपमान कर बैठते हैं। स्वतंत्रता दिवस हो या गणतंत्र दिवस, छोटे-छोटे झंडे, झंडोत्तोेलन के समारोह के बाद सड़कों पर यूं ही गिरे हुए दिख जाते हैं। कई बार वह लोगों के पैर के नीचे भी आ जाते हैं।

हैं कुछ खास नियम, आप भी इसे जानिए...

तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या खादी का ही होना चाहिए। प्लास्टिक का झंडा लगाना अपराध है। फटे या क्षतिग्रस्त झंडे को नहीं फहराया जा सकता है। झंडे का प्रयोग किसी प्रकार के यूनीफार्म या सजावट के सामान में नहीं हो सकता है। झंडे पर कुछ भी लिखना या बनाना गैरकानूनी है। किसी भी गाड़ी के पीछे, बोट या प्लेन में तिरंगा नहीं यूज किया जा सकता है।

किसी बिल्डिंग को ढकने में भी इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। किसी भी स्थिति में तिरंगा झंडा जमीन पर नहीं छूना चाहिए। झंडा सिर्फ राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रह सकता है। किसी भी दूसरे झंडे को तिरंगा झंडा से ऊपर, ऊंचा या बराबर में नहीं रखा जा सकता है।

यह हो सकती है सजा

देश में ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ नाम का कानून है, जिसमें तिरंगे को फहराने के कुछ नियम-कायदे निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई शख्स ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ के तहत गलत तरीके से तिरंगा फहराने या उसके अपमान का दोषी पाया जाता है तो उसे जेल भी हो सकती है। इसकी अवधि तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है या जुर्माना लगाया जा सकता है या दोनों भी हो सकते हैं।

Courtesy: jagran. Com

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