Sunday, 21 February 2016

छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

 

नई दिल्ली. शुक्रवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इनके निर्माण पर 6,000 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है। ये प्रोजेक्ट पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उड़िसा के हैं। दैनिक भास्कर के अनुसार अब तक मंत्रालय 34,000 करोड़ रु. के 37 प्रोजेक्ट को मंजूरी दे चुका है।

राजमार्ग सचिव संजय मित्रा ने बताया कि मंत्रालय ने 350 किलोमीटर लंबाई की आठ परियोजनाओं को अब तक मंजूरी दी है। इनमें से छह का काम ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) तरीके से तथा दो को हाइब्रिड एन्यूटी तरीके से किया जाएगा। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण तथा बनाओ, चलाओ और सौंप दो का मिला-जुला रूख है। इसमें सरकार तथा निजी कंपनी दोनों की परियोजना में भागीदारी होती हैं।

मंत्रालय डेढ़ लाख पुलों की डिजिटल मैपिंग भी करवाएगा। देश में अभी तक करीब 50,000 पुलों की मैपिंग हुई है। मैपिंग से पता चलता है कि ये पुल भारी मशीनरी ले जाने लायक हैं या नहीं। अभी भेल जैसी कंपनियों को यह डाटा हासिल करने के लिए 50 लाख रुपए तक की फीस भरनी पड़ती है।

सड़क निर्माण के चार मॉडल

1. बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल :

डेवलपर हाइवे बनाता है। टोल से अपना खर्च वसूलता है।

2.बीओटी एन्युटी :

डेवलपर हाइवे बनाता है, कुछ समय तक ऑपरेट करता है और फिर सरकार को ट्रांसफर कर देता है। लागत के बाकी पैसे सरकार उसे किस्तों में चुकाती है।

3. ईपीसी :

इसमें सारा खर्च सरकार देती है। डेवलपर सिर्फ काम करता है।

4. हाइब्रिड एन्युटी :

बीओटी टोल व ईपीसी का मिलाजुला रूप । सरकार लागत का 40% देगी। बाकी डेवलपर को लगाने पड़ेंगे।

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