Wednesday, 26 July 2017

आरबीआई ने अब तक क्यों नहीं बताई बंद किए गए नोटों की संख्या : रास में विपक्ष ने किया सवाल

नयी दिल्ली, 25 जुलाई भाषा राज्यसभा में आज विपक्ष ने सवाल किया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने विमुद्रीकरण के नौ माह बीत जाने के बावजूद आज तक यह क्यों नहीं बताया कि प्रचलन से बंद किए गए 500 रूपये और 1000 रूपये के कितने नोट बैंकों में वापस आए हैं।

कांग्रेस के आनंद शर्मा ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा नौ माह के गर्भ के बाद बच्चे का भी जन्म हो जाता है। लेकिन देश को अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि प्रचलन से बंद किए गए 500 रूपये और 1000 रूपये के कितने नोट बैंकों में वापस आए हैं।

सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों का प्रचलन बंद कर दिया था। यह कदम कालेधन तथा नकली नोटों को बाहर निकालने के उद्देश्य से उठाया गया था। इस कदम के बाद सरकार ने प्रचलन से बंद किए गए नोटों को बैंकों में जमा कराने या इन्हें बदल कर नए नोट लेने के लिए अलग अलग समयबद्ध योजनाएं चलाईं। पुराने नोट जमा करने की अंतिम तारीख 30 जून 2017 थी।

शर्मा ने कहा हम चंद्रमा पर, मंगल पर जाने की बात करते हैं , डिजिटल भारत की बात करते हैं लेकिन आप रूपये नहीं गिन सकते। उन्होने कहा कि यह बताया जाना चाहिए कि 500 रूपये और 1000 रूपये के कितने नोट प्रचलन से बंद किए जाने के बाद बैंकों में वापस आए हैं।

विभिन्न दलों के सदस्यों के समर्थन जताने पर शर्मा ने कहा मैं आरबीआई के लिए नोट गिनने नहीं जा रहा हूं।

विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए आरबीआई ने वापस आए नोटों का ब्यौरा देने से इंकार कर दिया है।

दो दिसंबर 2106 को राज्यसभा में विा राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, 500 रूपये के 1716.5 करोड़ नोट तथा 1000 रूपये के 685.8 करोड़ नोट चलन में थे जिनका कुल मूल्य 15.44 लाख करोड़ रूपये था। यह राशि प्रचलन मे रही कुल करेंन्सी का 86 फीसदी है।

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