टोक्यो, आइएएनएस। सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए जापान के रक्षा मंत्रालय ने पहला संचार उपग्रह लांच किया है। इससे सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच सूचनाओं का सटीक आदान-प्रदान हो सकेगा।
चीन के साथ समुद्री सीमाओं और द्वीपों पर अधिकार को लेकर जारी तनातनी के बीच जापान ने अपने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। संसद ने वर्ष 2008 में अंतरिक्ष के इस्तेमाल को लेकर प्रस्ताव पारित किया था।
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जाक्सा) और मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को अत्याधुनिक एक्स बैंड पर आधारित किरामेकी-2 को एच-2ए लांच व्हिकल से सफल प्रक्षेपण किया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, सेटेलाइट को कागोशिमा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया।
सशस्त्र बल सेल्फ डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के संचार नेटवर्क को उन्नत करने के मिशन के तहत रक्षा मंत्रालय का यह पहला सेटेलाइट है। दो और संचार उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे। इसकी मदद से सैन्य बल सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे। ¨हद महासागर क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा सकेगी। समुद्री लुटेरों से निपटने में भी यह मददगार साबित होगा।
Source:jagran.com
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