Wednesday, 30 November 2016

नाउरू शरणार्थियों ने ट्रंप के अमेरिका में बसने से किया इंकार

सिडनी, आईएएनएस। ऑस्ट्रेलिया के नाउरू में बसे शर्णार्थियों ने अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका में बसने से साफ इंकार कर दिया है। शिन्हुआ न्यूज के मुताबिक अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की पहल पर कुछ शर्णार्थी अमेरिका जाने पर सहमत हो गए हैं, जबकि कई अन्य लोग ने इस मु्द्दे पर रजामंद नहीं हैं। इस योजना के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ नाउरू और मानुस द्वीप पर बसे कुछ शर्णार्थियों को अमेरिका में बसाए की योजना थी। मुस्लमानों को प्रवासी के रूप में पसंद नहीं करेंगे ट्रंप एक समाचार चैनल के मुताबिक नाउरू पर विशेषकर मुस्लिम शर्णाथियों में अमेरिका जाने को लेकर कोई खासी दिलचस्पी नहीं थी। म्यांमार में सताए गए रोहिंग्या अल्पसंख्यक समूह के सदस्य अजीज खान कहते हैं कि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने देश में मुस्लमानों को प्रवासी के रूप में पसंद नहीं करेंगे। बता दें कि 31 अक्टूबर तक इराक, सीरिया और सोमालिया के संघर्ष क्षेत्रों से आए पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित मानुस द्वीप, पापुआ न्यू गिनी में 872 प्रवासी थे, इसके अलावा प्रशांत महासागर में नाउरू द्वीप पर 390 शर्णाथी थे। ट्रंप के व्हाइट हाउस प्रवेश पर लग सकता है ग्रहण 2013 में ऑस्ट्रेलिया में पारित हुआ था कानून ऑस्ट्रेलिया 2012 के बाद से मानुस और नाउरू केन्द्रों का उपयोग कर रहा था। बजाय उन्हें स्वीकार करने के वे फिर से उन्हें तीसरे देशों में बसाने की योजना बना रहे थे। 2013 के मध्य में ऑस्ट्रेलिया ने एक कानून पारित किया। इस कानून के अनुसार किसी शर्णार्थी को ऑस्ट्रेलिया की सीमा पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था। 2014 में, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में इन शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए ऑस्ट्रेलिया ने कंबोडिया के साथ मिलकर विवादास्पद करोड़ों डॉलर के सौदे पर समझौता किया। 

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भारतीय-अमेरिकी संदीप को मिलेगी ट्रंप एडमिन में जगह!

वॉशिंगटन
निक्की हेली को यूएन में राजदूत का जिम्मा देने के बाद अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप एक और भारतीय-अमेरिकी नागरिक को बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो रियल एस्टेट एग्जिक्युटिव संदीप मठरानी ट्रंप प्रशासन में जुड़ सकते हैं।

डॉनल्ड ट्रंप ने संदीप मठरानी को सोमवार को मिलने के लिए भी बुलाया था। 54 साल के संदीप जनरल ग्रोथ प्रॉपर्टीज के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर हैं। दोनों ने न्यू यॉर्क में ट्रंप टावर में मुलाकात की थी। हालांकि ट्रंप की सत्ता हस्तांतरण टीम ने मठरानी से मुलाकात को लेकर कोई जानकारी नहीं दी लेकिन स्थानीय मीडिया के कयास के मुताबिक मठरानी ट्रंप प्रशासन का हिस्सा बन सकते हैं।

संदीप मठरानी शिकागो के रहने वाले हैं, जो कि मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी होमटाउन है। शिकागो बिजनस के मुताबिक मठरानी ने बीते साल 3.99 करोड़ डॉलर की कमाई की थी। मठरानी साल 2011 में जनरल ग्रोथ से जुड़े थे। बता दें कि जनरल ग्रोथ अमेरिका की दूसरा सबसे बड़ी मॉल-ओनर है। मठरानी बीते 20 सालों से रियल एस्टेट सेक्टर में हैं। उन्होंने स्टीवन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग, मास्टर ऑफ मैनेजमेंट साइंस और मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

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ट्रंप की धमकी, 'क्यूबा के साथ समझौता कर दूंगा रद'

वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने से पहले ही डॉनल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अपना रुख साफ कर दिया था। सोमवार को एक बार फिर ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर क्यूबा ने मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार नहीं किया तो उसके साथ हुए समझौते को रद कर दिया जाएगा।

ट्रंप ने कहा कि अगर क्यूबा ने मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार नहीं किया और अपनी अर्थव्यवस्था को नहीं खोला तो वह दोनों देशों के रिश्तों में आई नरमी पर रोक लगा देंगे।

ट्रंप ने ट्वीट किया 'अगर क्यूबा के लोगों, क्यूबा या अमेरिकियों के लिए और कुल मिलाकर पूरे अमेरिका के लिए बेहतर स्थिति बनाने को तैयार नहीं होगा तो मैं समझौते रद कर दूंगा।'

वाइट हाउस ने दी चेतावनी
वहीं ट्रंप के इस बयान के बाद मंगलवार को वाइट हाउस ने चेतावनी जारी की है कि क्यूबा के साथ रिश्ते खत्म करने के कूटनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। क्यूबा के साथ रिश्तों में सुधार की पॉलिसी बराक ओबामा के कार्यकाल के महत्वपूर्ण पॉलिसीज में से एक है।

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फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: फ्रांस्वा फियां होंगे कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार

पेरिस: फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कंजरवेटिव पार्टी की ओर से फ्रांस्वा फियां उम्मीदवार होंगे. पार्टी की ओर से दावेदारी में उनके प्रतिद्वंद्वी एलेन जुप्पे की तरफ से हार स्वीकारने के बाद फियां ने उम्मीदवारी जीत ली. ‘बीबीसी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को हुई मतगणना में फियां को लगभग 67 फीसदी वोट प्राप्त हुए, जबकि जुप्पे को 32.6 फीसदी वोट मिले.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, फियां ने कहा, “यह दृढ़ विश्वास पर आधारित एक मौलिक जीत है. मुझे लगता है कि विचारधारा की यह आंधी सभी परिदृश्यों को तोड़ देगी. मेरे दृष्टिकोण को समझा गया है.”

उन्होंने कहा, “हमारा भविष्य हमारे सामने है. हमारे पास यूरोप का नेतृत्व करने और एक संप्रभु देश बनने के लिए सभी गुण हैं. अब मेरा कर्तव्य पूरे देश को यह समझाना है कि हमारा दृष्टिकोण ही एकमात्र उपाय है जिससे हम सभी ऊपर उठ सकते हैं.”

फियां ने न्यायोचित समाज के निर्माण का वादा करते हुए कहा कि फ्रांस सच्चाई चाहता है और इसके लिए काम करने की जरूरत है. फियां को अगले साल अप्रैल में होने वाले आम चुनाव में समाजवादी उम्मीदवार और दक्षिणपंथी मैरिन ली पेन से टक्कर मिल सकती है.

हालंकि, इस बड़ी जीत पर जुप्पे ने फियां को बधाई दी और राष्ट्रपति बनने के लिए अपना समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई. जुप्पे ने कहा, “मैं उनका समर्थन करता हूं और राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत की कामना करता हूं.”

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30 दिसंबर ही रहेगी पुराने नोट जमा करने की अंतिम तारीख, सरकार नहीं कर रही समय बढ़ाने पर विचार

नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट अब 30 दिसंबर तक ही बैंकों में जमा करने होंगे। सरकार इसकी आखिरी तारीख बढ़ाने पर कोई विचार नहीं कर रही है। यह जानकारी सरकार ने राज्यसभा में दी। राज्य वित्त मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने लिखित जवाब में कहा, ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और बैंक दोनों के पास पर्याप्त मात्रा में नकदी है। बाजार में 100 रुपए के नोट के सर्कुलेशन को बढ़ाया जा चुका है।’ जब राज्य वित्त मंत्री से नोटबंदी के तहत 500 और 1000 रुपए के नोट बैंक में जमा कराने की अवधि में बढ़ोतरी के बारे में पूछे गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के लिए बैंकों को 100 रुपए और उससे कम गुणांक के नोट भेजने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपए के नोटों को बैन कर दिया है। अब इन नोटों को 30 दिसंबर तक ही बैंकों में जमा कराने का समय दिया गया है। आप को बता दें कि 8 नवंबर तक देश में 500 के 1,716.50 करोड़ और 1000 रुपए के 685.80 करोड़ नोट सर्कुलेशन में थे। एक अन्य सवाल पूछने पर स्टेट फाइनेंस मिनिस्टर संतोष गंगवार ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को समय-समय पर अपनी शाखाओं और एटीएम की सिक्योरिटी बढ़ाने की सलाह दी है। इसमें एटीएम लगी हुई जगहों पर सीसीटीवी के माध्यम से कवरेज और सिक्योरिटी स्टाफ की पर्याप्त ट्रेनिंग शामिल है।

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ओबामा केयर के विरोधी प्राइस होंगे अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री

वाशिंगटन, प्रेट्र/रायटर : 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने दो नई नियुक्तियां की है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार 62 वर्षीय रिपब्लिकन सांसद टॉम प्राइस स्वास्थ्य मंत्री होंगे। संसद की बजट समिति के अध्यक्ष प्राइस ओबामा हेल्थ केयर एक्ट के धुर विरोधी रहे हैं। ट्रंप की सत्ता हस्तांतरण टीम के अनुसार सीमा वर्मा सेंटर फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकएड सर्विसेज (सीएमएस) की प्रमुख होंगी। सीएमएस सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों और बीमा मानकों पर नजर रखती है। अमेरिका की पहली उपभोक्ता निर्देशित चिकित्सा सहायता कार्यक्रम इंडियाना हेल्थ प्लान वर्मा की दिमाग की ही उपज है। प्राइस और वर्मा दोनों की नियुक्ति पर सीनेट की मंजूरी जरूरी है। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने कहा था कि सत्ता में आने पर वह ओबामा केयर को रद कर देंगे, क्योंकि इस पर होने वाले खर्च से अमेरिकी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। इस योजना के तहत जनता को स्वास्थ्य बीमा और सस्ता इलाज मुहैया कराया जाता है। प्राइस ने इसका विरोध करते हुए एक वैकल्पिक योजना पेश की थी जो ट्रंप के दृष्टिकोण से मेल खाती है। दूसरी भारतवंशी : ट्रंप प्रशासन में नियुक्ति पाने वाली वर्मा दूसरी भारतवंशी हैं। पिछले सप्ताह साउथ कैरोलिना की गवर्नर निक्की हेली को ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत के पद पर नियुक्त किया था। इनके अलावा लुसियाना के पूर्व गवर्नर बॉबी जिंदल और कैलिफोर्निया से रिपब्लिकन पार्टी की नेता हरमीत ढिल्लन को भी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के प्रशासन में अहम जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। जिंदल स्वास्थ्य मंत्री बनने की दौड़ में भी थे। विदेश मंत्री की दौड़ में पेट्रायस ट्रंप ने सीआइए के पूर्व प्रमुख डेविड पेट्रायस से मुलाकात की। मैनहट्टन के ट्रंप टॉवर में दोनों के बीच सोमवार को करीब एक घंटे चर्चा हुई। कई घोटाले में फंस चुके पेट्रायस अमेरिका के जाने-माने जनरलों में शामिल हैं। इराक में हवा का रुख मोड़ने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। मिट रोमनी के नाम पर ट्रंप के सलाहकारों में मतभेद पैदा होने के बाद से वे विदेश मंत्री बनने की दौड़ में बताए जा रहे हैं। बैठक के बाद ट्रंप ने ट्वीट कर बताया कि वे रिटायर जनरल से बेहद प्रभावित हुए। भारतीय कारोबारी से मिले ट्रंप ने भारतीय मूल के शीर्ष रियल एस्टेट कारोबारी संदीप मथरानी से मुलाकात की। 54 वर्षीय मथरानी जनरल ग्रोथ प्रोपर्टीज के सीईओ हैं। उनके नए प्रशासन में शामिल होने की संभावना है। मथरानी निवर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा के गृहनगर शिकागो से आते हैं। शिकागो बिजनेस के अनुसार मथरानी ने पिछले साल 3.92 करोड़ डॉलर (करीब 269 करोड़ रुपये) की कमाई की है जो रियल एस्टेट निवेश क्षेत्र के किसी भी अन्य सीईओ से ज्यादा है।

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भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर महीने में ही कर सकता है दरों में कटौती: डीबीएस

नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितताओं और रुपए में उतार-चढ़ाव को देखते हुए डीबीएस का मानना है कि नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के लिए वर्ष 2017 की पहली तिमाही बेहतर समय होगा। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर महीने में ही दरों में कटौती जैसा कदम उठा सकता है ताकि ग्रोथ को सपोर्ट और अनुकूल महंगाई दर का लाभ उठाया जा सके। डीबीएस का कहना है कि नोटबंदी के कदम के बाद आर्थिक गतिविधियों पर विपरित प्रभाव पड़ना तय है खासकर के खपत, आपूर्ति श्रृंखला और नकदी आधारित अन्य कारोबार प्रभावित होंगे। यह असर इस तिमाही और अगली तिमाही में भी बना रह सकता है। फर्म ने रिसर्च रिपोर्ट में बताया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भारतीय रुपए में उतार-चढ़ाव को देखते हुए माना जा रहा है कि नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के लिए अगले साल की पहली तिमाही बेहतर समय होगा। लेकिन हो सकता है कि रिजर्व बैंक यह कदम दिसंबर में ही उठा ले ताकि वृद्धि को बल दिया जा सके। गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने बीते महीने नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर 6.25 फीसदी कर दिया था। रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति की अगली समीक्षा 7 दिसंबर को करेगा।

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रूसी चेस मास्टर की बाल्कनी से गिरकर मौत

रूस के चेस मास्टर यूरी येलिसयेव की मॉस्को के एक अपार्टमेंट की 12वीं मंज़िल की बाल्कनी से गिरकर मौत हो गई है.

उनके दोस्त ग्रैंडमास्टर दानील दुबोव ने कहा कि येलिसयेव एक दूसरी बाल्कनी में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फिसल गए.

ख़बरों के मुताबिक 20 वर्षीय येलिसयेव पारकॉर के खेल का भी अभ्यास करते थे. इस शहरी खेल में छतों, अहातों और दूसरे मानव निर्मित अवरोधों को पार किया जाता है.

2012 में वे विश्व जूनियर चैंपियन बने और 17 साल की उम्र में ग्रैंड मास्टर बन गए.

उन्होंने 2016 की मॉस्को ओपन प्रतियोगिता जीती थी और रूसी ग्रैंडमास्टर्स में उन्हें 42वीं वरीयता हासिल थी.

उनकी विश्व रैंकिंग 212 थी.

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घर माता-पिता का तो दया पर रह सकता है बेटा, उसका कानूनी हक नहीं: दिल्ली HC

नई दिल्ली.  हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता ने खुद अपना घर बनाया है तो बेटे का उस पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिल्ली HC में मंगलवार को जस्टिस प्रतिभा रानी ने एक फैसले में कहा, "अगर माता-पिता ने घर बनाया है तो फिर बेटा केवल उनकी दया पर ही उस घर में रह सकता है।" HC कहा- जीवनभर बोझ ढोने का जरूरत नहीं...

- HC ने कहा, "अच्छे संबंधों के दौरान अगर मां-बाप ने बेटे को घर में रहने दिया तो इसका मतलब ये नहीं कि वो जीवनभर उसका बोझ उठाते रहें।"
- जस्टिस प्रतिभा रानी ने कहा, "केवल माता-पिता की दया पर ही निर्भर करता है कि बेटा कब तक उस घर में रह सकता है।"
- ट्रायल कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए HC ने ये आदेश दिया।
- ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में एक शख्स और उसकी पत्नी को माता-पिता का घर खाली करने को कहा था। 
- जिसके बाद इस शख्स ने HC में फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी।

मां-बाप ने कहा था: बेटे और बहू ने जीवन नर्क बना दिया

- ट्रायल कोर्ट में सीनियर सिटीजन पति और पत्नी ने अपने बेटे और उसकी पत्नी के खिलाफ याचिका दायर की थी।
- याचिका में बूढ़े मां-बाप ने कहा, "बेटे और उसकी पत्नी ने हमारा जीवन नर्क बना दिया है।"
- "इसी के चलते हमें पुलिस में कम्प्लेन करनी पड़ी और साथ ही दो बार उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल करने का पब्लिक नोटिस इश्यू करवाया था।"
- ट्रायल कोर्ट में बेटे और पत्नी ने आरोप नकारते हुए कहा था,"मकान की खरीद और कंस्ट्रक्शन में हमारी भी हिस्सेदारी है।"

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Tuesday, 29 November 2016

डिजिटल पेमेंट को बढावा: POS मशीनों के सामान पर उत्पाद शुल्क में छूट

नयी दिल्ली: सरकार ने पीओएस (प्वाइंट आफ सेल) मशीनों के विनिर्माण के सामानों पर उत्पाद शुल्क हटा दिया है। इन मशीनों की मांग अचानक बढ गयी है क्योंकि नोटबंदी के बाद व्यापारी इसका उपयोग करने को बाध्य हैं।

एक सूत्र ने कहा,‘पीओएस मशीनों के विनिर्माण को 12.5 प्रतिशत उत्पाद शुल्क और 4.0 प्रतिशत विशेष अतिरिक्त शुल्क (एसएडी) से छूट दी जाएगी। यह छूट 31 मार्च 2017 तक है।’

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज लोकसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर हंगामे के बीच पीओएस मशीनों पर उत्पाद शुल्क की दरों में संशोधन संबंधी एक अधिसूचना सदन में पेश की। इस अधिसूचना में पीओएस उपकरणों के विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले सभी सामानों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क और एसएडी में छूट दी गयी है।

यह छूट 31 मार्च 2017 तक है। उच्च राशि 500 और 1,000 रपये के नोटों पर पाबंदी के बाद मुद्रा की कमी से पीओएस मशीनों की मांग काफी बढ़ी है।

पीओएस मशीन हाथ में रख कर चलाया जा सकता है। व्यापारी बिक्री स्थल पर ग्राहक से क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिये खरीदे गये सामान का भुगतान प्राप्त करने के लिये इस मशीन का उपयोग करते हैं। 

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डॉनल्ड ट्रंप इफेक्ट: भारतीयों को अमेरिका में कम नौकरियां देंगी IT कंपनियां

बेंगलुरु
अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए डॉनल्ड ट्रंप की ओर से वीजा के मामले में संरक्षणवादी नीति अपनाए जाने की आशंका के चलते भारतीय आईटी कंपनियों ने स्थानीय अमेरिकियों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति शुरू करने वाली हैं। अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों का कारोबार 150 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 10 लाख 28 हजार करोड़ रुपये का है। रॉयटर्स के मुताबिक दिग्गज भारतीय आईटी फर्म्स अमेरिका में अपना अधिग्रहण और कॉलेजों से नए एंप्लॉयीज की भर्ती में इजाफा करेंगी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियां अमेरिका में एच1-बी वीजा के जरिए बड़े पैमाने पर भारत से एंप्लॉयीज को ले जाती रही हैं। अमेरिकियों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम वेतन के चलते कंपनियां भारतीय कम्प्यूर इंजिनियरों को तवज्जो देती रही हैं। 2005 से 14 के दौरान इन तीन कंपनियों में एच1-बी वीजा पर काम करने वाले एंप्लॉयीज का आंकड़ा 86,000 से अधिक था।

फिलहाल अमेरिका हर साल इतने लोगों को एच1-बी वीजा देता है। नए चुने गए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार अमेरिकी वीजा नीति को कड़ा किए जाने की वकालत कर चुके हैं। इसके अलावा उनकी ओर से अटॉर्मी जनरल के पद के लिए चुने गए जेफ सेशन्स भी अमेरिकी वीजा नीति को और सख्त किए जाने के हिमायती हैं।

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रवीण राव ने कहा, 'दुनिया में पहले ही संरक्षणवाद जोर पकड़ चुका है और इमिग्रेशन पर इसका बड़ा असर पड़ा है। दुर्भाग्य से लोग हाई-स्किल अस्थायी वर्कफोर्स को लेकर भ्रमित रहते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वीजा पर आने वाले लोग अस्थायी ही होते हैं।' कुछ लोगों का तो यह भी मानना है कि अमेरिका में अब भारत से जाने वाले इंजिनियरों पर काफी हद कमी आ सकती है। अमेरिका का सिलिकॉन वैली स्थित बिजनस भारत के सस्ते आईटी और सॉफ्टवेयर सल्यूशंस पर निर्भर रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से वीजा को लेकर कड़ी नीति अपनाने पर भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिका में कम डिवेलपर्स और इंजिनियरों को ले जाएंगी, बल्कि वहीं के कॉलेजों से कैंपस प्लेसमेंट पर जोर दे सकती हैं। इन्फोसिस के राव ने कहा, 'यदि यहां एंप्लॉयीज की पर्याप्त उपलब्धता होती है तो हमें स्थानीय लोगों को हायर करना होगा। खासतौर पर यहां की यूनिवर्सिटीज से हमें फ्रेशर्स को लेना होगा।'

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ऐमजॉन से होड़ में फ्लिपकार्ट ने गंवाए 2,306 करोड़ रुपये

बेंगलुरु
कंपनी को मार्च 2016 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में यह बड़ा घाटा हुआ है। ऐमजॉन से मुकाबले की वजह से बेंगलुरु बेस्ड ऑनलाइन कंपनी के घाटे में 110 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। हालांकि कंपनी की सेल में भी 153 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। कंपनीज रजिस्ट्रार को दी गई जानकारी के मुताबिक फ्लिपकार्ट की बिक्री में 1,952 करोड़ रुपये का सुधार हुआ है।

फ्लिपकार्ट डॉट कॉम की होल्डिंग कंपनी फ्लिपकार्ट इंटरनेट की सेल में विक्रेताओं से मिला कमिशन और ऐडवर्टाइजिंग जैसी सेवाएं शामिल होती हैं। फ्लिपकार्ट और अमेरिकी कंपनी ऐमजॉन दोनों ही भारत में ऑनलाइन कारोबार के बड़े खिलाड़ियों में से एक हैं। दोनों कंपनियां ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, ई-सेल ऐंड पेमेंट्स के कारोबार में हैं।

फ्लिपकार्ट का कॉमर्स बिजनस भारत में दो कंपनियों के अंतर्गत काम करता है। पहली कंपनी है फ्लिपकार्ट इंटरनेट और दूसरी फ्लिपकार्ट लिमिटेड, जिसकी फ्लिपकार्ट इंटरनेट में 99.74 पर्सेंट की हिस्सेदारी है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट की मुख्य कॉमर्स यूनिट है फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड। वित्तीय वर्ष 2015 में फ्लिपकार्ट और फ्लिपकार्ट इंटरनेट को 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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सुब्रत रॉय की पेरोल 6 फरवरी तक बढ़ी, SC ने 600 करोड़ और जमा करने को कहा

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत राय सहारा को फिर एक बार बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने सुब्रत राय की अंतरिम जमानत अवधि या पेरोल 6 फरवरी तक बढ़ा दी है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को 600 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रतो रॉय के पैरोल को 6 फरवरी 2017 तक बढ़ाते हुए कहा है कि अगर जेल से बाहर रहना है तो इस तय तारीख तक 600 करोड़ रुपये सेबी के सहारा अकाउंट में जमा किए जाएं.

गौरतलब है कि सहारा समूह द्वारा कोर्ट के एक आदेश का पालन नहीं करने पर 68 वर्षीय सहारा चीफ सुब्रत रॉय को मार्च 2014 में गिरफ्तार किया था. सहारा समूह को आदेश में कहा गया था कि सहारा उन लाखों छोटे निवेशकों को पैसा लौटाए जिन्हें वे बॉन्ड बेचे गए थे जो गैरकानूनी थे. सेबी-सहारा के बीच हजारों निवेशकों के पैसे लौटाने को लेकर विवाद चल रहा है जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच कर रही है. सहारा समूह काफी वक्त से सेबी के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहा हैं जिसके तहत उसे निवेशकों को 24,000 करोड़ रुपये लौटाने हैं. सहारा ने अभी तक 11 हज़ार करोड़ रुपये लौटा दिए हैं. सहारा ने अपनी रिपेमेंट योजना सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है और कहा है कि कंपनी बाकी की रकम 2.5 साल में जमा करा देगी.

कब-कब मिली पेरोल
सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय की मां का निधन होने के बाद मानवीय आधार पर उन्हें 6 मई को पैरोल पर रिहा किया था. इस पैरोल को पहले 11 जुलाई तक बढ़ा दिया गया था. इसके बाद कोर्ट ने राय की पैरोल 3 अगस्‍त तक और फिर 28 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी थी. 21 अक्टूबर की सुनवाई में सहारा चीफ सुब्रतो राय की पैरोल 28 नवंबर तक बढ़ाई गयी थी. सुब्रतो राय को यह राहत पहले 200 करोड़ रुपये जमा करने और फिर नवंबर अंत तक और 200 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर दिया था. यह राशि प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को जमा किया जाना था.

इसी बीच एक घटनाक्रम में सहारा ने 3 सितंबर को हुई सुनवाई में कहा था कि उसने निवेशकों के 25,000 करोड़ रुपये लौटाए हैं.. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इतनी बड़ी रकम कैश में देने पर सवाल किए थे और रकम का स्त्रोत बताने के लिए कहा था. कोर्ट ने बहुत कम समय में आपने ज्यादा नकदी को जमा करने पर सवाल किए थे जिस पर सहारा ग्रुप ने किसी भी जांच के लिए तैयार होने का तर्क दिया था.

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