Tuesday, 9 February 2016

दिल्ली-मुंबई को झटका, अब अहमदाबाद बनेगी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी!

दिल्ली-मुंबई को झटका, अब अहमदाबाद बनेगी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी!


नई दिल्ली । वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का टैग हासिल करने की दौड़ से मायानगरी मुंबई और देश की राजधानी दिल्ली दोनों शहर बाहर हो गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस वर्ष वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का टैग हासिल करने की दौड़ हेरिटेज सिटी के लिए एकमात्र शहर अहमदाबाद का नाम यूनेस्को भेजा गया है। इसे भेजने की अंतिम तारीख 30 जनवरी थी।

इस पर दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्र ने इस पर कड़ा एतराज जताया तो केंद्र सरकार ने सफाई दी कि दिल्ली को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी बनाने संबंधी फाइल शहरी विकास मंत्रालय से स्वीकृत ही नहीं हुई।

मुंबई को लेकर प्रस्ताव को जोरदार तरीके से पेश नहीं किया गया, इसलिए सरकार ने अहमदाबाद का नाम प्रस्तावित किया है। दिल्ली की सत्ता पर वर्षो तक काबिज रही कांग्रेस सरकार के दौरान पहली बार वर्ष 2012 में दिल्ली को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए कवायद की गई थी।

इसके बाद गत वर्ष जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लगातार केंद्र सरकार को इसके लिए पत्र लिखा जा रहा था।

उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस तथा मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई को हेरिटेज सिटी का टैग दिलाने के लिए प्रस्ताव यूनेस्को भेजे जाने की सिफारिश की थी, लेकिन मुंबई का नाम भी प्रस्तावित नहीं किया गया।

केंद्र सरकार के इस फैसले पर दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्र ने कहा कि गत वर्ष भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, तब से केंद्र सरकार के एजेंडे से दिल्ली बाहर है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर की दुनिया भर में एक खास पहचान है।

यही वजह है कि दिल्ली का नाम प्रस्तावित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से उन्होंने कई बार पहल की। लेकिन, ऐन मौके पर केंद्र ने दिल्ली को दरकिनार कर अहमदाबाद का नाम वल्र्ड हेरिटेज सिटी के लिए प्रस्तावित कर दिया है।

मालूम हो कि गत 21 दिसंबर को भी दिल्ली सरकार की ओर से केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि वे यूनेस्को में दिल्ली को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए मजबूत तरीके से दावेदारी रखें।

महेश शर्मा को लिखे पत्र की जानकारी देते हुए कपिल मिश्र ने बताया कि वर्षो पहले इंटेक को इस मामले में अवधारणा रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया था। यह रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है। अब भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के जरिये यूनेस्को को नामांकन का विवरण भेजा जाना है।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष अगस्त में भी केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि जुलाई 2016 में वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की इंस्तानबुल में बैठक होनी है, जिसमें दुनिया के शहरों को हेरिटेज सिटी का दर्जा देने का फैसला किया जाना है, इसलिए दिल्ली सरकार ने अपनी ओर से समय रहते पहल की थी, मगर नाम अहमदाबाद का भेज दिया गया।

धरोहर संरक्षण में मिलती है मदद

यूनेस्को दुनियाभर से विश्व इतिहास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को चुनती है। इससे इन स्थलों के संरक्षण में मदद मिलती है। वर्ल्ड हेरिटेज सिटी कहलाना निसंदेह गौरव की बात तो होती ही है, पर्यटन के लिए भी संजीवनी बूटी का काम करती है।

जब किसी शहर या स्थल को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया जाता है, तो वह केवल किसी खास देश की जागीर नहीं रह जाती बल्कि पूरे विश्व और मानवता के इतिहास की साझा विरासत बन जाती है।

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