Tuesday, 17 January 2017

पाकिस्तान: बेटी को जिंदा जलाने वाली मां को मिली मौत की सजा

लाहौर
पाकिस्तान में एक मां को 16 वर्षीय अपनी पुत्री को जिंदा जलाने के लिए सोमवार को मौत की सजा सुनायी गई। मृतक लड़की घर से भाग गई थी और परिवार की सहमति के बिना विवाह कर लिया था। कुछ ही महीने पहले संसद ने ‘झूठी शान के लिए हत्या’ के वास्ते सजा का एक नया कानून बनाया था।

लड़की जीनत रफीक को उसकी मां परवीन बीबी ने जून 2016 में जिंदा जला दिया था। वह एक सप्ताह पहले हसन खान नाम के व्यक्ति से यहां एक अदालत के समक्ष विवाह करने के लिए घर से भाग गई थी। परवीन ने इससे पहले अपनी पुत्री की परिवार की बदनामी करने के लिए हत्या करने की बात कबूल की थी। पुलिस ने संदेह व्यक्त किया था कि इस कृत्य में परवीन की उसके पुत्र और एक दामाद ने मदद की थी। लाहौर स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत के न्यायाधीश चौधरी मोहम्मद इलियास ने परवीन को झूठी शान के लिए हत्या मामले में मौत की सजा सुनायी।

जीनत के भाई अनीस को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गई। अदालत ने यद्यपि दामाद जफर को बरी कर दिया। अदालत में दोनों दोषियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले जीनत की पिटायी की थी और उसके बाद उसकी मां ने उसे बिस्तर से बांध दिया और उस पर केरोसिन का तेल डालकर आग लगा दी। परवीन आज अदालत में पेश हुई और जीनत की मौत की जिम्मेदारी स्वीकार की। जीनत का पति हसन खान गत जून में अपनी पत्नी को उसके घर भेजने पर तैयार हुआ था। हसन खान अपनी पत्नी को तब उसके घर भेजने को तैयार हुआ जब उसके परिवार ने दोनों का पारंपरिक तरीके से विवाह कराने की बात कही थी।

Source:indiatimes.com

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