अब आयकर विभाग एक से अधिक पैन कार्ड रखने वालों की खोज कर रहा है। एक जैसे पते, मोबाइल नंबर तथा ई-मेल जैसी सूचनाओं के आधार पर PAN रखने वालों की जांच की जाएगी। आयकर विभाग इस तरह के पैन का पता लगाने के लिए निजी आईटी कंपनियों की सेवा लेने की योजना बना रहा है।
इस कदम का मकसद कर मामले में खामियों को दूर करना और कर चोरी को पकड़ना है। विभाग निजी कंपनियों की मदद से पैनधारकों के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए नोटबंदी के बाद उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए निजी कंपनियों से मदद लेगा।
गौरतलब है कि हाल ही में केन्द्र सरकार ने घोषणा की है कि अब PAN कार्ड को ऐसा बनाया जा रहा है कि इस पर फ्रॉड कम से कम किया जा सके। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक से लैस पैन कार्ड लेकर आई है। सरकार ने नए डिज़ाइन वाले पैन कार्ड को 1 जनवरी से जारी करना शुरू भी कर दिया है। ये कार्ड नए आवेदकों को जारी किए जा रहे हैं।
इन नए पैन कार्ड में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स होंगे, जिससे पैन कार्ड से किसी तरीके से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
इस कार्ड में आधार कार्ड की तरह क्विक रेस्पॉन्स (OR) कोड जोड़ा गया है। इससे कार्ड को स्कैन करते ही कार्ड होल्डर की सारी डिटेल सामने आ जाएगी। इससे वेरिफिकेशन प्रोसेस आसान हो जाएगा।
Source:topyaps.com
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