गणतंत्र दिवस में दिखेगा तेजस
गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर होने वाली परेड में इस बार देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस भी हिस्सा लेगा. बीकानेर से तीन तेजस विमान उड़ान भरेंगे और परेड के दौरान राजपथ के ऊपर से गुजरेंगे. तेजस को पिछले साल ही भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था.
1989 में हुए एक हादसे के बाद से आमतौर पर सिंगल इंजन वाले एयरक्राफ्ट को सुरक्षा की दृष्टि से इस तरह के समारोह में शामिल करने से बचा जाता रहा है. अक्टूबर 1989 में मिराज 2000 फाइटर प्लेन पालम एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना की 57वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
दरअसल एक इंजन वाले जेटविमानों के अपेक्षाकृत नीचे उड़ने पर पक्षियों से टकराने का खतरा रहता है. इसलिए जब विशाल जनसमूह मौजूद हो या महत्वपूर्ण हस्तियां उपस्थित हों तब इन विमानों को उड़ाने से बचा जाता है, हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक ये कोई नियम नहीं है. द हिंदू की खबर के मुताबिक एयर मार्शल (रिटायर्ड) एम मथेस्वरम ने कहा कि मिग 21 और मिराज 2000 राजपथ पर उड़ान भर चुके हैं, हालांकि उन्होंने भी माना कि ये बहुत आम नहीं है.
तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानि एचएएल ने बनाया है. 2018 तक 18 विमान यानि पहला स्क्वाड्रन वायुसेना के लिए तैयार हो जाएगा. इसके बाद ही तेजस को किसी फॉरवर्ड एरिया में तैनात किया जाएगा. तेजस वायुसेना में मिग-21 की जगह लेगा. सेना ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को 120 तेजस का ऑर्डर दिया है. इससे वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और देसी होने की वजह से इसकी किसी भी चीज के लिए कभी दूसरों का मोहताज नहीं होना होगा. तेजस की लंबाई 13.2 मीटर और ऊंचाई 4.4 मीटर है. तेजस का वजन 6,560 किलोग्राम है. इसके विंग्स 8.2 मीटर चौड़े हैं.
Source:aajtak.in
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