फैसले से नाराज परिजनों, दोस्तों ने उनके लिए अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए हैं। तो ऐसे में रेड क्रॉस सोसायटी ने इरोम को शरण देने की बात कही है।
इंफाल, आइएएनएस : अपनों ने भले ही इरोम शर्मिला के लिए घर के दरवाजे बंद कर लिए हों, लेकिन आयरन लेडी को अब रेडक्रॉस सोसाइटी ने शरण देने की घोषणा की है। संस्था की मणिपुर शाखा ने इंफाल में स्थायी निवास नहीं मिलने तक इरोम को अस्थायी तौर पर शरण देने की बात कही है।
उन्होंने 9 अगस्त को 16 वर्षो से जारी अपनी भूख हड़ताल को खत्म करने की घोषणा की थी। इरोम ने मुख्य धारा की राजनीति में शामिल होकर नए सिरे से मुहिम चलाने और शादी करने की बात भी कही थी। फैसले से नाराज परिजनों, दोस्तों ने उनके लिए अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए हैं।
शर्मिला ने मणिपुर से अफस्पा हटाने की मांग को लेकर वर्ष 2000 में भूख हड़ताल शुरू की थी। घर वालों द्वारा शरण नहीं देने पर उन्हें फिर से जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रखा गया है।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एल. रणबीर ने बताया कि परिजनों के रवैये का उन पर व्यापक असर पड़ा है।
सूत्रों ने बताया कि मिलने वालों से बात करते-करते वह रोने लगती हैं। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें फिलहाल सामान्य भोजन नहीं दिया जा रहा है। इरोम को दूध और हॉर्लिक्स के साथ कुछ चीजें दी जा रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक वह मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं।
Courtesy: jagran. Com
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