होटल किराये पर जीएसटी का स्टार रेटिंग से कोई संबंध नहीं है. मसलन, यटि किसी पांच सितारा होटल में कमरे का किराया 7500 रुपये से कम हो तो भी वहां 18 फीसदी की दर से ही जीएसटी लगाया जाएगा.
नई दिल्ली: पूरे देश को एक बाजार बनाने वाली कर व्यवस्था, वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी को लेकर वित्त मंत्रालय ने दो स्पष्टीकरण जारी किए हैं. मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि कपड़े पर जीएसटी की व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नही होगा, वहीं होटल के किराये पर जीएसटी का स्टार रेटिंग से कोई संबंध नहीं है.
पहले बात कपड़ों पर जीएसटी को लेकर. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में जानकारी दी कि जीएसटी की वजह से संगठित व्यापारियों और असंगठित क्षेत्र के कारोबारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. जेटली का ये बयान ऐसे समय में आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में कपड़ा कारोबारी जीएसटी को लेकर अपनी दुकान बंद कर सड़कों पर हैं. गुजरात के सूरत में तो नित धरने प्रदर्शन हो रहे हैं. व्यापारियों-कारोबारियों का मांग है कि फैब्रिक यानी बिना सिले कपड़े पर जीएसटी नहीं लगाया जाए. उनका ये भी कहना है कि कपड़ों पर कभी जीएशटी नहीं लगाया गया, तो अब क्यों.
फिलहाल, जेटली ने लिखित जवाब में बताया कि फैब्रिक पर जीएसटी नहीं लगाने की मांग नहीं माने जाने के कई कारण है. मसलन,
-फैब्रिक पर अगर जीएसटी नहीं लगा तो तो इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट का चेन टूट जाएगा. नतीजतन, गारमेंट बनाने वालों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलेगा4.
-फैब्रिक पर अगर जीएसटी नहीं लगा तो इंपोर्टेड फैब्रिक पर भी कस्टम ड्यूटी के अलावा कोई और कर नहीं लगेगा. ऐसे में विदेशी कपड़ा सस्ता पड़ेगा और घरेलू कपड़ा महंगा.
-कोशिश यही है कि जीएसटी की दर, पहले के तमाम कर (केंद्र और राज्य सरकारों को मिलाकर) के बराबर हो. लिहाजा जीएसटी लागू होने के बाद फैब्रिक के दाम बढ़ने के आसार नहीं.
जवाब में ये स्वतंत्र भारत में कपडों पर कभी कर नहीं लगाए जाने के तर्क को खारिज किया गया. सरकार के मुताबिक, हकीकत ये है कि 2003-04 में पूरे टेक्सटाइल्स सेक्टर पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाया गया था. सरकार ने इस मौकों पर कारोबारियों-व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए हर जरुरी सहूलियतें मुहैया करायी गयी है.
होटल किराये पर जीएसटी
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि होटल किराये पर जीएसटी का स्टार रेटिंग से कोई संबंध नहीं है. मसलन, यटि किसी पांच सितारा होटल में कमरे का किराया 7500 रुपये से कम हो तो भी वहां 18 फीसदी की दर से ही जीएसटी लगाया जाएगा. मंत्रालय ने ये सफाई सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को लेकर दिया है जिसमें कहा गया कि पांच सितारा होटलों में जीएसटी की दर 28 फीसदी होगी.
ध्यान रहे कि कमरे कि किराया यदि 1000 रुपये से कम है तो वहां जीएसटी नहीं लगेगा. वहीं 1000 रुपये से ज्यादा लेकिन 2500 रुपये से कम हो तो वहां 12 फीसदी की दर से, 2500 रुपये से ज्यादा लेकिन साढ़े सात हजार रुपये से कम हो तो 18 फीसदी और 7500 हजार रुपये से ज्यादा किराया होने पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा.
Source:abplive.in
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