नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार देशभर के 300 गांवों को इलाके के विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इन गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी तक शहर की तरह इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा
माइगॉव ऐप के संचालन के दो साल पूरे होने पर आयोजित टाउनहॉल मीटिंग में पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शहरी ग्रामीण अभियान का मकसद गावों में गुणवत्तापूर्ण जीवन और रोजगार की बेहतर व्यवस्था करना है। उन्होंने सवाल किया कि स्मार्ट सिटीज की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्या गांवों की दशा और दिशा भी नहीं बदलनी चाहिए? पीएम ने आगे कहा, 'शहरों में उपलब्ध सुविधाएं गांवों को भी मुहैया होनी चाहिए।'
मोदी ने कहा कि शहरी ग्रामीण मिशन स्मार्ट सिटी योजना से इतर है (स्मार्ट सिटी प्लस) जिसमें 300 वैसे गांवों की पहचान की गई है जिन्हें अपने-अपने इलाके के ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इसकी पीछे आइडिया यह है कि गावों की मौलिकता बरकरार रहे और शहरों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाएं।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास का केंद्र बन सकते हैं। हैंडलूम डे के मौके पर पीएम ने देश के 125 नागरिकों से अपने पहनावे में 5% खादी और हथकरघा अपनाने को कहा। इससे कपड़ा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और देश में दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देनेवाला साधन है। पीएम ने कहा कि इससे गरीबों को मदद मिलेगी।
Courtesy: India times. Com
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