Saturday, 27 February 2016

न्यूजीलैंड ने जीती सीरीज , गप्टिल और ‍विलियम्सन की रिकॉर्ड साझेदारी

न्यूजीलैंड ने जीती सीरीज , गप्टिल और ‍विलियम्सन की रिकॉर्ड साझेदारी

ऑकलैंड। मार्टिन गप्टिल (82) और केन विलियम्सन (84) के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई रिकॉर्ड साझेदारी (159) की मदद से न्यूजीलैंड ने वर्षा बाधित तीसरे वनडे में पाकिस्तान को डकवर्थ-लुईस नियम से 3 विकेट से हराया। पाकिस्तान ने 47.3 ओवरों में 290 रन बनाए। न्यूजीलैंड को 43 ओवरों में 263 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला, जिसे उसने 42.4 ओवरों में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। गप्टिल को मैन ऑफ द मैच चुना गया। न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमाया। 
लक्ष्य का पीछा करते हुए घरेलू टीम ने कप्तान ब्रैंडन मॅक्कुलम (0) का विकेट सस्ते में गंवाया। 6/1 की स्थिति के बाद गप्टिल और विलियम्सन ने दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 159 रनों की भागीदारी की। यह न्यूजीलैंड की तरफ से दूसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी भागीदारी है। अजहर अली ने गप्टिल को आउट कर इस भागीदारी को तोड़ा। उन्होंने 81 गेंदों में 8 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 81 रन बनाए। विलियम्सन 9 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 84 रन बनाकर अजहर के शिकार बने। न्यूजीलैंड ने जब 35.3 ओवरों में 5 विकेट पर 210 रन बनाए थे तभी वर्षा शुरू हो गई और 43 ओवरों में 263 रनों का संशोधित लक्ष्य दिया गया। कोरी एंडरसन ने 35 रन बनाकर टीम की जीत में भूमिका निभाई। 
इसके पूर्व टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रहे पाकिस्तान ने 20 रनों पर सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो दिए थे। इसके बाद बाबर आजम (83) और मोहम्मद हफीज (76) ने तीसरे विकेट के लिए 134 रन जोड़े। सरफराज अहमद ने 41 और शोएब मलिक ने 32 रनों का योगदान दिया। एडम मिल्ने ने 49 रनों पर 3 विकेट लिए। ट्रेंट बोल्ट और मैट हैनरी को 2-2 विकेट मिले।

Thursday, 25 February 2016

JNU पर राजनाथ के जवाब से नाराज कांग्रेस, लेफ्ट का वॉकआउट

JNU पर राजनाथ के जवाब से नाराज कांग्रेस, लेफ्ट का वॉकआउट

राज्यसभा में जेएनयू और पटियाला हाउस कोर्ट मारपीट के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के जवाब के वक्त कांग्रेस और वाम दल वॉक आउट कर गए. विपक्ष ने मोदी सरकार पर कोर्ट परिसर में कन्हैया से मारपीट के आरोपी वकीलों और बीजेपी विधायक ओपी शर्मा को बचाने का आरोप लगाया.

दिल्ली में सालभर से कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं
इसके पहले राजनाथ ने सदन में कहा कि दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस हरसंभव कोशिश कर रही है. बीते एक साल में दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव या हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि पटियाला हाउस कोर्ट में हुई घटना के बाद एफआईआर दर्ज किया गया. इसके बाद कानून के मुताबिक हर जरूरी कदम उठाए गए. मामले में गृह मंत्री धाराएं और जुर्माना तय नहीं कर सकता. यह काम सिर्फ पुलिस और कोर्ट ही कर सकती है. हम पुलिस कार्रवाई में दखल नहीं देते.

दिग्विजय सिंह ने की आजतक के स्टिंग की चर्चा
राज्यसभा में जेएनयू मसले पर राजनाथ सिंह के जवाब के दौरान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में हुई मारपीट के बाद आजतक के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए रहा कि आरोपी क्यों बाहर हैं? उपसभापति पीजे कूरियन ने गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू के सदन में नहीं होने की बात उठाई.

जेएनयू के गर्ल्स हॉस्टल में नहीं गई पुलिस
राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में एफआईआर की संख्या बढ़ी है. इसकी वजह पुलिस का सुलभ होना है. दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. ऑपरेशन शिष्टाचार, ऑपरेशन हिम्मत, ऑपरेशन निर्भीक जैसी बड़ी कार्रवाई की है. सिंह ने कहा कि जेएनयू में गर्ल्स हॉस्टल में पुलिस के जाने के आरोप के बारे में गृह मंत्रालय या पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है. जांच के दौरान किसी पुलिस वाले केसादे ड्रेस में गर्ल्स हॉस्टल जाने की बात सामने आएगी तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे.

हमलावर वकीलों को जमानत में जल्दी क्यों
सदन में कांग्रेस सासंद गुलाम नबी आजाद ने दिल्ली पुलिस पर जेएनयू मामले को जटिल बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कन्हैया के फूटेज के साथ भी छेड़छाड़ की गई है. असली वीडियो पर कार्रवाई नहीं हुई. कोर्ट में हमला करने वाले वकीलों को गिरफ्तार करने में देरी और जमानत पर छोड़ने में जल्दी की गई.

लखनऊ: भाजपा के नए ऑफिस का आज उद्घाटन करेंगे अमित शाह

लखनऊ: भाजपा के नए ऑफिस का आज उद्घाटन करेंगे अमित शाह

लखनऊ। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज लखनऊ में भाजपा के नए ऑफिस का उद्घाटन करेंगे। इसमे सुहेलदेव, बाबा साहेब आंबेडकर और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के बड़े बड़े फोटो लगाए गए है। सुहेल देव अति पिछड़ीजाति के प्रतीक और आंबेडकर दलित राजनीती के प्रतीक माने जाते है। अमित शाह आज सुबह 9 बजे लखनऊ भाजपा ऑफिस में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

इससे पहले कल राजा सुहेलदेव पासी की मूर्ति का अनावरण कर दलित एजेंडे को धार देते हुए अमित शाह ने यहां विपक्ष पर अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देशद्रोह को प्रश्रय देने और विकास में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया। जेएनयू में लगे नारों की निंदा करते हुए उन्होंने विपक्ष को इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।

RAIL BUDGET : लालू ने दी प्रतिक्रिया, कहा- आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया

RAIL BUDGET : लालू ने दी प्रतिक्रिया, कहा- आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया

पटना। रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राजद सुप्रीमो और पूर्व रेलमंत्री लालू यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल लगातार घाटे की ओर जा रही है, लेकिन इसका खर्चा बढता जा रहा है। लालू ने तंज कसते हुए कहा कि रेलवे की आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया हो गया है।

लालू प्रसाद ने कहा, "जब मैैं रेल मंत्री था तो रेल दुधारु जर्सी गाय थी। उसे पाल -पोसकर मैंने दुधारू बनाया था। अब उसकी स्थिति बिमार जर्सी गाय जैसी है, जिसकी सेवा नहीं की गई। इससे अब यह दूध देने के काबिल भी नहीं है।"

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण रेल की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। रेल का राजस्व लगातार घटता जा रहा है। कहा, "जब मैं रेलमंत्री था तो मैंने इसके लिए कभी केेंद्र सरकार से एक पैसा नहीं लिया। अब पूरी ट्रेन मोदी सरकार पर भारी पड़ रही है।"

लालू ने कहा कि भारतीय रेलवे एक लाइफलाईन थी, जो बीजेपी के सत्ता में आने से बाद पटरी से उतर गई है और रेलमंत्री खुद ही डिरेल हो गए हैं। रेलवे मंत्रालय के पास खुद का घरेलू खर्च उठाने की ताकत नहीं रही है। अब इसे गिरवी रखने की कवायद शुरू हो गई है।

लालू ने कहा कि अब बुलेट ट्रेन चलाकर रेल को विदेशी हाथों में सौंपने की तैयारी है। यहां के लोगों को कर्ज में डूबी बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए। बुलेट ट्रेन के बदले अपनी सस्ती और सुविधाजनक रेल ही चाहिए।

लालू ने कहा कि इस बार का रेल बजट हल्का है। इसमें कुछ भी नया नहीं है। इस रेल बजट से जनता को केवल निराशा हाथ लगी है। इसमें किसी वर्ग का कोई भी ख्याल नहीं रखा गया है, केवल बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर जापान के लिए रास्ते खोले गए हैं।

JNU पर राजनाथ के जवाब से नाराज कांग्रेस, लेफ्ट का वॉकआउट

JNU पर राजनाथ के जवाब से नाराज कांग्रेस, लेफ्ट का वॉकआउट

राज्यसभा में जेएनयू और पटियाला हाउस कोर्ट मारपीट के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के जवाब के वक्त कांग्रेस और वाम दल वॉक आउट कर गए. विपक्ष ने मोदी सरकार पर कोर्ट परिसर में कन्हैया से मारपीट के आरोपी वकीलों और बीजेपी विधायक ओपी शर्मा को बचाने का आरोप लगाया.

दिल्ली में सालभर से कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं
इसके पहले राजनाथ ने सदन में कहा कि दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस हरसंभव कोशिश कर रही है. बीते एक साल में दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव या हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि पटियाला हाउस कोर्ट में हुई घटना के बाद एफआईआर दर्ज किया गया. इसके बाद कानून के मुताबिक हर जरूरी कदम उठाए गए. मामले में गृह मंत्री धाराएं और जुर्माना तय नहीं कर सकता. यह काम सिर्फ पुलिस और कोर्ट ही कर सकती है. हम पुलिस कार्रवाई में दखल नहीं देते.

दिग्विजय सिंह ने की आजतक के स्टिंग की चर्चा
राज्यसभा में जेएनयू मसले पर राजनाथ सिंह के जवाब के दौरान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में हुई मारपीट के बाद आजतक के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए रहा कि आरोपी क्यों बाहर हैं? उपसभापति पीजे कूरियन ने गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू के सदन में नहीं होने की बात उठाई.

जेएनयू के गर्ल्स हॉस्टल में नहीं गई पुलिस
राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में एफआईआर की संख्या बढ़ी है. इसकी वजह पुलिस का सुलभ होना है. दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. ऑपरेशन शिष्टाचार, ऑपरेशन हिम्मत, ऑपरेशन निर्भीक जैसी बड़ी कार्रवाई की है. सिंह ने कहा कि जेएनयू में गर्ल्स हॉस्टल में पुलिस के जाने के आरोप के बारे में गृह मंत्रालय या पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है. जांच के दौरान किसी पुलिस वाले केसादे ड्रेस में गर्ल्स हॉस्टल जाने की बात सामने आएगी तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे.

हमलावर वकीलों को जमानत में जल्दी क्यों
सदन में कांग्रेस सासंद गुलाम नबी आजाद ने दिल्ली पुलिस पर जेएनयू मामले को जटिल बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कन्हैया के फूटेज के साथ भी छेड़छाड़ की गई है. असली वीडियो पर कार्रवाई नहीं हुई. कोर्ट में हमला करने वाले वकीलों को गिरफ्तार करने में देरी और जमानत पर छोड़ने में जल्दी की गई.

कुछ देश ऐसे भी जहां नहीं है रेल मंत्रालय, जानिए उन देशों के बारे में

कुछ देश ऐसे भी जहां नहीं है रेल मंत्रालय, जानिए उन देशों के बारे में

नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि भारत की तरह कुछ ही देशों में अलग से रेल मंत्रालय है। कई देश ऐसे हैं जहां रेल मंत्रालय है ही नहीं, कुछ देशों में रेल मंत्रालय परिवहन मंत्रालय के अन्तर्गत ही आता है।

भारत में हर साल फरवरी में जनता रेल बजट के माध्यम से रेलमंत्री की नई घोषणाओं को जानती है एवं हिसाब लगाती है कि उनके गांव, शहर तक जाने के लिए कितना किराया बढ़ा, कितना घटा है, कितनी नई ट्रेनें शुरू हुई हैं, किस शहर या राज्य पर रेल मंत्रालय की मेहरबानी नहीं हुई है।

भारत के अलावा, चीन, पाकिस्तान एवं उत्तरी कोरिया में अलग से रेल मंत्रालय है। जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देश ऐसे हैं जिनमें में रेल विभाग, परिवहन मंत्रालय के ही अंडर में आता है।

लंबे समय से आलोचक इस बात पर बहस करते आए हैं कि देश में रेल बजट को मुख्य आम बजट में ही शामिल कर देना चाहिए। इसके जवाब में भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक बताकर 1924 में शुरू हुई रेल बजट की परंपरा के महत्व को समझाया जाता रहा है।

जिस तरह भारत की विशाल भौगोलिक स्थिति एवं उतने ही बड़े रेल नेटवर्क को ध्यान में रखकर ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान ही रेल मंत्रालय बनाया गया था, उसी तरह कई देशों में ऐसे विभाग हैं जो भारत में नहीं हैं। जैसे सऊदी अरब में 'धार्मिक मामलों का मंत्रालय' होता है, जो हर साल होने वाली हज यात्रा आयोजित करता है। फ्रांस में भी एक वक्त 'आराधना/ पूजा' मंत्रालय हुआ करता था, बाद में इसे हटा दिया गया

EDI बिल्डिंग में फंसा था आतंकी सल्लाहुद्दीन का बेटा, सुरक्षाबलों ने बचाया

EDI बिल्डिंग में फंसा था आतंकी सल्लाहुद्दीन का बेटा, सुरक्षाबलों ने बचाया

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पंपोर हमले में मारे गए आतंकियों को श्रदांजलि देने और भविष्यि में ऐसे ही हमलों की चेतावनी देने वाले यूनाईटेड जेहाद कौंसिल के चेयरमैन सल्लागहुदीन का छोटा बेटा भी उस वक्त ईडीआई बिल्डिंग में ही मौजूद था जिस समय आतंकी सीआरपीएफ काफिले को निशाना बनाने के बाद ईडीआई बिल्डिंग में छुपने आए थे। उसे उन सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान पर खेल कर सुरक्षित बाहर निकाला, जिनकी मौत पर सल्लाीहुदीन अपने आतंकी कैडर की पीठ ठोंक रहा है।

गौरतलब है कि पिछले शनिवार को लश्कर-ए-तईबा के तीन आत्मघाती आतंकी श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सेमपोरा-पंपोर में सीआरपीएफ के एक वाहन पर हमला करने के बाद पास के ईडीआई परिसर में दाखिल हो गए थे। आतंकियों ने ईडीआई परिसर में पनाह ली और वहीं से वो लगातार सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसा रहे थे।

यह मुठभेड़ पिछले सोमवार की देर शाम समाप्त हो गई थी। इसमें सेना के दो कैप्टेन, एक हवालदार और दो सीआरपीएफ जवान के अलावा एक नागरिक भी मारा गया। तीन आतंकी भी मारे गए।

अलबत्ताफ, जिस समय आतंकी ईडीआई परिसर में दाखिल हुए थे, उस समय वहां पर 160 से ज्यादा लोग थे। इन लोगों में कश्मीर के सबसे बड़े आतंकी संगठन और यूनाईटेड जेहाद काउंसिल के चेयरमैन सैय्यद सल्लाहउद्दीन का बेटा सैय्यद मुईद युसुफ भी था। वह ईडीआई में बतौर प्रबंधक सूचना प्रौद्योगिकी काम करता है।

जब आतंकी परिसर में दाखिल हुए तो उस समय वह पहली मंजिल पर अस्सयर (शाम के समय) की नमाज अदा कर रहा था। आतंकियों के दाखिल होने पर वहां अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपनी जान बचाने को इधर उधर भागने लगे थे। जिहाद कौंसिल के चेयरमैन के बेटे सैय्यद मुईद युसूफ ने नमाज को बीच में ही छोड़ दिया और वह भी वहां से अन्य लोगों संग जान बचाने के लिए निकला। पहली मंजिल पर 23 लोग थे।

आतंकियों ने राइफलें लहराते हुए उन सभी को अपने मोबाइल फोन नीचे रखने का निर्देश देते हुए हाथ ऊपर उठाकर बाहर निकलने को कहा ताकि सुरक्षाकर्मी उन्हें आतंकी न समझे। आतंकी कह रहे थे निकलो जल्दी, निकलो जल्दी, फौज आ रही है, मुठभेड़ शुरु होने वाली है, हमें आप लोगों से कुछ नहीं है। हमारी जंग फौज के साथ ही है।

आतंकियों के फरमान पर ये सभी 23 लोग पहली मंजिल से नीचे आए और पिछले दरवाजे से हॉस्टल की तरफ गए, जहां अगले चंद मिनटों में राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के जवान पहुंच गए। उन्होंने पूरे परिसर को घेर लिया।

मुख्य परिसर में छिपे आतंकियों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरु कर दी। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने गोलियों की परवाह किए बिना लोगों को निकालने का अभियान शुरु कर दिया।

सैय्यद मुईद उन कर्मियों में शामिल था, जिन्हें सुरक्षाबलों ने सबसे पहले बख्तरबंद वाहन में सवार होने को कहा था। लेकिन उसने और उसके कुछ अन्य साथियों ने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वह बाद में आएंगे, पहले महिलाकर्मियों के अलावा उनके कुछ जूनियर को निकाला जाए। इसी दौरान आतंकयों ने मुख्य परिसर में बनी कैंटीन से उनकी तरफ अंधांधुंध फायरिंग की, जिसमें माली अब्दुल गनी मीर जख्मी हो गया। इस फायरिंग में सीआरपीएफ के चार जवान भी जख्मी हुए थे।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने वहां कुछ और बख्तारबंद वाहन मंगवाए जिनमें सल्लाहउदीन के बेटे के साथ अन्य लोगों को भी बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल अब्दुल गनी मीर को एक अन्य वाहन में वहां से अस्पताल पहुंचाया गया जहां वे अपने जख्मों की ताव ना सहते हुए चल बसा।

आईजीपी कश्मीर एसजेएम गिलानी ने भी ईडीआई परिसर में आतंकी हमले के समय मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल सल्लाहुदीन के पुत्र के फंसे होने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह वहां बतौर इंजीनियर काम करता है। हमनें आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरु करने से पहले उसे भी अन्य लोगों के साथ सुरक्षित बाहर निकाला है। 
निदेशक ईडीआई मोहम्मद इस्माइल पर्रे ने भी स्वीकार किया है कि सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों की गोलियों की बौछार में निकाले गए 160 लोगों में सैययद मुईद भी शामिल था।

हालांकि, इस संदर्भ में जब सय्यद मुईद से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो पाया।

Sunday, 21 February 2016

दिव्यांगों के लिए चालक रहित साइकिल

दिव्यांगों के लिए चालक रहित साइकिल

कोलकाता। आईआईटी खड़गपुर के छात्रों के एक समूह ने बिना चालक वाली साइकिल तैयार की है, जो दिव्यांगों के लिए बहुत उपयोगी है। संस्थान के विभिन्न विभागों के 13 छात्रों की टीम ने इस साइकिल का डिजाइन तैयार किया है। इस संबंध में आईआईटी खड़गपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र आयुष पांडे ने बताया कि यह साइकिल स्वचालित है, साथ ही खुद भी इसे चला सकते हैं।

मुख्य रूप से दिव्यांगों के लिए तैयार इस साइकिल को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि किसी मुसीबत की स्थिति में स्टीयरिंग या पैडलिंग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आयुष के मुताबिक यह विशेषकर नेत्रहीनों, जिनके हाथ-पैर ठीक हैं, उनके काफी काम आएगा।

आयुष ने सर्वप्रथम अक्टूबर, 2014 में इस पर काम शुरू किया था। उनका कहना है कि तीन प्रकार की खूबियों के कारण यह साइकिल दुनिया भर में उपयोग के लिए आदर्श सिद्ध होगी। इसमें वाई-फाई कनेक्टिविटी समेत अन्य हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसमें वायरलेस टेलीफोन नेटवर्क के सहारे ट्रैकिंग तंत्र व नियंत्रण की सुविधा है। साइकिल तैयार करने वाली टीम ने दावा किया है कि दुनिया में कहीं भी इस प्रकार के उत्पाद का इससे पहले ईजाद नहीं हुआ है। छात्रों के अनुसार इस साइकिल को तैयार करने में करीब 30 हजार रुपये की लागत आती है।

मंगल जैसे हालात पृथ्वी पर बनाकर आलू उगाएंगे वैज्ञानिक

मंगल जैसे हालात पृथ्वी पर बनाकर आलू उगाएंगे वैज्ञानिक

दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की टीम ने मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों के बीच पृथ्वी पर आलू उगाने की ठान ली है और इससे संबंधित प्रयोग किए हैं। वैज्ञानिकों की यह कोशिश मानव जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। यह प्रयोग इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (सीआईपी) पेरू और नासा के नेतृत्व में किया गया। अमूल्य फसल की खेती करने में सक्षम मंगल ग्रह पर एक नियंत्रित गुंबद के निर्माण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

नासा के शोध सहयोगी जूलियो ई वालडिविया-डिसिल्वा के अनुसार, "मैं मंगल पर आलू और अन्य चीजें उगाने के लिए बेकरार हूं। इसके लिए हमने धरती पर ही ऐसे इलाके को चुना है, जिसे नकली मंगल कहा जा सकता है।" पेरू का 'पंपास डी ला जोया' रेगिस्तान मंगल ग्रह से मिलती-जुलती मिट्टी के लिए जाना जाता है। वैज्ञानिकों ने आलू उगाने के लिए इसे ही चुना है।

सूत्रों के मुताबिक, इस प्रयोग में वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर पाई जाने वाली मिट्टी के लगभग समान मिट्टी का उपयोग किया। इसके अलावा उन्होंने आलू को उगाने के लिए प्रयोगशाला में मंगल ग्रह की तरह ही वातावरण तैयार किया। मंगल ग्रह के वातावरण में करीब 95 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड है इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में वृद्धि से इस फसल को फायदा मिला।

नासा के ग्रह वैज्ञानिक क्रिस मैके ने बताया, वैज्ञानिकों के इस समूह के असाधारण प्रयासों के बाद अलौकिक खेती की यह नींव तैयार हुई है जो मंगल पर मानव बस्तियों के लिए भोजन तैयार करने की योजना को शीध्र पूरा करने में मददगार होगी।" मंगल के समान वातावरण में तैयार होने वाला आलू कई गुणों से भी भरपूर होगा। यह विटामिन सी, लौह और जिक जैसे तत्वों का अच्छा स्रोत होगा।

सीआईपी के प्रमुख कहते हैं कि हमें यह समझना होगा कि अगर हम मंगल ग्रह की तरह विषम स्थितियों में आलू उगा सकते हैं तो पृथ्वी पर हम जीवन को भी सुरक्षित कर सकते हैं, क्योंकि विश्व में करीब 84.2 करोड़ लोग अकाल से प्रभावित हैं। ग्लोबन वार्मिग ने मिट्टी को ऊसर बना दिया है। ऐसे में यह प्रयोग कई दृष्टिकोण से लाभकारी हो सकता है।

छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

 

नई दिल्ली. शुक्रवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने छह राज्यों में आठ हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इनके निर्माण पर 6,000 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है। ये प्रोजेक्ट पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उड़िसा के हैं। दैनिक भास्कर के अनुसार अब तक मंत्रालय 34,000 करोड़ रु. के 37 प्रोजेक्ट को मंजूरी दे चुका है।

राजमार्ग सचिव संजय मित्रा ने बताया कि मंत्रालय ने 350 किलोमीटर लंबाई की आठ परियोजनाओं को अब तक मंजूरी दी है। इनमें से छह का काम ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) तरीके से तथा दो को हाइब्रिड एन्यूटी तरीके से किया जाएगा। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण तथा बनाओ, चलाओ और सौंप दो का मिला-जुला रूख है। इसमें सरकार तथा निजी कंपनी दोनों की परियोजना में भागीदारी होती हैं।

मंत्रालय डेढ़ लाख पुलों की डिजिटल मैपिंग भी करवाएगा। देश में अभी तक करीब 50,000 पुलों की मैपिंग हुई है। मैपिंग से पता चलता है कि ये पुल भारी मशीनरी ले जाने लायक हैं या नहीं। अभी भेल जैसी कंपनियों को यह डाटा हासिल करने के लिए 50 लाख रुपए तक की फीस भरनी पड़ती है।

सड़क निर्माण के चार मॉडल

1. बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल :

डेवलपर हाइवे बनाता है। टोल से अपना खर्च वसूलता है।

2.बीओटी एन्युटी :

डेवलपर हाइवे बनाता है, कुछ समय तक ऑपरेट करता है और फिर सरकार को ट्रांसफर कर देता है। लागत के बाकी पैसे सरकार उसे किस्तों में चुकाती है।

3. ईपीसी :

इसमें सारा खर्च सरकार देती है। डेवलपर सिर्फ काम करता है।

4. हाइब्रिड एन्युटी :

बीओटी टोल व ईपीसी का मिलाजुला रूप । सरकार लागत का 40% देगी। बाकी डेवलपर को लगाने पड़ेंगे।

Friday, 19 February 2016

ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वार्न को एनाकोंडा ने काटा!

ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वार्न को एनाकोंडा ने काटा!

मेलबर्न : आस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वार्न को एक रियलिटी टीवी शो के दौरान सिर पर एनाकोंडा ने काट लिया । न्यूज डाटकाम एयू की रिपोर्ट के अनुसार वार्न ‘ आई एम अ सेलिब्रिटी, गेट मी आउट आफ हेयर’ कार्यक्रम में एक टास्क कर रहे थे जब उन्हें एनाकोंडा ने काटा हालांकि वह सांप जहरीला नहीं था ।

रिपोर्ट में कहा गया ,‘ अफ्रीकी मेंढक, बिच्छू, काकरोच और चूहों से भरे बाक्स के बीच से बहादुरी से निकले शेन को सांपों का बाक्स दिया गया ।’ इसमें कहा गया ,‘मेजबान डाक्टर क्रिस ब्राउन ने वार्न को चेताया कि उनकी त्वचा पर चूहे की गंध होने के कारण सांप उन्हें अपना आहार समझ सकता है । शेन ने अपना सिर बाक्स में घुसाया और एक एनाकोंडा ने उन्हें काट लिया ।’ वार्न का इलाज कराया गया और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है । कार्यक्रम के कार्यकारी प्रोड्यूसर स्टीफन टेटे ने कहा ,‘ शेन ने पहले ही कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा डर सांपों से लगता है और यह अद्भुत है कि सांप के काटने के बाद भी उसने टास्क पूरा किया ’

नेटवर्क टेन के प्रवक्ता ने कहा ,‘ बाक्स में अनाकोंडा, कार्न स्नेक और रेट स्नेक थे । अनाकोंडा ने उन्हें काटा जो जहरीला नहीं था लेकिन उसके दांत इतने पैने है कि कांटने पर 100 सुइयां चुभने का दर्द देता है ।’

ISIS पश्चिमी देशों पर कर सकता है एटम बम से हमला

ISIS पश्चिमी देशों पर कर सकता है एटम बम से हमला

बगदाद। सिक्योरिटी एजेंसियों को शक है कि पिछले साल इराक से चोरी हुआ बेहद खतरनाक रेडियोएक्टिव मेटीरियल आईएसआईएस के आतंकियों के हाथ लग चुका है। इसका खुलासा इराकी एनवायरमेंट मिनिस्ट्री और सिक्योरिटी एजेंसियों के डॉक्यूमेंट्स में हुआ है। इसके चलते ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आईएसआईएस डर्टी बम से वेस्टर्न कंट्रीज पर हमला कर सकता है।

बेहद खतरनाक हो सकता है डर्टी बम

लैपटॉप साइज के प्रोटेक्टिव केस में रखे गए इस मेटीरियल का नाम इरीडियम 192 है। पिछले साल नवंबर में इराकी शहर बसरा से यह चोरी हो गया था। ऑयलफील्ड सर्विसेस कंपनी वेदरफोर्ड ने स्टेटमेंट जारी कर बताया है कि जिस बंकर में यह मेटीरियल रखा गया था, उस पर उनका कंट्रोल नहीं है। इसके चलते सिक्योरिटी एजेंसियों को डर है कि इसे आतंकियों ने चुराया है और वे इससे डर्टी बम बना सकते हैं। 

आपको बता दें कि न्यूक्लियर मेटीरियल से बने बम से खतरनाक रेडिएशन फैल सकता है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने इरीडियम 192 को रेडियोएक्टिव सोर्सेज की कैटेगिरी 2 में रखा है।