Tuesday, 9 August 2016

तमिलनाडु के तिरुपति जिले से 570 करोड़ की जब्ती मामले में सीबीआइ ने दर्ज की पीई

तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में तीन कंटेनर वाहनों से जब्त 570 करोड़ रूपये के मामले में सीबीआी ने शुरूआती जांच(पीई) का मामला दर्ज किया है।

नई दिल्ली, प्रेट्र: 16 मई को हुए तमिलनाडु विधान सभा चुनावों से तीन दिन पहले 13 मई को तिरुपुर जिले में तीन कंटेनर वाहनों से 570 करोड़ रुपये की जब्ती मामले में सीबीआइ ने शुरुआती जांच (पीई) का मामला दर्ज किया है। उसने यह कदम मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश पर उठाया। जांच एजेंसी के प्रवक्ता पीके गौर ने सोमवार को यह जानकारी दी। ध्यान रहे कि स्टेट बैंक ने बरामद धनराशि को अपना बताया था और तीनों कंटेनरों को कोयंबटूर स्थित ट्रेजरी ब्रांच मंगा लिया था।

हाई कोर्ट ने द्रमुक सांसद टीकेएस एलांगोवन की याचिका पर सीबीआइ से पीई दर्ज करने के लिए कहा। 13 मई की रात को निर्वाचन आयोग की तिरुपुर स्थित निगरानी टीम ने तीन कंटेनर वाहनों से 570 करोड़ रुपये बरामद किए थे। इन वाहनों की सुरक्षा में तीन इनोवा कारें भी लगी थीं। बरामद राशि को हवाला लेनदेन करार देते हुए सांसद का आरोप है कि जब आयोग की टीम ने ड्राइवरों और इनोवा सवारों से इतनी बड़ी धनराशि के बारे में पूछे तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया था।

उनके पास 570 करोड़ रुपये को लेकर कोई वैध कागजात भी नहीं थे। इनोवा सवारों ने खुद को आंध्र प्रदेश पुलिस का अधिकारी बताया था, लेकिन कोई भी अपनी वर्दी में नहीं था। जो कागजात सौंपे, उनमें कंटेनर वाहनों के नंबर का उल्लेख नहीं था।

द्रमुक नेता के अनुसार, जब्त कंटेनरों में से एक का नंबर एपी-13-एक्स 5204 था, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में यह नंबर किसी जफर अहमद खान की इनोवा कार के लिए दर्ज है। एलांगोवन के मुताबिक, जब्त वाहनों की आरसी बुक में एक ही शख्स का फोटो लगा है। इससे पूरा मामला हवाला का प्रतीत होता है। पीई दर्ज करने का आदेश देते हुए जस्टिस आर सुबैया ने कहा, 'घटना के 18 घंटे बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आयकर विभाग की ओर से कुछ पत्र तैयार कर मुख्य चुनाव अधिकारी से अनुरोध किया जाता है कि वह जब्त कंटेनरों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ट्रेजरी ब्रांच, कोयंबटूर पहुंचाने का आदेश दें।'

सांसद का आरोप है कि अगर धनराशि स्टेट बैंक की थी तो उसने रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत इतनी बड़ी धनराशि के लिए रेल मार्ग का इस्तेमाल क्यों नहीं किया? स्थानीय पुलिस की सुरक्षा क्यों नहीं ली? उन्होंने कहा कि बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने साजिश कर फर्जी कागजात बनाए और हवाला धनराशि छुड़ा लिए।

Courtesy: jagran. Com

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