वाशिंगटन। बीते कई दिनों से भारत और पाकिस्तान के संबंध कुछ अच्छे नहीं है। पाक पीएम नवाज शरीफ ने पिछले दिनों कश्मीर पर कब्जे की बात कही थी। लेकिन अब पाकिस्तान के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने भारत का समर्थन किया है। यूएस में हक्कानी ने कहा कि कश्मीर अंतरराष्ट्रीय नहीं हमारा घरेलू मुद्दा है। इसे हमें घर में ही सुलझाना चाहिए।

हुसैन हक्कानी ने किया भारत का समर्थन, दिया मोदी का साथ
पाक के पूर्व राजदूत ने यहां भारत का साथ देते हुए कहा कि पाकिस्तान को हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे लोगों को जेल में डाल देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद पर फैसला करना चाहिए। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान हमेशा भारत के खिलाफ ही रहा है। पहली बार किसी पाकिस्तानी नेता ने भारत और पीएम मोदी के सुर में सुर मिलाए हैं। बीते दिन भारत की खिलाफत करते हुए पाकिस्तानी जनरल राहील शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान-चीन आर्थिक कॉरिडोर परियोजना को हर हाल में कामयाब बनाया जाएगा।
हक्कानी ने कहा कि एक संबंध जो पिछले 69 वर्षों से नहीं सुलझा वह केवल प्रतीकात्मक भाव भंगिमाओं से नहीं सुलझ सकता। दोनों देशों के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन इसके लिए रुख में भी एक बड़े बदलाव की जरूरत है। रुख में वह बदलाव नहीं आया है। उन्होंने यह बात तब कही कि जब उनसे भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार के लिए मोदी की ओर किये गए प्रयासों की समीक्षा करने के लिए कहा गया, जो वर्तमान की तुलना में उनके कार्यकाल की शुरुआत में काफी आशाजनक थे।
इस बात को लेकर पाकिस्तानी मीडिया ने एक बार फिर भारत पर निशाना साधा था। साफ़ है कि पकिस्तान की मंशा चीन के साथ मिल कर भारत को जल्द से जल्द घेरने की रही है। वहीं, इससे पहले पकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी भारत के कश्मीर को पाकिस्तानी हिस्सा बनता देखने की बात कह चुके हैं।
Courtesy: puriduniya. Com
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