पूर्व आॅस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान मार्क टेलर ने चार दिवसीय टेस्ट मुकाबलों का समर्थन किया है और कहा कि इससे क्रिकेट के लंबे प्रारूप की चमक लौट आएगी। उनका विचार है कि इससे खिलाड़ियों को जरूरी आराम मिल सकेगा और कप्तान को आक्रामक निर्णय लेने में आसानी होगी।
पिछले एक दशक से चार दिवसीय टेस्ट मुकाबलों पर बात हो रही है। 2003 में इसका प्रस्ताव सबसे पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने दिया था लेकिन विपक्षी देशों द्वारा मना कर देने की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका। लेकिन दुनियाभर में फस्ट-क्लास मुकाबले चार दिन के ही खेले जाते हैं।
क्रिकेट आॅस्ट्रेलिया के सदस्य रह चुके मार्क टेलर ने इस अवधारणा का समर्थन किया है और वो चाहते हैं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में इस खेल के सबसे लंबे प्रारूप में बदलाव लाया जाए।
आॅस्ट्रेलियाई रेडियो सेन से बात करते हुए टेलर ने कहा कि ‘‘कई देशों में इस खेल को देखने वाले लोगों की संख्या बेहद कम होती जा रही है। लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए ही दिन-रात्रि मैच और चार दिवसीय टेस्ट मुकाबले जैसी चीजें हैं। ये खेल में एक अपील लेकर आएगा और बाकि खेलों की तरह क्रिकेट भी छोटा और थेड़ा तेज हो सकेगा। यही वो बदलाव हैं जो आज की पीढ़ी देखना चाहती है।’’
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस नए काॅन्सेप्ट से कप्तान भी आक्रामक होंगे और साथ ही वो ऐसी चीजें कर सकेंगे जो दर्शक देखना चाहते हैं।
‘‘आपके पास हारने या जीतने के लिए एक दिन कम होगा जो कप्तान को आक्रामक ढंग से सोचने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुझे लगता है ये कैलेंडर में भी बिल्कुल फिट बैठता है आप बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को खेल सकते हैं। आपका मुकाबला रविवार को खत्म हो जाएगा, जो पहले कई बार सोमवार या मंगलवार को खत्म होता था।’’
उन्होंने आगे कहा ‘‘इसके बाद आपको अगले टेस्ट मुकाबले की तैयारी के लिए तीन दिन का वक्त मिल जाएगा और आप अगले बृहस्पतिवार से फिर मुकाबला शुरू कर सकते हैं। ये फाॅर्मेट पूरे सप्ताह में बिल्कुल सही बैठता है।’’
टेलर का ये भाी मानना है कि पांच दिन के बजाए चार दिन का खेल हो जाने से बच्चे और युवा इस खेल को ज्यादा देखेंगे।
Courtesy:sportscafe.com
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