जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय कॉरपोरेट जगत की यह शायद सबसे विस्मयकारी घटना है। देश के सबसे प्रतिष्ठित टाटा उद्योग समूह के चेयरमैन साइरस मिस्त्री को सोमवार को अचानक ही उनके पद से हटा दिया गया है। मिस्त्री के स्थान पर टाटा समूह के पुराने प्रमुख रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है। साथ ही नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए पांच सदस्यों वाली एक विशेष समिति भी गठित की गई है।
समिति चार महीने में सौ अरब डॉलर से ज्यादा के सालाना कारोबार वाले इस अंतरराष्ट्रीय उद्योग समूह के नए चेयरमैन का चयन करेगी। इस घटना ने टाटा समूह के भीतर चल रहे उथल-पुथल को बाहर ला दिया है। जानकार मान रहे हैं कि जिस हिसाब से कारोबार का माहौल चुनौतीपूर्ण हो गया है, उसमें इस तरह के घटनाक्रम पूरे समूह पर भारी पड़ सकता है।
समूह की तरफ से जारी बयान के मुताबिक टाटा संस की सोमवार को हुई निदेशक बोर्ड की बैठक में साइरस पी मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने का फैसला किया गया है। नए चेयरमैन के चयन के लिए रतन एन टाटा, वेणु श्रीनिवासन, अमित चंद्रा, रोनेन सेन और लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य की एक विशेष समिति बनाई गई है।
यह भी दिलचस्प है कि इस समिति में टाटा संस में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले शपूर पलोनजी के निदेशक बोर्ड से किसी प्रतिनिधि को इस समिति में शामिल नहीं किया गया है। साइरस को चार वर्ष पहले शपूरजी पलोनजी के प्रतिनिधि के तौर पर ही टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
Source:jagran.com
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