Wednesday, 31 May 2017

नए पशु व्यापार नियम पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पशु बिक्री को लेकर जारी किए गए नए नियमों पर मंगलवार को रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने देश में पूरी तरह से गौ हत्या पर पाबंदी लगाते हुए गोकशी को रोकने के लिए यह नया तरीका निकाला था।सरकार ने पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अंतर्गत स्लॉटर हाउस में गायों के साथ कई अन्य जीवों की खरीद-फरोख्त पर नए नियम बनाए थे ।

नियमों के मुताबिक अब कोई भी मवेशी को तब तक बाजार में नहीं ला सकता जब तक कि वह यह लिखित घोषणापत्र नहीं देता कि मवेशी को मांस करोबार के लिए हत्या करने के मकसद से नहीं बेचा जा रहा है, इसके साथ नए नियम के मुताबिक, मवेशी केवल उस व्यक्ति को ही बेचा जा सकेगा जो दस्तावेज दिखा कर यह साबित करेगा कि वह “कृषक” है।

Source:jagran.com

बड़े भाई मुकेश अंबानी के ड्रीम प्रॉजेक्ट से बढ़ी छोटे भाई अनिल अंबानी की मुसीबत

जब से जियो की सर्विस शुरू हुई है, इंटरनेट यूजर्स की तो बल्ले-बल्ले हो गई है। लेकिन इस सर्विस ने बड़ी-बड़ी टेलिकॉम कंपनियों की हालत खराब कर दी है। इससे जियो के मालिक मुकेश अंबानी के छोटे भाई की कंपनी रिलायंस टेलिकॉम भी नहीं बच पाई है। 

10 भारतीय बैंकों के लोन लौटाने में नाकाम रही अनिल अंबानी की कंपनी ने एक बयान में कहा कि आरकॉम को पिछली तिमाही में कुल 966 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि इसी तिमाही के लिए पिछले साल इसे 90 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने इसका कारण फ्री ऑफर्स, सस्ती कीमतों और अत्यधिक प्रतिस्पर्धा को बताया है।

अब कंपनी को बचाने के सिर्फ दो रास्ते बचे हैं। कंपनी अपनी वायरलेस टेलिकॉम सर्विस को एयरसेल को या इसकी टॉवर यूनिट को कनाडा की ब्रुकफील्ड के हाथों बेच दे। इसके अलावा एक रास्ता यह भी है कि जियो के साथ रिलायंस टेलिकॉम मर्ज हो जाए। इसका संकेत पिछले साल अनिल अंबानी दे भी चुके हैं। अनिल ने कहा था, 'हम दोनों भाई अपने पिता धीरूभाई अंबानी के सपनों को साकार कर रहे हैं।'

हालांकि बड़े भाई मुकेश अंबानी के बयानों से यही लगता है कि भले ही पारिवारिक स्तर पर सबकुछ ठीक दिखने लगा हो, बिजनस के मामले में वह आज भी अपने भाई को अपना प्रतिस्पर्धी ही मानते हैं। इसी का नतीजा है कि आज रिलायंस टेलिकॉम ऐसी स्थिति में पहुंच गया है।

Source:indiatimes.com

डिग्री पर पिता का नाम वैकल्पिक बनाएगा यूजीसी

नई दिल्ली, प्रेट्र : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) शीघ्र ही डिग्री पर पिता का नाम वैकल्पिक बनाने की दिशा में काम करेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के सुझाव पर मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय की सैद्धांतिक सहमति के बाद यूजीसी यह कदम उठाएगा।

एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'इस विचार से हम सहमत हैं। छात्र अपनी इच्छा से माता या पिता के नाम का उल्लेख कर सकते हैं। हम इस विचार को पसंद करते हैं और हमें कोई आपत्ति नहीं है। यूजीसी शीघ्र ही इस दिशा में काम करेगा।'

मेनका गांधी ने पिछले महीने जावड़ेकर को पत्र लिखा था। उन्होंने एचआरडी मंत्री से छात्रों के डिग्री प्रमाण पत्र पर पिता के नाम की अनिवार्यता संबंधी नियम में बदलाव का आग्रह किया था।

अपने पत्र में मेनका ने कहा था, 'मेरी मुलाकात ऐसी कई महिलाओं से हुई जो अपने पति को छोड़ चुकी हैं। ऐसी महिलाएं भारी कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उन्हें बच्चों का डिग्री प्रमाण पत्र लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिता के नाम के बगैर प्रमाण पत्र नहीं मिलता है।'

उन्होंने आगे लिखा था कि शादी टूटना और पति एवं पत्नी में अलगाव आज के जीवन की वास्तविकता बन चुकी है। ऐसे में नियमों में इसकी झलक दिखाई देनी चाहिए।

पिछले वर्ष मेनका की पहल पर विदेश मंत्रालय ने अपना पासपोर्ट आवेदन नियम बदल दिया था। विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि माता या पिता में से किसी एक का नाम होना चाहिए न कि दोनों का।

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सीरिया में रासायनिक हथियारों को फ्रांस ने माना खतरा

पेरिस, रायटर/आइएएनएस: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से मिलने के बाद कहा कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल फ्रांस के लिए गंभीर खतरा है। ऐसा होने पर फ्रांस तत्काल कार्रवाई करेगा। असफल राष्ट्र लोकतंत्र के लिए खतरा हैं।

फ्रांस व रूस को सीरिया में आतंकी समूहों को समाप्त करने की दिशा में सहयोग करना चाहिए। इसके लिए सीधे तौर पर मास्को की भूमिका की आलोचना नहीं होनी चाहिए।

वहीं पुतिन ने कहा, वह नहीं कह सकते कि सीरिया में फ्रांस की भूमिका स्वतंत्र है क्योंकि वह वहां अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। वह और मैक्रों सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ने पर सहमत हैं।

पुतिन ने दोहराया कि सीरिया पर रूस के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया है और इससे फ्रांस को भी अवगत करा दिया गया है।

Source:jagran.com

अब 1 रुपए के भी नए नोट, हरे-गुलाबी रंग में जारी करेगा RBI

भारत सरकार फिर छापेंगी 1 रुपये का नोट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) जल्द ही एक रूपये के नए नोट को सर्कुलेट कर सकता है. साथ ही एक रुपये के पुराने नोट और सिक्के भी पहले की तरह बाजार में चलते रहेंगे. बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोट बैन कर दिए थे. 500 के नोट फिर बाजार में नए रूप में आए. इसके साथ ही 2000 के नोट भी चलन में लाए गए.

इन नोटों का प्रिंट सरकार करेगी. इसका रंग पिंक-ग्रीन होगा. नोट पर एक रुपए के सिक्के का प्रतिरूप भी होगा . आरबीआई ने एक प्रेस रिलीज जारी कर मंगलवार को इसकी जानकारी दी. बता दें कि अभी तक एक रुपये के नोट सरकार खुद जारी करती थी. पहली बार आरबीआई ये काम करेगा.

आरबीआई ने क्या कहा?
आरबीआई की ओर से कहा गया- क्वाइनएज एक्ट 2011 के तहत इन नोटों को कानूनी मान्यता मिलेगी . इन नोटों पर इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शशिकांत दास के हस्ताक्षर होंगे.⁠⁠⁠⁠

गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को केन्द्र सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक प्रचलित 500 और 1000 रुपये की करेंसी को प्रतिबंधित कर दिया था. रिजर्व बैंक ने इसकी जगह 500 और 2000 रुपये की नई करेंसी का संचार शुरू किया था.

Source:aajtak.in

सट्टा और जुआ को कानूनी करने पर विधि आयोग ने मांगी राय

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध पर क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी करने पर विचार कर रहे विधि आयोग ने सट्टा और जुआ को कानूनी बनाने पर आम जनता से राय मांगी है। आयोग ने इस पर 30 दिनों के भीतर अपनी राय भेजने का आग्रह किया है।

आयोग ने सभी संबंधित पक्षकारों और आम जनता से इस पर राय भेजने की अपील करते हुए कहा है कि क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी बनाए जाने पर विचार के दौरान उसने पाया कि सट्टे को जुए से अलग नहीं किया जा सकता। ऐसे में अगर सट्टे को कानूनी बनाने पर विचार करते समय जुए को छोड़ दिया गया तो शायद सारी कवायद ही बेकार साबित हो जाए। इसलिए आयोग ने सट्टे के साथ साथ जुए को कानूनी बनाए जाने पर भी विचार करने का निर्णय लिया है।

सट्टे और जुए के खिलाफ कड़े नियम भी इस पर रोक लगाने में कामयाब नहीं हुए। आनलाइन जुआ और सट्टा एक अलग एरिया है जिस पर रोक लगाना बहुत मुश्किल है। माना जाता है कि जुए के इस धंधे में बहुत पैसा शामिल है जो कि समानान्तर इकोनोमी सृजित कर रहा है। कानूनी तौर पर अर्जित आय कालेधन में तब्दील होती है जो कि अन्य देशों में आनलाइन जुए के धंधे में लगती है।

आयोग इस पर रिपोर्ट देने के लिए कुछ समय से मंथन कर रहा है। कुछ संबंधित लोगों से विचार विमर्श भी हुआ है।

क्या सट्टा और जुआ कानूनी करने से देश में चल रही ऐसी गैरकानूनी गतिविधियां रुक जायेंगी।

क्या इस गतिविधि को लाइसेंस देने से सरकार को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।

सट्टे और जुए को किस हद तक कानूनी करना सही होगा। भारतीय परिस्थितियों मे सट्टे और जुए को किस हद तक कानूनी करना नैतिक तौर पर सही होगा।

इसका क्या तौर तरीका होना चाहिए जिससे कि लोगों को दिवालिया होने से भी बचाया जा सके।

अगर इसे कानूनी बनाया जाता है तो क्या जुआ और सट्टा चलाने वाली विदेशी कंपनियों को भारत मे प्रवेश दिया जाना चाहिए।

आयोग ने कहा है कि ये कुछ पहलू हैं जिन पर विचार करने की जरूरत है। आयोग ने सट्टा और जुआ कानूनी करने पर लोगों से 30 दिन के भीतर राय मांगी है।

सुप्रीमकोर्ट ने लोधा कमेटी की क्रिकेट मे सट्टेबाजी को कानूनी करने की सिफारिश पर ये मसला विचार के लिए विधि आयोग को भेजा था। जिस पर आयोग कुछ समय से विचार कर रहा था।

Source:jagran.com

बैक्टीरिया को 1000 गुना ताक़त से टक्कर देगी ये दवा

अमरीकी वैज्ञानिकों को एंटी बॉयटिक्स प्रतिरोधी संक्रमण के ख़िलाफ़ एक बड़ी कामयाबी मिली है.

बीते कुछ सालों में दुनिया भर में उन बैक्टीरिया का प्रकोप बढ़ा है, जो एंटी बायटिक्स के असर को कम कर देते हैं. यह दुनिया भर में बड़े स्वास्थ्य ख़तरे के तौर पर उभरा है.

बीते फरवरी में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसी बैक्टीरिया की सूची जारी की थी, जिन पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है.

लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों का दावा है कि ऐसी बैक्टीरिया पर काबू पाने की मौजूदा दवा वैंकोमाइसिन में जादुई बदलाव लाने में कामयाबी मिली है.

वैंकोमाइसिन का असर इंटरकोक्की जैसे सामान्य बैक्टीरिया पर बहुत असर नहीं डाल पा रहा है, इंटरकोक्की के चलते ही पेशाब के रास्ते में संक्रमण होता है और इसी वजह से घावों में संक्रमण बना रहता है.

हज़ार गुना शक्तिशाली दवा

अमरीकी वैज्ञानिकों के दावे के मुताबिक मौजूदा वैंकोमाइसिन को अब एक हज़ार गुना शक्तिशाली बना लिया गया है और तीन तरीकों से बैक्टीरिया पर प्रभाव डालता है.

वैंकोमाइसिन के असर को बढ़ाने का ये दावा द स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीच्यूट के वैज्ञानिकों ने किया है और इस बारे में विस्तार से जानकारी प्रॉसिडिंग्स ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंस में प्रकाशित हुई है.

वैसे ये जानना दिलचस्प है कि एंटी बॉयटिक्स प्रतिरोधी संक्रमण के चलते अमरीका और यूरोप में हर साल 50 हज़ार लोगों की मौत होती है.

भारतीय परिप्रेक्ष्य में ये तस्वीर और भी भयावह है. एंटी बॉयटिक्स और उसके इस्तेमाल पर नज़र रखने वाले प्रोजेक्ट रेस्सिटेंस मैप के मुताबिक भारत में एंटी बॉयटिक प्रतिरोधी संक्रमण का ख़तरा सबसे ज़्यादा है.

इसके मुताबिक ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि भारत में 95 फ़ीसदी वयस्कों के शरीर एंटी बॉयटिक्स के असर को कम करने वाले बैक्टीरिया मौजूद हैं.

Source:bbc.com

Monday, 29 May 2017

प्रियंका चोपड़ा होंगी दादा साहेब फाल्के अकैडमी अवॉर्ड से सम्मानित

हॉलिवुड फिल्म 'बेवॉच' में विक्टोरिया लीड्स का निगेटिव किरदार निभाने वालीं प्रियंका चोपड़ा के परफॉर्मेंस को खूब सराहा जा रहा है। विदेशों में मिली रही प्रशंसा के साथ-साथ प्रियंका को भारतीय सिनेमा में उनके अभिन्न योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के अकैडमी अवॉर्ड से नवाजे जाने की तैयारी चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति बटोर चुकीं प्रियंका के लिए इस अवॉर्ड को ध्यान में रखते हुए एक नई कैटिगरी तैयार की गई है।

SHAREदादा साहेब फाल्के अकैडमी अवॉर्ड कमिटी के चेयरमैन अशोक शेखर ने इस खबर को कन्फर्म करते हुए कहा, 'हां, हम इस बार अवॉर्ड लिस्ट में एक नई कैटिगरी लेकर आ रहे हैं और यह है इंटरनैशनल स्तर पर अपनी अच्छी पहचान बना चुकीं ऐक्ट्रेस की कैटिगरी। इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रियंका चोपड़ा एक इकलौती ऐसी ऐक्ट्रेस हैं, जो वाकई में यह अवॉर्ड डिज़र्व करती हैं।'

अशोक शेखर ने यह भी कहा, 'अपनी मेहनत और ईमानदारी भरी कोशिशों के बल पर प्रियंका ने भारतीय इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार तरीके से पेश किया है। इसी वजह से इस अवॉर्ड के आयोजकों को इस लिस्ट में एक नए कैटिगरी को जोड़ना पड़ा।' प्रियंका चोपड़ा के साथ उनकी मां मधु चोपड़ा को भी दादा साहेब फाल्के अकैडमी अवॉर्ड के दौरान सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें उनकी मराठी बॉक्स ऑफिस हिट फिल्म 'वेंटिलेटर' के लिए दिया जाएगा, जिसे उन्होंने प्रड्यूस किया था।

गौरतलब है कि दादा साहेब अकैडमी अवॉर्ड, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से अलग है। दादा साहेब फाल्के अकैडमी अवॉर्ड हिन्दी और रीज़नल सिनेमा के क्षेत्र में अभिन्न योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान साल 2000 से फिल्मों से जुड़े मेकअप आर्टिस्ट से लेकर स्पॉट बॉय तक के 22 अलग-अलग क्षेत्र में योगदान के लिए दिया जाता है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च वार्षिक पुरस्कार है, जिसके अंतर्गत किसी व्यक्ति विशेष को भारतीय सिनेमा में उसके आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। इस अवॉर्ड की शुरुआत 1969 से हुई है।

Source:indiatimes.com

ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर नोएडा के एक बैंक्वेट हॉल पर लगा सात लाख का जुर्माना

ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर नोएडा के एक बैंक्वेट हॉल पर लगा सात लाख का जुर्माना

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नोएडा में एक अस्पताल के बगल में बने एक बैंक्वेट हॉल पर ध्वनि प्रदूषण फैलाने के लिए सात लाख रूपये का जुर्माना लगाया है.

न्यायमूर्ति जावेद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलाके में लाउडस्पीकर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाते हुए नोएडा के सेक्टर 29 में स्थित पंजाबी क्लब को ध्वनि प्रदूषण के प्रस्तावित मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए.

एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा कि वह सख्त निगरानी बनाए रखें और नियमित काल पर क्लब का दौरा करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह किसी भी स्थिति में दिशानिर्देश का उल्लंघन नहीं कर रहा.

अधिकरण ने कहा कि क्लब दस साल से बोर्ड की बिना इजाजत के चल रहा है और इसने गंभीर ध्वनि प्रदूषण फैलाया है जिससे लोगों और अस्पताल के मरीजों का जीवन प्रभावित हुआ है.

इसने बैंक्वेट हॉल के मालिक को भारद्वाज अस्पताल को पांच लाख रूपये का पर्यावरण मुआवजा और बोर्ड को दो लाख रूपये देने का आदेश दिया.

पीठ ने यह आदेश बोर्ड की निरीक्षण रिपोर्ट के बाद पारित किया है जिसमें कहा गया था कि ध्वनि प्रदूषण ध्वनि नियम 2000 के तहत तय मानक स्तर से काफी अधिक था.

Source:zeenews.com

दिल्ली मेट्रो की हेरिटेज लाइन शुरू, वैंकेया नायडू और केजरीवाल ने दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो की हेरिटेज लाइन आज से शुरू हो गयी है. ये लाइन वायलेट लाइन की एक्सटेंशन है. अब यात्री फरीदाबाद के एस्कॉर्ट मुजेसर स्टेशन से सीधे कश्मीरी गेट स्टेशन तक जा सकेंगे. पहले यात्रियों को कश्मीरी गेट तक जाने के लिए केंद्रीय सचिवालय पर मेट्रो बदलनी पड़ती थी. इस हेरिटेज कॉरिडोर में आईटीओ के अलावा दिल्ली गेट, जामा मस्जिद, लाल किला और कश्मीरी गेट स्टेशन होंगे.

इस लाइन को हेरिटेज कॉरिडोर का नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि ये लाइन दिल्ली गेट, जामा मस्जिद और लाल किला जैसी ऐतिहासिक महत्व के इलाकों को आपस में जोड़ेगी. ये लाइन पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक जगहों पर घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी.

इस लाइन से लोग आसानी से बिना जाम के लाल किला, जामा मस्जिद, सीसगंज गुरुद्वारा जा सकेंगे. शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली के मेट्रो भवन से इस लाइन की पहली मेट्रो को रवाना किया.

इस मौके पर बोलते हुए वैंकेया नायडू ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की ये लाइन युवाओं को दिल्ली के पुराने इतिहास से जोड़ेगी. वहीं सीएम केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो दिल्ली ही नहीं देश की शान है. दिल्ली मेट्रो की की ये पूरी लाइन एक टनल से गुजर रही है. पुरानी दिल्ली के इलाके से मेट्रो की इस लाइन को गुजारना अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण काम था.

Source:abplive.in

गूगल मैप्स छोड़िए, आ रहा है अपना देसी GPS

सुरेंद्र सिंह

अगले साल से अगर आप कहीं रास्ता भटकते हैं, तो आपको बचाने एक देसी जीपीएस आ जाएगा। NavIC नाम का यह जीपीएस पूरी तरह देसी होगा व 2018 तक बाजार में दस्तक दे देगा। अहमदाबाद स्थित स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर के डायरेक्टर तपन मिश्रा ने बताया, 'यह भारतीय रीजनल नेविगेशन सैटलाइट सिस्टम NavIC के नाम से शुरू किया जाएगा। इस पर टेस्टिंग चल रही है और बाजार में अगले साल से यह लोगों को रास्ता दिखाने लगेगा।'

NavIC का अर्थ 'नाविक' व नेविगेटर है। IRNSS-1G की लॉन्चिंग के बाद पीएम मोदी ने ही इसे यह नाम दिया था। यह जीपीएस देशभर में कहीं भी, किसी भी लोकेशन का सही डेटा यूजर तक पहुंचा सकेगा।

एसएसी डायरेक्टर ने कहा, 'अमेरिकन जीपीएस 24 सैटलाइट से लैस है व इसकी पहुंच लगभग पूरी दुनिया तक है। हमारा NavIC 7 सैटलाइट वाला होगा और सिर्फ भारत को कवर करेगा। यहां कहा जा रहा है कि यह सिस्टम भले ही कम पहुंच वाला है, लेकिन अमेरिकी जीपीएस से कहीं ज्यादा सटीक होगा। 5 मीटर की ऐक्यूरेसी के साथ यह सही स्थिति बताने में सक्षम होगा।'

वर्तमान जीपीएस में यह ऐक्युरेसी 20-30 मीटर है। आपको बता दें कि यह दूरी जितनी पास होगी, जीपीएस की पोजिशन उतनी ही सटीक बैठेगी। हम सालों से जिस जीपीएस का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे यूएस ने 1973 में डिवेलप किया था। करगिल युद्ध के दौरान साल 1999 जब जीपीएस सेवाएं बाधित हुई थीं, तब भारत को नेविगेशन सिस्टम की जबरदस्त जरूरत पड़ी थी।

NavIC के बाद भारत अब उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनका अपना जीपीएस सिस्टम है। रूस के पास जहां अपना GLONASS व यूरोपियन यूनियन के पास Galileo है। चीन भी अपने स्वायत्त जीपीएस सिस्टम को डिवेलप करने की राह पर है। NavIC सिस्टम पूरे देश को (हिंद महासागर के साथ) आस-पास के इलाकों को नेविगेट कर सकेगा। इसमें चीन के कुछ हिस्से भी शामिल होंगे।

Source:indiatimes.com

भारत में जल्द नदी के नीचे सुरंग में दौड़ेगी मेट्रो, जल्द पूरा होगा काम

नई दिल्ली
भारत में जल्द ही नदी के नीचे भी मेट्रो दौड़ेगी। इस तरह का देश में यह पहला प्रॉजेक्ट कोलकाता में पूरा होने जा रहा है। हुगली नदी के नीचे टनल का काम अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इस टनल के जरिए हावड़ा और कोलकाता के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू होगी। 

SHAREकोलकाता में 16.6 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट मेट्रो प्रॉजेक्ट के लिए नदी के नीचे बना यह टनल बहुत अहम है। 520 मीटर लंबे दोहरे टनल को नदी की सतह के 30 मीटर नीचे बनाया गया है।

हावड़ा और महाकरन मेट्रो स्टेशन के यात्री 1 मिनट के लिए नदी के नीचे से गुजरेंगे। टनल में मेट्रो की स्पीड 80 किमी प्रति घंटा होगी। इस रूट पर मेट्रो 10.6 किलोमीटर का सफर टनल के जरिए करेगी, जिसमें नदी के नीचे बना 520 मीटर का टनल भी शामिल है। 

नदी के नीचे टनल बनाने में 60 करोड़ रुपये का खर्च आया, जबकि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो प्रॉजेक्ट पर कुल 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक टनल का काम पिछले साल अप्रैल में शुरू हुआ था और जल्द ही पूरा होने जा रहा है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो अगस्त 2019 में शुरू होना प्रस्तावित है। अधिकारी के मुताबिक इस टनल में आपातकालीन सेवा के लिए वैकल्पिक रास्ता भी बनाया गया है। हुगली नदी के अलावा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रेल कॉरिडोर पर भी समुद्र के नीचे 7 किलोमीटर लंबा सुरंग बनना है। 

Source:indiatimes.com

भारत में जल्द नदी के नीचे सुरंग में दौड़ेगी मेट्रो, जल्द पूरा होगा काम

नई दिल्ली
भारत में जल्द ही नदी के नीचे भी मेट्रो दौड़ेगी। इस तरह का देश में यह पहला प्रॉजेक्ट कोलकाता में पूरा होने जा रहा है। हुगली नदी के नीचे टनल का काम अगले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इस टनल के जरिए हावड़ा और कोलकाता के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू होगी। 

कोलकाता में 16.6 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट मेट्रो प्रॉजेक्ट के लिए नदी के नीचे बना यह टनल बहुत अहम है। 520 मीटर लंबे दोहरे टनल को नदी की सतह के 30 मीटर नीचे बनाया गया है।

हावड़ा और महाकरन मेट्रो स्टेशन के यात्री 1 मिनट के लिए नदी के नीचे से गुजरेंगे। टनल में मेट्रो की स्पीड 80 किमी प्रति घंटा होगी। इस रूट पर मेट्रो 10.6 किलोमीटर का सफर टनल के जरिए करेगी, जिसमें नदी के नीचे बना 520 मीटर का टनल भी शामिल है। 

नदी के नीचे टनल बनाने में 60 करोड़ रुपये का खर्च आया, जबकि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो प्रॉजेक्ट पर कुल 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक टनल का काम पिछले साल अप्रैल में शुरू हुआ था और जल्द ही पूरा होने जा रहा है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो अगस्त 2019 में शुरू होना प्रस्तावित है। अधिकारी के मुताबिक इस टनल में आपातकालीन सेवा के लिए वैकल्पिक रास्ता भी बनाया गया है। हुगली नदी के अलावा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रेल कॉरिडोर पर भी समुद्र के नीचे 7 किलोमीटर लंबा सुरंग बनना है। 

Source:indiatimes.com

बैडमिटन : द. कोरिया ने चीन को हराकर चौथी बार जीता सुदीरमन कप

गोल्ड कोस्ट। मिश्रित युगल वर्ग के पांचवें और अंतिम मैच को जीतने के साथ ही दक्षिण कोरिया ने चीन को 3-2 से हराकर चौथी बार सुदीरमन कप खिताब पर कब्जा जमाया। रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मैच में दक्षिण कोरिया ने 14 साल के सूखे को समाप्त सुदीरमन कप मिश्रित टीम चैम्पियनशिप खिताब अपने नाम किया।

दोनों टीमों के बीच मैच बेहद रोमांचक रहा। मैच की शुरुआत पुरुष युगल वर्ग की स्पर्धा से हुई। चीन की फु हाईफेंग और झांग नान की जोड़ी ने चोई सोल्गयु और सेयुंग जेई सेओ की कोरियाई जोड़ी को सीधे गेमों में 21-14, 21-15 से हराकर 1-0 से बढ़त हासिल की।

कोरिया ने महिला एकल वर्ग में चौथी विश्व वरीयता प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी सुंग जी ह्यून के शानदार प्रदर्शन के दम पर जीत हासिल कर स्कोर 1-1 से बराबर किया। इस मुकाबले में ह्यून ने चीन की बैडमिंटन खिलाड़ी हे बिंगजियाओ को 21-12, 21-16 से हराया।

पुरुष एकल वर्ग स्पर्धा में चीन ने बाजी मारी और एक बार फिर 2-1 से बढ़त ली। चेंग लोंग ने कोरियाई खिलाड़ी जेयोन हायोक जिन को सीधे गेमों में 21-10, 21-10 से हराया।

महिला युगल वर्ग की स्पर्धा में चांग ये ना और ली सो ही की कोरियाई जोड़ी ने चेन किंगचेन और जिया यिफान की चीनी जोड़ी को 21-19, 21-13 से हराया। इस प्रकार कोरिया ने स्कोर 2-2 से बराबर कर लिया।

मिश्रित युगल वर्ग में खेली गई अंतिम स्पर्धा में जीत हासिल कर कोरिया ने खिताब अपने नाम किया। इस स्पर्धा में कोरिया की चोई सोल्गयु और चाए यू जुंग की जोड़ी ने चीन की लु काई और हुआंग याकियोंग की जोड़ी को 21-17, 21-13 से हराकर जीत हासिल की।

दक्षिण कोरिया ने पिछली बार 2003 में सुदीरमन कप खिताब जीता था। इससे पहले, उसने 1991 और 1993 में इस खिताब पर कब्जा जमाया था। वहीं चीन 10 बार सुदीरमन कप टूर्नामेंट जीत चुका है।

Source:livetoday.com