Thursday, 30 June 2016

किताब की बिक्री और व्याख्यानों की मदद से करोड़पति बन गयी हैं मलाला


लंदन: नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई और उनका परिवार किताब की बिक्री और व्याख्यानों से मिलने वाली राशि को पाकर करोड़पति बन गया है. पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालिबान शासन के बीच अपने जीवन को मलाला ने एक किताब ‘आई एम मलाला' में लिपिबद्ध किया है.

18 वर्षीय पाकिस्तानी किशोरी की तालिबान ने लडकियों के लिए शिक्षा की वकालत करने पर सिर में गोली मार दी थी। मलाला ने अपनी इस पूरी कहानी को ‘संड टाइम्स' की पत्रकार क्रिस्टिना लैम्ब के साथ मिलकर किताब का रूप दिया है. मलाला की इस कहानी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए गठित कंपनी के बैंक खाते में अगस्त 2015 में 22 लाख पाउंड थे और कर चुकाने से पहले उसका कुल लाभ 11 लाख पाउंड था.‘द टाइम्स' की खबर के अनुसार, मलाला, उसके पिता जियाउद्दीन युसुफजई और उसकी मां तूर पेकाई इस कंपनी ‘सालारजई लिमिटेड' के संयुक्त शेयरधारक हैं.

पूरा परिवार अब ब्रिटेन के बर्मिंघम में रहता है, जहां मलाला एडगबास्टन हाई स्कूल फॉर गर्ल्ड में पढ़ाई करती है. मलाला को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया और वह नोबेल पाने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत है.

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कनाडा ग्रां प्रिः गुरुसाइ, प्रतुल व हर्षिल ने पार की पहली बाधा

भारतीय शटलर आरएमवी गुरुसाइदत्त, प्रतुल जोशी और हर्षिल दानी ने कनाडा ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में पहली बाधा पार कर ली।

कैलगरी (कनाडा), प्रेट्र। भारतीय शटलर आरएमवी गुरुसाइदत्त, प्रतुल जोशी और हर्षिल दानी ने कनाडा ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में पहली बाधा पार कर ली।

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता गुरुसाइदत्त ने बुधवार को पहले दौर के मुकाबले में ऑस्टि्रया के रुदिगर को मात्र 18 मिनट में 21-7, 21-6 से शिकस्त दी। अगले दौर में उनका सामना स्थानीय खिलाड़ी जॉनाथन ली से होगा।

प्रतुल ने कनाडा के बार्यन होलेक को 21-13, 21-12 से मात दी। दूसरे दौर में उनकी भिड़ंत स्कॉटलैंड के एलिस्टेयर कैसी से होगी। हर्षिल ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा के टिमोथी चिऊ को 21-11, 21-14 से पराजित किया। भारतीय खिलाड़ी को दूसरे दौर में बाई मिली। उनके प्रतिद्वंद्वी वियतनाम के टिएन मिन्ह टूर्नामेंट से हट गए।

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फुटबाल व‌र्ल्ड कप में चमकेगा मुजफ्फरनगर का सितारा

एशियाई देशों में फुटबॉल के चढ़ते खुमार के बीच वेस्ट यूपी का भी सितारा बुलंद होगा।

संतोष शुक्ल, मेरठ। एशियाई देशों में फुटबॉल के चढ़ते खुमार के बीच वेस्ट यूपी का भी सितारा बुलंद होगा। वर्ष 2017 में भारत में खेले जाने वाले फीफा व‌र्ल्ड कप में वेस्ट का सुमित राठी देश की कमान संभाल सकता है। उसे टीम इंडिया का सबसे होनहार मिडफील्डर माना जा रहा है। किसी भी फुटबाल व‌र्ल्ड कप में खेलने वाला वह यूपी का पहला खिलाड़ी होगा। जर्मनी से तीन माह का प्रशिक्षण लेकर अब सुमित गोवा में टीम इंडिया के साथ कैंप कर रहा है। वह टीम इंडिया-17 का कप्तान भी बनाया जा सकता है।

- मंसूरपुर से जर्मनी तक खेला सुमित

फीफा फुटबाल व‌र्ल्ड कप-17 की मेजबानी भारत करेगा। मुजफ्फरनगर स्थित डीएवी मंसूरपुर का छात्र व सोनटा गांव का सुमित अपने तूफानी खेल की बदौलत टीम इंडिया की रीढ़ बन चुका है। वह ईरान में खेले गए अंडर-16 एशिया कप क्वालीफायर में भारत की ओर से खेल चुका है। सुमित की रफ्तार और मैदान में गेंद के साथ दौड़ते हुए बैलेंस ने चयनकर्ताओं को मुरीद बना दिया। वह टीम इंडिया में यूपी का अकेला खिलाड़ी है। गोवा में कैंप कर रही भारतीय टीम के 35 में से करीब आधे खिलाड़ी नार्थ ईस्ट से चुने गए हैं।

- छह साल की उम्र में खोया पिता

छह वर्ष की आयु में सुमित के सिर से पिता पवन राठी का साया उठ गया। उसकी परवरिश दादा ने की। पांच भाई बहनों के बीच सुमित को खेल के लिए मां से भरपूर सपोर्ट मिला। सही प्रतिभा डीएवी कालेज के कोच रोहिन सिंह ने परखा। यहां से तमाम क्लबों में खेलता हुआ सुमित टीम इंडिया तक पहुंचा।

- क्या कहते हैं कोच

मैंने सुमित की क्षमता को उसके बचपन में ही समझ लिया। उसमें फुटबाल को लेकर जबरदस्त जुनून था। अपने से बड़ी उम्र के खिलाडि़यों को बड़ी आसानी से छकाते हुए गोल पोस्ट तक पहुंच जाता था। टीम इंडिया के लिए खेलता देखना बड़ा अनुभव होगा। - रोहिन सिंह, सुमित के कालेज कोच

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भारत सिर्फ अपने बारे में सोच रहा : चीन


चीनी मीडिया ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भारत को शामिल करने भड़क गया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पिछले कुछ सालों में पश्चिमी दुनिया ने भारत को बहुत कुछ दिया है और चीन को ठेंगा दिखाया है। भारत पश्चिमी देशों का आंखों का तारा बन गया है और वह अंतरराष्ट्रीय मामलों मे सिर्फ अपने बारे में सोचता है।

विश्व बिरादरी ने चीन को एमटीसीआर की इसकी सदस्यता नहीं दी और भारत का आवेदन स्वीकार कर लिया। उसने एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन के विरोध को भी नैतिक रूप से सही बताया। उसने स्पष्ट किया कि चीन की बजाय एनएसजी के नियमों ने भारत को रोका। लेकिन भारत ने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि चीन को छोड़कर सारे देश उसका समर्थन कर रहे हों। जबकि दस देशों ने एनपीटी का सदस्य न होने का हवाला देते हुए भारत की सदस्यता विरोध किया था।

भारतीयों की तुलना में चीनी परिपक्व
भारतीयों ने ऐसे प्रतिक्रिया दी कि राष्ट्रीय हितों के आगे वैश्विक सिद्धांतों का कोई महत्व नहीं है। एमटीसीआर पर उसने कहा कि भारत की सदस्यता पर चीन में कोई हलचल नहीं दिखाई दी। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मामलों में झटकों को लेकर चीनी काफी परिपक्व हैं।

नखरे दिखाने से कोई फायदा नहीं हो
अखबार के मुताबिक, भारत सरकार ने सही तरीके से प्रतिक्रिया दी। जबकि भारत के राष्ट्रवादियों को समझना होगा कि कैसे व्यवहार किया जाता है। अगर वे देश को महाशक्ति बनाना चाहते हैं तो उन्हें जानना चाहिए कि महाशक्तियां कैसे व्यवहार करती हैं।

अमेरिका के साथ का मतलब दुनिया का समर्थन नहीं
उसने लिखा, अमेरिकी समर्थन भारत की एनएसजी सदस्यता की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बना। लेकिन अमेरिका के समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को दुनिया का समर्थन मिल गया। भारत के साथ अमेरिका की नजदीकियां वास्तव में चीन को रोकने के लिए हैं।

मोदी के बयान पर चीन ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर मंगलवार को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। चीन ने कहा कि वह विवाद वाले विषयों के निष्पक्ष, तर्कसंगत और परस्पर स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए भारत के साथ बातचीत करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने कहा कि दोनों देशों के बीच समान हितों का पलड़ा उनके मतभेदों से भारी है।

पीएम मोदी ने सोमवार को कहा था कि एनएसजी, मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने जैसे मुद्दों पर गतिरोध के बावजूद चीन के साथ हमारा संवाद जारी रहेगा। मोदी ने कहा था कि चीन के साथ हमारा संवाद जारी है और यह जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि चीन के साथ हमारी एक समस्या नहीं है, उसके साथ हमारी तमाम समस्याएं लंबित हैं। कई मुद्दे हैं। लेकिन हम आगे बढ़ना जारी रखेंगे।

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राजधानी में नहीं मिला टिकट तो Air India से यात्रा करने का मिलेगा मौका

देश में सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी Air India की ओर से अब राजधानी एक्सप्रेस के सभी ऐसे यात्रियों को सुविधा मुहैया कराई जाएगी, जिनका टिकट कनफर्म नहीं हो पाया। गौरतलब है इस तरह के प्रस्ताव को पिछले कई दिनों से लागू करने की कवायद चल रही थी, लिहाजा अब इस प्रस्ताव को लागू किया जा रहा है। अब राजधानी ट्रेन के जिन यात्रियों के टिकट कनफर्म नहीं होंगे उन्हें Air India Airlines यात्रा करने का ऑफर देगी। लेकिन सीमित अवधि की स्पेशल पॉलिसी के तहत एयर इंडिया ऐसे लोगों को एसी फर्स्ट के बराबर किराए में Air India की यात्रा की सुविधा मिलेगी।

Air India के मुताबिक राजधानी एक्सप्रेस के यात्री उड़ान रवाना होने से चार घंटे पहले टिकट यात्री अपना टिकट बुक करा सकेंगे। ऐसे वेट लिस्ट वाले यात्रियों से फर्स्ट एसी के बराबर किराया लिया जाएगा। अपनी सुपर सेवर योजना के तहत एयर इंडिया घरेलू मार्गों पर इकॉनमी क्लास में यह सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह योजना 26 जून से 30 सितंबर तक के लिए है।

आपको बता दें कि फिलहाल में भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर प्रतिदिन 21 राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं। प्रतिदिन इन ट्रेनों से 20,000 लोग यात्रा करते हैं। एयरलाइन ने कहा कि हजारों यात्री ऐसे रहते हैं जिनका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता। हम इसी अंतर को पाटने का प्रयास कर रहे हैं।

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यूरोपीय नेताओं ने 40 साल में पहली बार बगैर ब्रिटेन के बैठक की

ब्रसेल्स: यूरोपीय नेताओं ने 40 साल में पहली बार आज बगैर ब्रिटेन के बैठक की ताकि ‘ब्रेग्जिट' के बाद की स्थिति से उबरने की तैयारी की जा सके. वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के उत्तराधिकारी के लिए भी दौड शुरू हो गयी है. पिछले हफ्ते हुए जनमत संग्रह के जोरदार झटके का जिक्र करते हुए ब्रसेल्स में स्कॉटिश प्रथम मंत्री निकोला स्टरजन ने कहा कि वह ईयू में स्कॉटलैंड को देखने के लिए पूरी तरह से दृढता से प्रतिबद्ध हैं. 

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लाउड जंकर ने बुधवार को पहुंचने के बाद कहा कि ब्रिटेन ने वह फैसला किया जो वह कर सकता था. और आज सुबह ऐसा लगता है कि वे अब हमारे बीच अब नहीं बैठ हैं. ईयू अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगला कदम उठाने से पहले तूफान को शांत हो जाने देने की जरुरत है. हालांकि जंकर ने चेतावनी दी कि अनुच्छेद 50 (ईयू संधि का उपबंध जो संगठन से बाहर निकलने के लिए दो साल की अवधि की प्रक्रिया तय करता है) का इस्तेमाल करने से पहले महीनों का समय नहीं है. लग्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन के अलग होने के विरोध में हमें एक एकीकृत यूरोप की जरुरत है. कैमरन कल की बैठक के बाद लंदन लौट गए. वहीं स्टरजन ब्रसेल्स गई ताकि उनका देश एक अलग इकाई के रुप में संगठन में शामिल हो सके. 

उन्होंने बताया कि स्कॉटलैंड ने पिछले बृहस्पतिवार को हुए वोट में ईयू में बने रहने का जोरदार समर्थन किया था. वह स्कॉटलैंड का संबंध और ईयू में जगह संरक्षित रखने को लेकर पूरी तरह से दृढता से प्रतिबद्ध हैं. स्टरजन ने कहा कि स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के लिए एक नये जनमत संग्रह की जरूरत होगी. उन्होंने आज सुबह ईयू संसद अध्यक्ष मार्टिन स्कल्ज से मुलाकात की और बाद में जंकर के साथ वार्ता की.

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समुद्र में बढे़गी ताकत, नौसेना को आज मिलेगा ‘वरुणास्त्र’ तारपीडो

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने उच्च क्षमता का अत्याधुनिक तारपीडो ‘वरुणास्त्र’ विकसित किया है। यह समुद्र के भीतर पानी में 40 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन की पनडुब्बी या पोत पर हमला कर उसे ध्वस्त कर देगा।

रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर बुधवार को इसे नौसेना को सौंपने जा रहे हैं। मिसाइल, तारपीडो का निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने किया है।

बीडीएल के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पनडुब्बियों के अलावा इसे कमोर्ता श्रेणी जैसे जंगी पोतों के में भी फिट किया जा सकता है। यह पनडुब्बी के साथ-साथ जंगी पोतों को भी ध्वस्त कर सकता है। वरुणास्त्र के निर्माण में डीआरडीओ को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसन टेक्नोलॉजी ने भी मदद की है। हाल में बंगाल की खाड़ी में इसके सफल परीक्षण हुए हैं। लड़ाकू विमान के बाद स्वदेशी हथियारों के निर्माण की दिशा में यह देश की एक और बड़ी उपलब्धि है।

डीआरडीओ की प्रयोगशाला नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेब्रोटरी ने इसे विकसित किया है। हाल में इस तारपीडो के समुद्री परीक्षण किए गए थे, जो सफल रहे। परीक्षण के दौरान समुद्र के भीतर यह सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मार करने में सफल रहा है। हालांकि, सरकार की तरफ से इसकी मारक क्षमता के बारे में खुलासा नहीं किया है।

परीक्षण सफल होने के बाद इसे नौसेना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। नौसेना में इसे दिल्ली श्रेणी, कोलकाता श्रेणी, कमोर्ता श्रेणी जैसे विध्वंस जंगी पोतों में स्थापित किया जाएगा। इसे जंगी पोतों या पनडुब्बी से ही दागा जा सकता है।

डीआरडीओ के सूत्रों के अनुसार वरुणास्त्र मोटे तौर पर हैवीवेट एडवांस तारपीडो है। हालांकि, डीआरडीओ ने ताल आदि तारपीडो पहले भी बनाए हैं, पर वे लाइटवेट हैं और छोटे लक्ष्यों को भेदने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से भी दागा जा सकता है।

Courtesy: livehindusthan.com

EURO CUP: क्वार्टर फाइनल में भिड़ेंगी ये आठ टीमें...

यूरो कप 2016 के क्वार्टर फाइनल में आठ टीमें पहुंच चुकी हैं। इस यूरो कप में कुछ चौंकाने वाले मैच देखने को मिले और इन सब उतार-चढ़ाव के बाद पोलैंड, पुर्तगाल, वेल्स, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, फ्रांस और आईसलैंड ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

इंग्लैंड का आईसलैंड से हारना सबकों चौंका गया जबकि स्पेन का भी खिताब बरकरार रखने का सपना इटली के खिलाफ 0-2 की हार के साथ खत्म हो गया।

क्वार्टर फाइनल कार्यक्रम
पहला क्वार्टर फाइनल- 1 जुलाई, पोलैंड बनाम पुर्तगाल
दूसरा क्वार्टर फाइनल- 2 जुलाई, वेल्स बनाम बेल्जियम
तीसरा क्वार्टर फाइनल- 3 जुलाई, जर्मनी बनाम इटली
चौथा क्वार्टर फाइनल- 4 जुलाई, फ्रांस बनाम आईसलैंड

सेमीफाइनल मुकाबले 7 और 8 जुलाई को खेले जाने हैं जबकि यूरो कप का फाइनल मैच 11 जुलाई को खेला जाएगा।

Courtesy: Hindustan times. Com

देश के फाइनैंशल सिस्टम की हालत और बिगड़ी, डूब सकती है 25 पर्सेंट पूंजी


मुंबई 
भारतीय फाइनैंशल सिस्टम की सेहत मार्च तक के 6 महीनों में बिगड़ी है। बैड लोन बढ़ने और बैंकों की प्रॉफिटेबिलिटी कम होने से ऐसा हुआ है। बड़े पैमाने पर डिफॉल्ट होने पर बैंक बदहाल हो सकते हैं। हालांकि, अगर बड़ी संख्या में डिपॉजिट निकाले जाते हैं तो उससे पैदा होने वाले रिस्क का बैंक आसानी से सामना कर सकते हैं। ये बातें रिजर्व बैंक ने कही हैं। बड़े पैमाने पर डिफॉल्ट होने पर बैड लोन बढ़ेगा।

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इससे सरकारी बैंकों को प्राइवेट बैंकों के मुकाबले ज्यादा झटका लगेगा। आरबीआई ने छमाही फाइनैंशल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में कहा है कि अगर बड़े बॉरोअर्स डिफॉल्ट करते हैं तो भारतीय बैंकों की 25 पर्सेंट कैपिटल खत्म हो सकती है। स्ट्रेस्ड टेस्ट के इस रिजल्ट में अलग-अलग हालात की कल्पना की गई है। बैंकों के लिए ग्लोबल बासल नॉर्म्स के मुताबिक ऐसे टेस्ट करना जरूरी है।

रिपोर्ट में कहा गया है, 'बैंकिंग स्टेबिलिटी इंडिकेटर (बीएसआई) से पिछले 6 महीनों में बैंकिंग सेक्टर के बढ़े रिस्क का पता चलता है।' रिपोर्ट के मुताबिक, 'बीएसआई के ट्रेंड एनालिसिस से संकेत मिलता है कि 2010 के मध्य से बैंकिंग सेक्टर की जो स्टेबिलिटी कंडीशन खराब होनी शुरू हुई थी, वह अब काफी बिगड़ चुकी है। बैंकों के बैड लोन में बढ़ोतरी और उनकी कम प्रॉफिटेबिलिटी के चलते ऐसा हुआ है।' यह आखिरी फाइनैंशल स्टेबिलिटी रिपोर्ट है, जो रघुराम राजन के आरबीआई गवर्नर रहने के दौरान जारी हुई है।

इसमें बैंक, नॉन-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों, इंश्योरेंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स के बीच लिंक को देखा गया है। रिपोर्ट में इसका जायजा लिया गया है कि इनमें से एक या एक से अधिक सेगमेंट के संकट में फंसने का फाइनैंशल सिस्टम पर क्या असर होगा। इसमें देखा गया है कि फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस ने बॉरोअर्स को कितना लोन दिया है और क्या ये संस्थान डिफॉल्ट को झेलने की स्थिति में हैं? राजन का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है और उसके बाद वह एकेडमिक वर्ल्ड में लौट जाएंगे।

पिछले कुछ वर्षों में स्टील, रोड बनाने वाली कंपनियों के डिफॉल्ट करने के चलते बैंकों की हालत काफी खराब हुई है। वहीं, रिजर्व बैंक ने पिछले साल से बैड लोन दिखाने के लिए सख्त रूल्स लागू किए थे, जो उसके एसेट क्वॉलिटी रिव्यू प्रोग्राम का हिस्सा है। इसके बाद से बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स में काफी बढ़ोतरी हुई है। बैंकों को बढ़ते बैड लोन के लिए प्रोविजनिंग यानी मुनाफे का एक हिस्सा अलग रखना पड़ रहा है।

इससे कई सरकारी बैंक घाटे में आ गए हैं। हालांकि, कुछ बैंकों के चीफ ने कहा है कि इस मामले में सबसे बुरा दौर गुजर गया है। आरबीआई का कहना है कि इस साल मार्च तक ग्रॉस बैड लोन कुल कर्ज का 7.6 पर्सेंट था, जो एक्सट्रीम स्ट्रेस की स्थिति में अगले साल मार्च तक 9.3 पर्सेंट हो सकता है। सरकारी बैंकों के लिए यह आंकड़ा 9.6 पर्सेंट से बढ़कर 11 पर्सेंट तक जा सकता है।

Courtesy: India times.com

Wednesday, 29 June 2016

अब सड़कों पर स्मार्टफोन को लेकर जारी की गई चेतावनी!

सियोल। स्मार्टफोन खतरनाक हैं, ये हम सभी को पता है। इसमें एक बड़ी वजह कैंसर भी है, पर दक्षिण कोरिया में सड़कों पर स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर लेकर अलग ही चेतावनी जारी की गई है। ये चेतावनी पैदल चलने वाले यात्रियों को लेकर है। जिसमें पैदल चलने वाले लोग सड़कों पर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।

दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को चेतावनी दी है कि वो सड़कों पर चलते समय स्मार्टफोन का प्रयोग न करें। इसके लिए रियोल प्रशासन ने सड़क पर 2 नए तरह के चिह्न जारी किए हैं। इस वॉर्निंग को "Warning: Using Smartphone while Walking," नाम से जारी किया गया है।

ये चेतावनी सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए है। जिसमें लोग अपने फोन में व्यस्त रहते हुए सड़क पार करने की कोशिश करते हैं, या सड़क के किनारे फोन में व्यस्त रहकर चलते रहते हैं।

प्रशासन ने  "Warning: Using Smartphone while Walking," के अलावा "Walk Safely," नाम से भी चेतावनी जारी की गई है। इसमें बोला गया है कि लोग सड़कों पर चलते हुए स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करें।

नए यातायात नियमों वाले निशान अगले कुछ समय में 5 अन्य शहरों में लगाए जाएंगे। दरअसल, सरकार ने गौर किया है कि स्मार्टफोन लिए हुए लोग सड़क दुर्घटनाओं के ज्यादा शिकार होते हैं।

Courtesy: ibnlive.com

.जब बिना ड्राइवर के 15 KM तक चली गई राजधानी एक्सप्रेस

सोचिए क्या हो जब आपको पता चले कि आप जिस ट्रेन में बैठे हैं वो बिना ड्राइवर के ही चल रही है। मडगांव से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में एक ऐसी ही चौंकाने वाली घटना देखने को मिली है। राजधानी ट्रेन रत्नागिरी के पास एक ढलान पर बिना ड्राइवर के ही 15 किलोमीटर तक चलती रही।

क्या है मामला
ख़बरों के मुताबिक रत्नागिरी स्टेशन के पास सोमवार को ट्रेन के इंजन में कुछ खराबी आई जिसके बाद इसे एक सुरंग के पास रोक दिया गया। ड्राइवर उतर कर टेक्नीशियन्स के साथ खराबी का पता लगाने लगा लेकिन ढलान पर होने की वजह से ट्रेन खुद ही चल पड़ी। ये ट्रेन बिना ड्राइवर के 15 किलोमीटर तक यूं ही चलती रही और चढ़ाई आने पर जब इसकी स्पीड कम हुई तब इसे रोका गया।

रेलवे ने दिए जांच के आदेश
उधर कोंकण रेलवे के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय गुप्ता ने 'बिना ड्राइवर' के ट्रेन चलने की खबर को गलत बताया हालांकि उन्होंने माना कि ट्रेन थोड़ी दूर तक ढलान पर फिसली थी। उन्होंने कहा कि हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि राजधानी के इंजन का वैक्यूम ब्रेक खराब हो गया था जिइस वजह से इसे बीच में ही रोका गया था। घटना के बाद दूसरा इंजन लाकर ट्रेन को अगले स्टेशन चिपलुन तक पहुंचाया गया।

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सोने की खान है आपकी गाय, वैज्ञानिकों को गौमूत्र में मिला सोना

क्या कभी किसी ने सोचा था कि गाय से भी सोना हासिल किया जा सकता है। आपको बता दें कि जूनागढ़ ऐग्रिकल्चरल यूनिवर्सिटी (JAU) के मुताबिक गिर की गायों के यूरिन में सोने के कण मिले हैं। यूनिवर्सिटी में इस पर पिछले चार साल से रिसर्च चल रही थी। इस रिसर्च में 400 गायों के यूरिन सैम्पल की जांच की गई है।

क्या है मामला
JAU की एक रिसर्च में सामने आया है कि गिर की गायों के प्रति लीटर यूरिन में 3 से 10 मिली ग्राम सोने की मात्रा पाई जाती है। यूरिन में ये सोना धातु आयन यानी गोल्ड सॉल्ट के रूप में पाया गया है जो घुलनशील होता है। JAU के बायो टेक्नॉलोजी विभाग के प्रमुख बीए गोलकिया की अगुआई में इस रिसर्च टीम ने यूरिन के नमूनों की जांच क्रोमेटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री (GC-MS) प्रक्रिया से इस पूरी रिसर्च को अंजाम दिया है।

क्या कहते हैं जानकर
डॉ. गोलकिया के मुताबिक अब तक शास्त्रों में ही इस बात का जिक्र था कि गाय के यूरिन में सोना होता है और उसमें चिकित्सकीय गुण होते हैं। हालांकि इसे साबित करने के लिए कोई वैज्ञानिक विश्लेषण नहीं किया गया था। इसलिए हमने इस पर काम करने की ठानी। हमने गिर की 400 गायों का यूरिन सैंपल लिया और उनमें हमें सोने के अंश मिले।' गोलकिया ने आआगे बताया कि केमिकल प्रोसेस के ज़रिए अब इस सोने को ठोस रूप दिया जा सकता है।

रिसर्च टीम ने ऊंटों, भैंसों, भेड़ों और बकरियों के यूरिन की भी जांच की थी लेकिन उसमें उन्हें ऐसा कोई तत्व नज़र नहीं आया। बता दें कि गिर की गायों के यूरिन में 5,100 कंपाउंड मिले हैं जिनमें से 388 में कई बीमारियां दूर करने के चिकित्सकीय गुण हैं। गोलकिया की रीसर्च टीम अब देश में पाई जाने वाली सभी नस्लों की गायों के यूरिन की जांच करेगी।

Courtesy: live Hindustan. Com

मोदी के मंत्रियों की बढ़ी ताकत, 500 करोड़ तक की परियोजनाओं को दे सकेंगे मंजूरी


केंद्रीय मंत्री अब 500 करोड़ रुपये  तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे। अब तक उन्हें सिर्फ 150 करोड़ तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्ति प्राप्त थी।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार और फेरबदल को लेकर लुटियन जोन में चल रही कयासबाजी के बीच मोदी सरकार ने मंत्रियों की ताकत और बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री अब 500 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे। अब तक उन्हें सिर्फ 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं और कार्यक्रमों को मंजूरी देने की शक्ति प्राप्त थी।

वित्त मंत्रालय के अनुसार गैर-योजनागत परियोजनाओं को मंजूरी देने के संबंध में प्रशासनिक मंत्रालयों के प्रभारी मंत्री के लिए सीमा बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये तक दी है। अब केंद्रीय मंत्री 500 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे। अब तक यह सीमा 150 करोड़ रुपये थी। मंत्रालय का कहना है कि 500 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्ति वित्त मंत्री के पास होगी। वहीं 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी के लिए कैबिनेट या कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी समिति के पास जाना पड़ेगा।

पढ़ेंः खुशखबरीः केंद्रीय कर्मियों को होगा बड़ा लाभ, पीएम मोदी कल लेंगे फैसला

सरकार ने यह फैसला विभिन्न स्तरों पर परियोजनाओं को मंजूरी देने के संबंध में प्रक्रिया में बदलाव कर लिया है। मंत्रालय का कहना है कि केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सभी प्रकार के गैर-योजनागत व्यय के संबंध में मंजूरी देने का काम करने वाली समिति अब 300 करोड़ रुपये तक के व्यय के प्रस्तावों को मंजूरी दे सकेगी। अब तक इस समिति को 75 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अधिकार था। वहीं संबंधित मंत्रालय की स्थाई वित्त समिति अब 300 करोड़ रुपये तक की गैर-योजनागत परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार करेगी। सरकार ने परियोजनाओं की बढ़ी लागत के संबंध में भी सचिवों और फाइनेंशियल एडवाइजर्स के अधिकार बढ़ाए हैं।

मंत्री चाहें तो विदेश में सात साल तैनात रहेंगे नौकरशाह

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने नियमों में ढील देते हुए मंत्रियों को यह अधिकार भी दिया है कि वे अपने मातहत आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को विदेश में सात साल की तैनाती की अनुमति दे सकेंगे। फिलहाल उन्हें सिर्फ पांच साल तक विदेशी पोस्टिंग देने का अधिकार है। हालांकि इस संबंध में कुछ शर्तो का पालन भी संबंधित अधिकारियों को करना पड़ेगा।यानी कोई भी मंत्रालय, किसी भी अधिकारी के प्रतिनियुक्ति के कार्यकाल को सात साल तक बढ़ा सकता है। नए नियम अखिल भारतीय सेवाओं के आइएएस, आइपीएस व आइएफओएस अधिकारियों पर ही लागू होंगे। सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों को भेजे गए निर्देश में डीओपीटी ने कहा है कि प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने का कोई भी मामला उसके पास नहीं भेजा जाएगा।

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भारत के साथ संबंध सुधार की उम्मीद नहीं : अजीज

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि भारत के साथ संबंधों के सामान्य होने की अधिक उम्मीद नहीं है।

पाक मीडिया से बातचीत में अजीज ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सुधार नहीं होने का कारण यह है कि भारत अपनी ही शर्तो पर संबंधों को सुधारना चाहता है जो पाकिस्तान को स्वीकार नहीं है। मालूम हो कि भारत आतंकवाद समेत अन्य मुद्दों पर पाक से वार्ता को तैयार है। लेकिन पाक ने आतंकवाद पर बात नहीं करने के चक्कर में वार्ता को रद्द कर दिया है।

अजीज ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए भारत के साथ बातचीत करना चाहता है। किन्तु वह इस बातचीत से कश्मीर के मुद्दे को अलग रखने के सुझाव को स्वीकार नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि उन्हें निकट भविष्य में संबंध सुधार की दिशा में कोई प्रगति होती दिखाई नहीं दे रही है। लेकिन इस स्थिति के बावजूद हमें प्रयास करना चाहिए कि दोनों देशों के बीच तनाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए।

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संजीव राजपूत को शूटिंग विश्व कप में रजत पदक

भारत के संजीव राजपूत ने आईएसएसएफ विश्व कप में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन इवेंट में रजत पदक जीता।

बाकू। भारत के संजीव राजपूत ने आईएसएसएफ विश्व कप में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन इवेंट में रजत पदक जीता। 
रियो ओलिंपिक के पहले यह अंतिम शूटिंग विश्व कप है। राजपूत ने 456.9 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। क्रोएशिया के पीटर गोर्सा ने 457.5 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। कोरिया के हियोजुन किम ने 445.5 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 
राजपूत ने क्वालीफाइंग में 1167 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग 1161 अंकों के साथ 23वें और चैन सिंह 1159 अंकों के साथ 32वें स्थान पर रहे।

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भारत की आयरलैंड पर संघर्षपूर्ण जीत


एफआईएच चैंपियंस ट्राफी में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम ने जर्मनी से मिली करारी हार के झटके से उबरते हुए छह देशों के आमंत्रण हॉकी टूर्नामेंट में मंगलवार को अपने दूसरे मुकाबले में आयरलैंड को कड़े संघर्ष में 2-1 से पराजित कर दिया।

भारत को अपने पहले मैच में ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के हाथों 0-4 की हार का सामना करना पड़ा था लेकिन आयरलैंड के खिलाफ टीम ने एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत हासिल की। भारत की दो मैचों में यह पहली जीत है जबकि आयरलैंड की यह लगातार दूसरी हार है। आयरलैंड को अपने पहले मैच में विश्व की छठे नंबर की टीम अर्जेंटीना के हाथों 0-1 की हार का सामना करना पड़ा था।

अपनी पूरी ताकत के साथ खेल रही भारतीय टीम को आयरलैंड पर जीत हासिल करने के लिए पसीना बहाना पड़ा। भारत ने विश्व हॉकी रैंकिंग में आज पांचवें स्थान पर पहुंचने का जश्न इस जीत के साथ मनाया। हालांकि ओलंपिक के पहले के इस आखिरी टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने वैसा खेल नहीं दिखाया जैसा उसने चैंपियंस ट्राफी में दिखाया था।

भारत को चौथे मिनट में उस समय झटका लग गया जब काइल गुड ने आयरलैंड के लिए बढ़त दिलाने वाला गोल दाग दिया। पहले क्वार्टर में आयरलैंड की बढ़त कायम रही। भारत को बराबरी पर आने के लिये 19 वें मिनट तक इंतजार करना पड़ा। तलविंदर सिंह ने रिबाउंड पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

बराबरी पाने के बाद भारत ने आयरलैंड पर दबाव बनाया लेकिन आधे समय तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। दूसरा हाफ शुरू होने के साथ ही 32 वें मिनट में कप्तान सरदार सिंह ने वीआर रघुनाथ से मिली गेंद पर शानदार डिफलेक्शन से बढ़त दिलाने वाला गोल दाग दिया। भारत ने एक गोल की अपनी बढ़त को अंत तक कायम रखा और जीत अपने नाम कर ली।

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