Monday, 8 August 2016

विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, ईडी की कुर्की की तैयारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने साल 2012 के चेक बाउंस मामले में शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ शनिवार को गैर जमानती वारंट जारी किया. अदालत ने माल्या को 4 नवंबर तक अदालत के समक्ष पेश होने के लिए कहा है. अदालत ने कहा कि माल्या को अदालत में पेश करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है. महानगर दंडाधिकारी सुमित आनंद ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए विदेश मंत्रालय से कहा कि वह इसे माल्या के पास भेज दे, जो कथित तौर पर लंदन में हैं.

इससे पहले, एक निचली अदालत ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी डीआईएएल की शिकायत पर माल्या को समन जारी किया था. कंपनी ने कहा था कि बंद हो चुके किंगफिशर एयरलाइंस ने 22 फरवरी, 2012 को उसे 1 करोड़ रुपये का एक चेक दिया था, जो बाउंस कर गया. डीआईएएल ने चेक बाउंस होने से कुल 7.5 करोड़ रुपये की अदायगी न होने को लेकर माल्या के खिलाफ जून 2012 में चार मामले दर्ज कराए थे. किंगफिशर एयरलाइंस ने ये चेक आईजीआई हवाई अड्डे पर सेवा के बदले जारी किए थे.

वहीं ईडी ने शराब कारोबारी विजय माल्या और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में नई सिरे से कार्रवाई के तहत 6,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की की तैयारी की है. कथित बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में यह कार्रवाई की जा रही है. ईडी ने कुर्की के लिए 6,000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों की पहचान की है.

एजेंसी मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत कुर्की का दूसरा दौर शुरू करने की तैयारी कर रहा है. माल्या को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धाराओं के तहत प्रोक्लेमेशन आदेश जारी किया गया था, लेकिन वह विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए.

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने अपनी कार्रवाई योजना के तहत कुर्क और फ्रीज करने के लिए माल्या और उनके परिवार के सदस्यों के कुछ गिरवी रखे शेयरों, संबंधित चल और अचल परिसंपत्तियों की पहचान की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में माल्या के अलावा उन लोगों के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है जिनका नाम इसमें आया है. इस बीच, एजंसी विशेष अदालत से ‘फरार व्यक्ति’ आदेश जारी करवाने की प्रक्रिया में है जिसे आगे विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिससे भारत-ब्रिटेन एमएलएटी को लागू कर माल्या को जांच में शामिल करने को भारत वापस लाया जा सके.

Courtesy: abplive. In

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