स्टेम सेल्स को सुरक्षित रखने की नई तकनीक का ईजाद
लंदन। वैज्ञानिकों ने मनुष्य की स्टेम कोशिकाओं को सुरक्षित रखने की नई तकनीक ईजाद की है। इस तकनीक के जरिये सेल कल्चर में स्टेम कोशिकाओं को पहचानना और उन्हें संरक्षित करना आसान होगा।
बर्लिन के मैक्स डेलब्रेक सेंटर फॉर मॉलीक्यूलर मेडिसिन के शोधकर्ता सुसाना इसवेक ने बताया कि हमारी तकनीक दुनियाभर में शोधकर्ताओं को ऐसा करने में सक्षम बनाएगी। इसके जरिये शोधकर्ता बेहद महत्वपूर्ण स्टेम कोशिकाओं को आसानी से अलग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भ्रूण से निकाली गई स्टेम कोशिकाएं प्रयोगशाला में बहुत जल्द ही विकृत हो जाती हैं।
स्टेम कोशिकाओं को निकालना और संरक्षित करना अभी बेहद जटिल प्रक्रिया है। नई तकनीक भ्रूण से ली गई स्टेम कोशिका के साथ ही वयस्कों की परिपक्व कोशिकाओं से तैयार स्टेम कोशिकाओं पर भी समान रूप से कारगर है।
क्या है फायदा ?
स्टेम कोशिकाएं शरीर की मूल कोशिकाएं होती हैं। यही कोशिकाएं आगे चलकर अलग-अलग तरह की कोशिकाओं में बदलती हैं और शरीर का विकास होता है। प्रयोगशाला में स्टेम कोशिकाओं को संरक्षित रखने से कई ऐसी बीमारियों का इलाज भी संभव है जिन्हें अमूमन लाइलाज माना जाता है।
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