Saturday, 6 February 2016

नर्सरी में अधिकतम उम्र तय करने पर दिल्ली सरकार को HC की फटकार

नर्सरी में अधिकतम उम्र तय करने पर दिल्ली सरकार को HC की फटकार

 #हाई कोर्ट #नर्सरी #दिल्ली सरकार

नई दिल्ली

प्राइवेट गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में नर्सरी में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र 4 साल तय करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को 'आप' सरकार के अधिकार पर सवाल खड़े किए हैं। जस्टिस मनमोहन ने पूछा, 'अधिकतम उम्र तय करने का अधिकार आपको कहां से मिला?' उन्होंने दिल्ली सरकार के उस नोटिफिकेशन का हवाला दिया जिसके जरिए ऊपरी सीमा तय की गई है। उन्होंने कहा कि यह नोटिफिकेशन अवैध जैसा है क्योंकि इसे उप राज्यपाल या किसी कानून के तहत जारी नहीं किया गया है।

जज ने सरकार के अधिकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा, 'प्राइवेट गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया पर 2007 के आदेश को उप राज्यपाल द्वारा जारी किया गया था। आपके नोटिफिकेशन में कोई कानूनी मजबूती नहीं है। सिर्फ ऐडमिनिस्ट्रेटर (एलजी) ही नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। आप एक एग्जिक्युटिव ऑर्डर के जरिये 2007 के कानूनी ऑर्डर को कैसे कुचल सकते हैं।' जज महोदय ने यह भी व्यवस्था दी है कि नोटिफिकेशन ने पैरंट्स से अपनी मर्जी के हिसाब से बच्चे के दाखिला कराने की आजादी को भी छीन लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जटिल मामले के लिए कोई सीधा हल नहीं हो सकती है।

वहीं, आप सरकार ने सफाई दी है कि फैसला एक्सपर्ट्स के एक पैनल के सुझावों के आधार पर लिया गया है। पैनल में अग्रणी स्कूलों के प्रिंसिपल्स भी शामिल थे। शिक्षा विभाग ने कहा कि पहली क्लास में बच्चों के दाखिले की पैरंट्स की आजादी को नोटिफिकेशन के माध्यम से छीन नहीं गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि ऐसा सिर्फ निश्चितता लाने के लिए किया गया है। लेकिन, जस्टिस मनमोहन पर आप सरकार की सफाई का कोई असर नहीं हुआ और कहा कि इस तरह के मामले पर लम्बी बहस की जरूरत होती है। ऐप्लिकेशन प्रोसेस की अंतिम तारीख 5 फरवरी है जिसे देखते हुए जज महोदय ने कहा है कि मंगलवार को वह अंतरिम निर्देश देंगे। 

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